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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita Mat Mar Pichkari
    कविताएँ

    मत मार पिचकारी | Kavita Mat Mar Pichkari

    ByAdmin March 26, 2024

    मत मार पिचकारी ( Mat Mar Pichkari )   मत मार पिचकारी, मेरी भीगी चुनरिया सारी। रंग मत डारे रे सांवरिया, मोहन मदन मुरारी। रंग गुलाल उड़े फागुनी, मधुर बजे मुरली थारी। झूम झूम गुजरिया नाचे, नाच रही राधा प्यारी। चंग बजे बांसुरी की धुन, मस्त हुई दुनिया सारी। रसिया मोहन प्यारे आजा, धूम मच…

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  • Hey Raja
    भोजपुरी

    हे राजा हमके चौपाटी घुमाय द्या | Hey Raja

    ByAdmin March 26, 2024

    हे! राजा हमके चौपाटी घुमाय द्या माया नगरिया कै चेहरा दिखाए द्या, हे! राजा हमके चौपाटी घुमाय द्या। (2) सोना और चाँदी जैसी मुंबई नगरिया, गम-गम-गमकै-गमकै लै रानी ई डगरिया। जुहू बीच कै भुट्टा तू पहिले खियाय द्या, हे! राजा हमके चौपाटी घुमाय द्या। माया नगरिया कै चेहरा दिखाए द्या, हे! राजा हमके चौपाटी घुमाय…

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  • Kavita Sab Sansar Main
    कविताएँ

    सब संसार में | Kavita Sab Sansar Main

    ByAdmin March 26, 2024

    सब संसार में ( Sab Sansar Main )   तांबे की जमी होगी आफताब सर पर होगा हश्र के मैंदा में जब हमारा मिलना होगा होगी न जरूरत कहने की कुछ रब से सारा हिसाब पन्नों मे लिखा अपना होगा कर लो नफ़रत या मुहब्बत पूजा अर्चना या इबादत जाने जाओगे सिर्फ इंसान के नाम…

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  • Kavita Ye Sare Satrangi Rang
    कविताएँ

    ये सारे सतरंगी रंग | Kavita Ye Sare Satrangi Rang

    ByAdmin March 26, 2024

    ये सारे सतरंगी रंग ( Ye Sare Satrangi Rang )   खुशी में डूबे रंग खिलखिला रहे हैं, इतने सारे सतरंगी रंग, कि पुष्प भी चुरा रहे है रंग, आज तितलियों के लिये। जब कोई मिलता है अपना, एक रंग, दूसरे रंग से, तब परिवर्तित हो जाता है, उसका रंग पहले से। कितने सारे रंग…

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  • Kahani Ek Hansti Hui Ladki
    कहानियां

    एक हंसती हुई लड़की | Kahani Ek Hansti Hui Ladki

    ByAdmin March 26, 2024

    लोग उसे बातूनी कहते हैं। कभी-कभी तो उसकी सहेलियां उसे निरी पागल तक कह कर चिढ़ाती हैं। ऐसा कहने पर भी चिढ़ने की जगह वह ठठा मार कर हंसती रहती हैं। खुश वह इतनी रहती की पूरी क्लास में उसके हंसी ठहाके गूंजता। वह क्लास में हो और ठहाके ना हो ऐसा कभी हुआ नहीं…

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  • “शिव जी होली खेले कैलास”
    साहित्यिक गतिविधि

    “शिव जी होली खेले कैलास”

    ByAdmin March 26, 2024

    एक तरफ इस मास मधुमास में जहांँ सभी गायक होली एवं जोगीरा के स्वर अलाप रहे हैं वहीं दूसरी ओर गाँव की बेटी सुष्मिता पासवान पारंपरिक होली “शिव जी होली खेले कैलास ” से जनमानस में अपनी पहचान बना रही है। सुष्मिता गायन के क्षितिज पर गाँव से आती है। गायन क्षेत्र में गाँव की…

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  • ‘शब्दाक्षर’ झुंझुनूं ने होली पर कविताओं की बहाई, फागुनिया बहार
    साहित्यिक गतिविधि

    ‘शब्दाक्षर’ झुंझुनूं ने होली पर कविताओं की बहाई, फागुनिया बहार

    ByAdmin March 26, 2024

    राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दाक्षर के तत्वावधान में शेखावत मार्केट में आरोही फैशन शोरूम में होली स्नेह मिलन एवं काव्य गोष्ठी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीकांत पारीक श्री राजस्थानी ने की। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रामावतार सबलानिया थे । कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि भारत स्काउट गाइड प्रधान मुरली मनोहर चोबदार, जगदीश प्रसाद जांगिड़,…

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  • Kavita Bura na Mano Holi Hai
    कविताएँ

    बुरा ना मानो होली है | Kavita Bura na Mano Holi Hai

    ByAdmin March 26, 2024March 12, 2025

    बुरा ना मानो होली है ( Bura na Mano Holi Hai ) बुरा न मानो होली है हुड़दंगियों की बोली है बुरा न मानो होली है सबसे पहले बच्चे निकले पिचकारी से रंग निकले एक दूजे पर रंग मल दे हंसते हंसते जंग कर दे बाँहे सबने खोली है । बुरा न मानो होली है…

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  • Kavita Holi ka Rang
    कविताएँ

    होली का रंग | Kavita Holi ka Rang

    ByAdmin March 26, 2024

    होली का रंग ( Holi ka Rang ) भर पिचकारी उड़ा गुलाल रंगा रंग बना होली, प्रेम में सब उमड़े खिले मुखड़े ऐसी बना होली । त्वचा का भी ध्यान रख, कुदरत का भी मान रख, गुलाल लगा कर जश्न कर फिर सबका सम्मान रख । घर गली मोहल्ला सब, रंगो की बरसात कर, बुढी़…

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  • Laghu Katha Mutthi Bhar Gulal
    कहानियां

    मुट्ठी भर गुलाल | Laghu Katha Mutthi Bhar Gulal

    ByAdmin March 25, 2024March 26, 2024

    “आओ सोमेश्वर आओ, आज होली का दिन है। जब तक जिंदगी है तब तक तो मालिक और मजदूर चलता ही रहेगा। लेकिन बैठो, मालपुए और दहीबड़े खाकर अपने घर जाना।” परमेश्वर ठाकुर ने सोमेश्वर को प्यार से बुलाते हुए कहा। “हांँ मालिक, क्यों नहीं,जरूर खाकर ही जाएंगे।” वह कुछ दूर बैठते हुए कहा। “दूर बैठने…

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