• सफर | Kavita Safar

    सफर ( Safar )   हंसाती भी है रुलाती भी है जिंदगी न जाने कितने मोड पर लाती है जिंदगी कटते जाता है सफर दिन रात की तरह मौसम के जैसे बदलती जाती है जिंदगी मिलते हैं अपने भी और पराये भी यहाँ सभी के साथ ही गुजरती जाती है जिंदगी बहते रहना है हमें…

  • नेचुरल कलर | Natural Colour

    हमारे मोहल्ले के श्रीमान चंपकलाल जी एक नेचर लवर है । इस बार होली के त्यौहार से पहले उन्होंने सभी बच्चों को समझाया कि,”बच्चों बाज़ार में मिलने वाले गुलाल व कलर केमिकल युक्त होते हैं, जिससे हमारी त्वचा एवं शरीर को नुक़सान होता है इसलिए हम सभी को प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलनी चाहिए…

  • शहीद दिवस | Kavita Shaheed Diwas

    शहीद दिवस ( Shaheed Diwas ) फांसी के फंदे से,आजादी का सिंहनाद तेईस मार्च उन्नीस सौ इक्कतीस, दिवस अद्भुत मोहक सोहक । उमंग उल्लास प्रकृति पटल, कायिक प्रभा अनंत रोहक । असीम नमन दिव्य बलिवेदी, हिय हिलोरित राष्ट्र प्रेम निर्बाध । फांसी के फंदे से, आजादी का सिंहनाद ।। आत्मविश्वासी अभय कदम, चाल ढाल रण…

  • खेलो रे होली | Holi ke Geet

    खेलो रे होली  ( Khelo re Holi ) खेलो खेलो रे, खेलो खेलो रे, खेलो रे होली, साथी खेलो रे !! रंग लगाओ, सबको गले लगाओ, मौज मनाओ भाई गुंजिया खाओ, रंगो में रंगो के, मेल मिलाओ, खुशियों का आनंद सब ले लो रे ! खेलो खेलो रे, खेलो खेलो रे, खेलो रे होली, साथी…

  • होलिया में उड़े रे ग़ुलाल | Holi me Ude re Gulal

    होलिया में उड़े रे ग़ुलाल ( Holi me Ude re Gulal ) होलिया में उड़े रे ग़ुलाल, मिलिहा जोगनिया से। चलती है आता है भूचाल, मिलिहा जोगनिया से। होलिया में उड़े रे ग़ुलाल, मिलिहा जोगनिया से। रस से भरी है उसकी बदनियाँ, करना न उससे तनिकौ नदनियाँ। है पंखुड़ी जैसा उसका गाल, मिलिहा जोगनिया से।…

  • इस्लाम का पैग़म्बर | Islam ka Paigambar

    इस्लाम का पैग़म्बर ( Islam ka Paigambar )   अल्लाह के हुक़्मरान से ये धर्म जिन्होंने बनाया, जिनके विचारों का ये धर्म इस्लाम है कहलाया। ईद मिलाद-उन-नबी पर्व उनकी याद में मनाया, जो मीठी-ईद एवं ईद-उल-फितर है कहलाया।। भारत संग कई देशों ने इसे धूम-धाम से मनाया, पैग़म्बर मोहम्मद साहब की याद सबको आया। मुख्यतः…

  • आ जाइए जनाब | Aa Jaiye Janab

    आ जाइए जनाब ( Aa Jaiye Janab )   होली उमड़ रही अभी आजाइए जनाब। व्यंजन बड़े लज़ीज़ हैं खा जाइएजनाब। सबपे चढ़ा हुआ यहां है इश्क रंग खास, तो देर किसलिए भला छा जाइए जनाब। छोड़ो शिकायतें सभी खुशियां अभी बटोर, दौलत बड़ी ये काम की पा जाइए जनाब। लेकर अबीर हाथ में दिल…

  • ताबूत | Kavita Taaboot

    ताबूत ( Taaboot )   गुजर जाती हैं बातें भी, गुजरे हुए दिन की तरह छोड़ जाती हैं दर्द भी चुभती कील की तरह रख लो दिल में भले, किसी को जितना चाहो रहोगे बातों में मगर तुम, किसी गैर की तरह रहो लुटाते जान अपनी, ये जान तो तुम्हारी है झटक देंगे आन पर…

  • अम्मा याद आईं | Kavita Amma Yaad Aayi

    अम्मा याद आईं ( Amma yaad Aayi )   अबकी होली में ‌ न जाने क्यों अम्मा याद आईं, मेरे पास कोई ऐसा भी नंबर होता, जो उससे भी बात हो पाती , उस देश का पता होता, जहां वो चली गई है, तो जरूर उसे, एक चिट्ठी लिखता, उसे लिखता कि, तेरे बिन यह…

  • जल है तो कल है | Kavita Jal Hai to Kal Hai

    जल है तो कल है ( Jal Hai to Kal Hai )   सृष्टि पंच तत्व प्रभा, जल अद्भुत अनमोल । जीवन आयुष श्रेष्ठ पद, पग पग दिव्य तोल । अमृत तुल्य नीर संग , जीवंत हर पल है । जल है तो कल है ।। पेयजल दुरूपयोग व्यर्थता, सर्वदा अक्षम्य पाप । अवांछित कृत्य…