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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • मधुरिम-बंसत | Madhurim Basant
    कविताएँ

    मधुरिम-बंसत | Madhurim Basant

    ByAdmin March 4, 2024March 4, 2024

    मधुरिम-बंसत ( Madhurim-Basant ) तुम आये हो नव-बंसत बन कर मेरे प्रेम – नगर में दुष्यंत बन कर कुंठित हो चुकी थीं वेदनाएँ बिखर गई थीं सम्भावनाएँ आज पथरीली बंजर ह्रदय की धरा को चीर कर फिर फूटा एक प्रेम अंकुर….. पतझड़ की डोली हो गई विदा विदाई के गीत गाने लगी वियोगी हवा अतीत…

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  • शबरी जीवन | Shabari Jeevan
    कविताएँ

    शबरी जीवन | Shabari Jeevan

    ByAdmin March 4, 2024

    शबरी जीवन ( Shabari Jeevan )   शबरी जीवन धन्य हुआ, राम नवधा भक्ति से ************ अवतरण भव्य भील समुदाय, मूल संज्ञा संबोधन श्रमणा । रक्त संबंध शबर जाति कारण, शबरी नाम सृष्टि पट रमणा । बाल्यकाल परिणय भील कुमार, पर विच्छेदन पशु बलि दृश विरक्ति से । शबरी जीवन धन्य हुआ, राम नवधा भक्ति…

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  • शिक्षाविद समाज रत्न बनवारी लाल रणंवा का नागरिक अभिनंदन एवं विराट कवि सम्मेलन आयोजित
    साहित्यिक गतिविधि

    शिक्षाविद समाज रत्न बनवारी लाल रणंवा का नागरिक अभिनंदन एवं विराट कवि सम्मेलन आयोजित

    ByAdmin March 3, 2024

    नवलगढ़ स्थानीय वर्मा हवेली मे प्रसिद्ध कवि हरिश हिंदुस्तानी के नेतृत्व में शिक्षाविद समाज रत्न बालिका शिक्षा के पुरोधा, गौ सेवक, गरीबो के सहयोग डीपीएस शिक्षण संस्था के संस्थापक श्री बनवारी लाल रणंवा का नागरिक अभिनंदन व विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। नवलगढ व शेखावाटी की सैकड़ो सामाजिक शैक्षणिक साहित्यिक संस्थाओं ने शाॅल…

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  • Astitv
    कविताएँ

    अस्तित्व | Astitv

    ByAdmin March 3, 2024

    अस्तित्व ( Astitv )    समाज ही होने लगे जब संस्कार विहीन तब सभ्यता की बातें रह जाती हैं कल्पना मात्र ही सत्य दब जाता है झूठ के बोझ तले अवरुद्ध हो जाते हैं सफलता के मार्ग चल उठता है सिर्फ दोषा रोपण का क्रम एक दूसरे के प्रति मर जाती है भावनाएं आपसी खत्म…

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  • Mridul Vani
    कविताएँ

    मृदुल वाणी | Mridul Vani

    ByAdmin March 3, 2024

    मृदुल वाणी ( Mridul vani )    मृदुल वाणी मधुर वचन मन मोह लेते बोल सदेव मीठी वाणी मन मोह लेते मोर बोले मृदुल नाचे वन उपवन में मोरनी का मन भावन वन उपवन में मोर रंग रूप-स्वरूप सुंदर सुहाना सलोना मानव प्राणी सुन तान पावन सुहाना सलोना सुंदर स़ूरत मोहक मूर्त पग काले कलूटे…

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  • I Love you Mein
    कविताएँ

    आई लव यू में | I Love you Mein

    ByAdmin March 3, 2024

    आई लव यू में ( I Love you Mein ) प्रेम जप तप लगन , तन मन मुदित भाव । निहार अक्स आकर्षण, जीवन सौम्य शीतल छांव । शब्द अर्थ अभिव्यंजना , हृदय श्रोत मधुरता अथाह । आई लव यू में,अपनत्व का सरित प्रवाह।। अंतराल विलोप पथ, मैत्री चाहना परिवेश । हर पल आनंद जन्य,…

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  • Tum Kyon Nahi Aate
    कविताएँ

    तुम क्यों नहीं आते | Tum Kyon Nahi Aate

    ByAdmin March 3, 2024March 3, 2024

    तुम क्यों नहीं आते ( Tum Kyon Nahi Aate )    पलाश के फूल भी मौसम आने पर खिल जाते हैं धरती और अंबर भी एक वक्त पर मिल जाते हैं मगर हम तुम क्यों मिल नहीं पाते ? मन के फूल क्यों खिल नहीं पाते ? आओ देखो ! बाग़ों में महुआ महक रहा…

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  • Kisano ki Rahen
    कविताएँ

    किसानों की राहें | Kisano ki Rahen

    ByAdmin March 2, 2024

    किसानों की राहें! ( Kisano ki Rahen )   आँसू से लथपथ किसानों की राहें, कोई उनसे कह दे वो घर लौट जाएँ। सियासी अखाड़े उन्हें छोड़ दें अब, मुसीबत पहाड़ों की या तोड़ दें अब। लागत किसानों की तो वो दिलाएँ, कोई उनसे कह दे वो घर लौट जाएँ। आँसू से लथपथ किसानों की…

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  • Anusaran
    कविताएँ

    अनुसरण | Anusaran

    ByAdmin March 2, 2024

    अनुसरण ( Anusaran )   यह जरूरी नहीं कि आप हर किसी के साथ हर काम में साथ-साथ रहे किंतु यह जरूरी है कि मानसिक और भावनाओं में सदैव अपनों के साथ रहें  आर्थिक और व्यक्तिगत संबंध से अधिक  व्यावहारिक सहयोग जरूरी है  व्यस्तता और परेशानी सभी से जुड़ी है फिर भी उम्मीदें अपनों से…

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  • कवि हूँ कविता में जिन्दा रहता हूँ | Kavi Hoon
    कविताएँ

    कवि हूँ कविता में जिन्दा रहता हूँ | Kavi Hoon

    ByAdmin March 2, 2024March 2, 2024

    कवि हूँ, कविता में जिन्दा रहता हूँ ( Kavi Hoon Kavita me Jinda Rahta Hoon )    तुम समझ सको, शब्दों की भाषा, तुम जान सको, सपनों की आशा। बादलों का उड़ना, तुम देख सको, बहती हवा को, तुम महसूस करो। तुम डूब के जानो, सागर की गहराई, तुम उड़ के नापो, अम्बर की ऊँचाई।…

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