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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • चतरू चाचा आए | Chatru Chacha Aaye
    नवगीत

    चतरू चाचा आए | Chatru Chacha Aaye

    ByAdmin December 19, 2023

    चतरू चाचा आए ( Chatru chacha aaye )  शहर बसे बेटे के घर जब , चतरू चाचा आए . सहम गए थे पूत -पतोहू , बच्चे भी चकराए . लगे बहू को निशिदिन ही अब , होगी टोकाटाकी . नहीं रुचेंगी इन्हें गैस की , रोटी काची पाकी . चूल्हा खोदे खाट बिछी ये ,…

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  • Kal aur Aaj
    कविताएँ

    कल और आज | Kal aur Aaj

    ByAdmin December 19, 2023

    कल और आज ( Kal aur aaj )    पहले जब सात्विक खाते थे, तब हम तंदुरुस्त कहलाते थे। आज केएफसी में जाते हैं, तामसी आहार मंगवाते हैं। पहले घर पर खाना बनता था, शुद्ध और सतोगुणी होता था। आज बाहर से खाना आता हैं, साथ में ढेरों बीमारी लाता हैं। पहले घर पर गेहूं…

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  • Chala Jayega 2023
    कविताएँ

    चला जायेगा साल तेईस | Chala Jayega 2023

    ByAdmin December 19, 2023

    चला जायेगा साल तेईस ( Chala Jayega 2023 )    चला जायेगा साल तेईस आ गया है दिसंबर दो बातें याद है मुझे एक आपकी शक्ल एक आपका नम्बर चला जायेगा साल तेईस कुछ नहीं हुआ ऐसे बीता जैसे और बीतते थे एक बदलाव आया है मुझे बाप जैसा दोस्त खोया है रविन्द्र गासो चला…

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  • Dosti ke Naam
    कविताएँ

    दोस्ती के नाम | Dosti ke Naam

    ByAdmin December 19, 2023

    दोस्ती के नाम ( Dosti ke Naam )    संग फिजा के दोस्ती की महक भेजना सर पर हमेशा मुश्किल में हाथ रखना डूबते सूरज के हाथ थोड़ी रोशनी भेजना, संग चांद के थोड़ी चांदनी भेजना… कड़कती धूप में पेड़ की छाया बनना बरसती बरसात में तुम छत्री कहलाना यह दोस्ती के हर वादे को…

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  • आँखों में डूब जाने को | Aankhon mein Doob Jaane ko
    ग़ज़ल

    आँखों में डूब जाने को | Aankhon mein Doob Jaane ko

    ByAdmin December 19, 2023December 19, 2023

    आँखों में डूब जाने को ( Aankhon mein doob jaane ko )    वो बेक़रार हैं ख़ुद राज़े-दिल बताने को सजा रहे हैं बड़े दिल से आशियाने को मिला है साथ हमें तेरा जब से ऐ हमदम बढ़ा दिये हैं क़दम आसमां झुकाने को तुम्हारा फूल सा चेहरा रहे खिला हरदम मैं तोड़ लाऊँ सितारे…

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  • Aaj ka Aadmi
    शेरो-शायरी

    आज का आदमी | Aaj ka Aadmi

    ByAdmin December 19, 2023

    आज का आदमी ! ( Aaj ka Aadmi )    मादरी जबान से कट रहा आज का आदमी, अंग्रेजी में नाक ऊँची कर रहा आज का आदमी। ऊपर से नीचे तक का लिबास चाहिए विदेशी, अपनी ही पहचान भूल रहा आज का आदमी। अपने दिल की जमीं पे बो रहा विदेशी संस्कार, खुद का संस्कार…

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  • Chai ki Chuskiyan
    कविताएँ

    चाय की चुस्कियां | Chai ki Chuskiyan

    ByAdmin December 19, 2023

    चाय की चुस्कियां ( Chai ki chuskiyan )   चाय की चुस्कियों में तबियत खुश हो गई। चेहरे पे रंगत छाई आंगन में रौनक हो गई। महक उठी महफिल अजीज मिल बैठे यार। कहकहो का दौर लेके आई हंसी की बहार। चाय की चुस्कियों ने मीठी कर दी जुबान को। अदरक ने रुतबे से खुश…

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  • राज अपने भी हमसे छुपाने चले हैं | Raaz Apne
    कविताएँ

    राज अपने भी हमसे छुपाने चले हैं | Raaz Apne

    ByAdmin December 19, 2023

    राज अपने भी हमसे छुपाने चले हैं   लीक से हमको हटाने चले हैं, रीत नई वो निभाने चले हैं। मिटा ना सकेंगे निशां वो हमारे, दिलों में दूरियां बनाने चले हैं। महफिल जमाकर भुलाने चले हैं, यादों से अपनी मिटाने चले हैं। लेखनी का जादू भुला ना सकेंगे, तेवर यूं रूखा सा दिखाने चले…

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  • Treta Sum Ehsaas
    कविताएँ

    त्रेता सम अहसास | Treta Sum Ehsaas

    ByAdmin December 18, 2023December 19, 2023

    त्रेता सम अहसास ( Treta sum ehsaas )    कलयुग में हो रहा,त्रेता सम अहसास हिंद रज रज अति हुलसित, निहार राम मंदिर निर्माण । कल्पना भव्य साकार रूप, जनमानस स्पर्श पथ निर्वाण । बाईस जनवरी दो हजार चौबीस, सर्वत्र रामलला प्राण प्रतिष्ठा उजास । कलयुग में हो रहा त्रेता सम अहसास ।। जय श्री…

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  • जाग रे तू जाग | Jaag re Tu Jaag
    नवगीत

    जाग रे तू जाग | Jaag re Tu Jaag

    ByAdmin December 18, 2023

    जाग रे! तू जाग!! ( Jaag re tu jaag )   फन उठाये आ रहे हैं, वंचना के नाग। देखना अब त्याग सपना। कर प्रकाशित दीप अपना। ये गरल के सचल वाहक, दूर इनसे भाग। है अमंगल निकट आना। दूध मत इनको पिलाना। छोड़ते मुंह से सदा ये, बस विषैले झाग। केंचुलें रंगीन इनकी। कालिमा…

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