• हिंदी मेरी शान है | Hindi Meri Shaan

    हिंदी मेरी शान है ( Hindi Meri Shaan )   हिंदी मेरी शान है, हिंदी मेरी सरल पहचान। हिंदी मेरा वतन है, नित्य करूं मैं गुणगान।। हिंदी मेरी भाषा है, राष्ट्रभाषा सदा महान। हिंदी मेरी मातृभाषा, मातृभूमि का वरदान।। हिंदी मेरा सम्मान है, हिंदी राष्ट्र स्वाभिमान। हिंदी मेरे तन मन रहे, हिंदी मेरा अभिमान।। हिंदी…

  • छलावा | Chalawa

    छलावा ( Chalawa )    रंगीन दुनिया में सबका अपना -अपना पहनावा है, कहीं सच में झूठ,कहीं झूठ में सच का दिखावा है। बेमतलब ख़्वाबों से रिश्ते गढ़ता रहता है कोई मन को तह रख तर्कों से कोई करता छलावा है। आवारा बादलों की ज़द कहाँ समझ पाया दिल ठिकाना और भी इनका बरखा के…

  • तरीके से | Tarike se

    तरीके से ( Tarike se )   जो चला गया छोड़कर वह मिला ही था जाने के लिए हर मेल मुक्कमल नहीं होती कुछ लोग मिलते ही हैं मतलब के लिए उसके लिए वक्त बर्बाद ना कर आपके वक्त की कीमत नहीं होगी आज भी छोड़ देगा तुम्हें कल के लिए इस आज की संगत…

  • बंजारा के मुक्तक | Banjara ke Muktak

    तुम क्यों जाते नहीं सब सहेलियां जाती हैं मंदिर,‌ तुम क्यों जाते नहींखुशगवार मौसम को देख जरा भी मुस्कुराते नहींछत पर ही हिरणी की तरह‌ कुलांचे भरते हो तुमकभी सीढ़ियों से उतर कर, गली तक आते नहीं.. जैसे‌ देखा ही नहीं वह ऐसे देखता था मुझे, जैसे‌ देखा ही नहींमैंने भी उसके बारे में, ज्यादा…

  • एक नदी सी बहे कपूरी | Ek Nadi si Bahe Kapuri

    एक नदी सी बहे कपूरी ( Ek nadi si bahe kapuri )    लिखा भाग का पड़े भोगना , बोलो किससे कहे कपूरी . सारे जग के बोली ताने , गुपचुप रहकर सहे कपूरी . गर्द मर्द ली छीन राम ने , दुर्दिन ये काटे ना कटते . खल कामी दुखिया के दर से ,…

  • आत्मबोध पराकाष्ठा | Atmabodh Parakashtha

    आत्मबोध पराकाष्ठा ( Atmabodh parakashtha )   आत्मबोध पराकाष्ठा, स्वर्वेद अनुपमा में मनुज जीवन परम ध्येय, आत्म ज्ञान अनवरत प्रयास । स्पंदन अलौकिक आभा, साधन साध्य दिव्य उजास । आत्मसात नैतिक जीवन चर्या, अंतर्मन योग ध्यान परिक्रमा में । आत्मबोध पराकाष्ठा, स्वर्वेद अनुपमा में ।। वाराणसी उमराह शोभित, विश्व विशालतम भव्य बिंदु । सात मंजिला…

  • पूनम का चांद | Poonam ka Chand

    पूनम का चांद ( Poonam ka chand )    आसमान का चांद आज कुछ ऐसा चमचमा रहा है मानो नहा कर चांदनी से बिल्कुल अभी आ रहा है। ए चंदा, चांदी से चमक कर चले हो किस ओर कहीं मिलने तुमसे आज आने वाला है कोई चकोर। फूलों की डाली से झांकते ऐसे लग रहे…

  • कुदरत | Kudrat

    कुदरत ( kudrat )    युगों-युगों से निसर्ग की दुनिया दीवानी, चलो आज लिखते हैं कुछ नई कहानी। बाँहें फैलाए खड़ी है ये कुदरत, छेड़ते हैं बातें कुछ उसकी रूहानी। अल्हड़ हवाएँ,वो उड़ते परिन्दे, जगह -जगह छोड़ी है अमिट निशानी। झीलों का देखो वो झलकता बदन, बातें बहुत हैं उसकी आसमानी। नदियों का बहना, नदियों…

  • आज फिर ग़मज़दा हो गया | Gamazada Shayari

    आज फिर ग़मज़दा हो गया ( Aaj Phir Gamazada ho Gaya )   यार भी बेवफ़ा हो गया देखलो वो जुदा हो गया चाहते थे जिसे हम बहुत शख्स मुझसे ख़फ़ा हो गया आज यूं हो गया ज़ीस्त से साथ मेरे दग़ा हो गया अश्क़ छलके मेरी आंख से यार जब तू जुदा हो गया…

  • लम्हे | Lamhe

    लम्हे ( Lamhe )    एक लम्हे में ही कहानी बन जाती है एक लम्हे में ही जीवन बदल जाता है लम्हे के पल को समझना न कम कभी कभी लम्हे में ही जीती बाजी पलट जाती है लम्हे लम्हे ही सांसों का दौर चलता है लम्हे लम्हे ही गगन से बूंद बरसती है लम्हे…