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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • मधुर अहसास | Madhur Ehsaas
    कविताएँ

    मधुर अहसास | Madhur Ehsaas

    ByAdmin December 17, 2023December 17, 2023

    मधुर अहसास ( Madhur ehsaas )   अलौकिक स्पंदन से,अभिस्वीकृत अर्चनाएं मृदुल मधुर अहसास, विमल उर श्रृंगार । चाहत पर राहत, भाव कूप मन आगार । अपनत्व अनूप संबंध, सादर अर्पित याचनाएं । अलौकिक स्पंदन से,अभिस्वीकृत अर्चनाएं ।। आकलन निज भूल त्रुटि, बेझिझक अब स्वीकार । दृढ़ संकल्प भावी जीवन , अनैतिक कृत्य दुत्कार ।…

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  • Subah to Hogi
    कविताएँ

    सुबह तो होगी कभी | Subah to Hogi

    ByAdmin December 16, 2023December 16, 2023

    सुबह तो होगी कभी ! ( Subah to hogi kabhi )   मेरा भारत है महान, जग को बताएँगे, इसकी जमहूरियत का परचम लहरायेंगे। सबसे पहले लोकतंत्र,भारत ईजाद किया, इस क्रम को और गरिमामयी बनाएंगे। विशाल वट-वृक्ष तो ये बन ही चुका है, करेंगे इसका सजदा,सर भी झुकायेँगे। कभी-कभी छाता है घना इसपे कुहरा, बन…

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  • Ration Card
    कहानियां

    राशनकार्ड ( लघुकथा ) | Ration Card

    ByAdmin December 16, 2023

    एक दिन ईशा रसोई के सारे डिब्बे साफ करके बड़े खुश थी सोच रही थी के पहिले के जमाने में कितने बड़े कंटेनर होते थे परंतु आजकल आधुनिकता के चलते सुपरमार्केट या मॉल में से सिर्फ पैकेट ही प्राप्त किए जाते हैं । वजन ढोने के चलते लोग उतना ही पैकेट या समान ले लेते…

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  • Vyarth ki Soch
    कविताएँ

    व्यर्थ की सोच | Vyarth ki Soch

    ByAdmin December 16, 2023

    व्यर्थ की सोच ( Vyarth ki soch )    लक्ष्य सर हटकर अलग एक दिन की भी व्यर्थ सोच कर सकती है भ्रमित आपको बहक सकते हैं गैर की संगत से बदल सकती है मार्ग की दिशा और आप जा सकते हैं अपने उद्देश्य सर दूर आपकी प्रमुखता आपसे नही आपके कर्म से ही होती…

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  • डरते – डरते | Darte -Darte
    गीत

    डरते – डरते | Darte -Darte

    ByAdmin December 16, 2023

    डरते – डरते ( Darte -Darte )    एक ट्रक यूँ सटकर गुजरा , बचे हैं मरते – मरते . आगे – पीछे देख पुनः अब , चले हैं डरते – डरते . जाने किसका मुँह देखा था , न पड़ा पेट में दाना . सूरज बैरी सा चढ़ आया , मिला ना पता-ठिकाना ….

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  • स्वर्णिम विजय दिवस | Vijay Diwas
    कविताएँ

    स्वर्णिम विजय दिवस | Vijay Diwas

    ByAdmin December 16, 2023

    स्वर्णिम विजय दिवस ( Swarnim vijay diwas )    १९७१ के युद्ध में भारत की विजयी हुई थी, पाक की कश्मीर पर नापाक नज़र रही थी। विजय की ख़ुशी में मनाते हम स्वर्ण जयंती, भारत सेना ने पाक को ऐसे धूल चटाई थी।। मातृ भूमि का मान बढ़ाकर वो ऐसे सो गये, हमेशा हमेशा के…

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  • Chai ki Chuski
    कविताएँ

    चाय की चुस्की | Chai ki Chuski

    ByAdmin December 16, 2023December 16, 2023

    चाय की चुस्की  ( Chai ki Chuski ) Love mindfulness on cup of tea   तेरी एक चुस्की पर मैं सदा कुर्बान जाती हूँ अदरक , लौंग, इलायची,दालचीनी हो न हो चीनी कैसी भी, मगर दूध बिल्कुल कम हो तो वारी वारी जाती हूँ कुछ साथ हो न हो अकेले में ‘ तू’ मुझको ज्यादा…

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  • Parinay Bela
    कविताएँ

    परिणय बेला | Parinay Bela

    ByAdmin December 15, 2023December 15, 2023

    परिणय बेला ( Parinay Bela ) भांवर संकल्पों से,निखर रही परिणय बेला हिंदू धर्म वैवाहिक बंधन, मनुज जीवन दिव्य श्रृंगार । द्वि पथिक दृढ़ प्रतिज्ञा, हर पल संग आनंद बहार । परस्पर समर्पण पराकाष्ठा, अंतर उद्गम आनंद नवेला । भांवर संकल्पों से, निखर रही परिणय बेला ।। वैदिक संस्कृति वैवाहिकी, जन्म जन्मांतर आत्मिक संबंध ।…

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  • मौसम ने ली अंगड़ाई ठंडक आई | Thandak
    कविताएँ

    मौसम ने ली अंगड़ाई ठंडक आई | Thandak

    ByAdmin December 15, 2023

    मौसम ने ली अंगड़ाई ठंडक आई ( Mausam ne lee angdai thandak aai )   पवन चले पुरवाई मौसम ने ली है अंगड़ाई। आया मौसम सर्दी का शीत ऋतु अब आई। लो आ गया माह दिसंबर का ठंडक आई भारी। ठिठुर रहे हैं हाथ पांव लगती अब मस्त रजाई। ओस कोहरा धुंध छाई सर्दी की…

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  • Nari par Kavita in Hindi
    कविताएँ

    सृष्टि की अत्युत्तम रचना है नारी | Nari par Kavita in Hindi

    ByAdmin December 15, 2023December 15, 2023

    सृष्टि की अत्युत्तम रचना है नारी ( Srishti ki ati uttam rachna hai nari )    कोमल निर्मल सरस भाव, उरस्थ विमल सरिता । त्याग समर्पण प्रतिमूर्ति, अनंता अनूप कविता । सृजन उत्थान पथ पर, सदा शोभित महिमा भारी । सृष्टि की अत्युत्तम रचना है नारी ।। स्नेहगार ,दया उद्गम स्थल, अप्रतिम श्रृंगार सृष्टि का…

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