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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Shasan aur Prashasan
    नवगीत

    शासन और प्रशासन | Shasan aur Prashasan

    ByAdmin December 18, 2023December 18, 2023

    शासन और प्रशासन ( Shasan aur Prashasan )   उग्र भीड़ सचिवालय जानिब , चली सौंपने ज्ञापन . शोषित जन की आवाज बने , अब आक्रोशित नारे . माँगें लेकर खड़ी याचना , शासन को धिक्कारे . तीन पाँव धरती की खातिर , निकला जैसे वामन . फर्जी बनकर टेढ़े चलते , ये सारे ही…

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  • Gunagunati Dhoop
    कविताएँ

    गुनगुनाती धूप | Gunagunati Dhoop

    ByAdmin December 18, 2023December 18, 2023

    गुनगुनाती धूप ( Gunagunati dhoop )    गुनगुनी धूप में बैठो तुम जरा, जिंदगी सुहानी है मजा लीजिए। सर्दी सताए जब भी कभी, खुद को धूप से सजा लीजिए। धूप लगती प्यारी ठंडक में हमें, सर्दी सारी अब भाग दीजिए। राहत देती हमें ताजगी से भरी, थोड़ा धुप में भी सुस्ता लीजिए। रोगों से रक्षा…

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  • Na Kahiye Baat
    कविताएँ

    ना कहिए बात | Na Kahiye Baat

    ByAdmin December 18, 2023

    ना कहिए बात ( Na kahiye baat )   न कहिए किसी से दिल की बात बात बातमें ही बातों का रंग बदल जाता है समझते हैं जिसे आप अपने बेहद करीब कल वह किसी और के महफिल में नजर आता है आईना भी कभी अपना खास नहीं होता दिलों की दूरी में कोई भी…

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  • आकाशवाणी जयपुर से कवि रमाकांत सोनी सुदर्शन ने दी चौथी बार राजस्थानी भाषा में काव्य प्रस्तुतियां दी
    साहित्यिक गतिविधि

    आकाशवाणी जयपुर से कवि रमाकांत सोनी सुदर्शन ने दी चौथी बार राजस्थानी भाषा में काव्य प्रस्तुतियां दी

    ByAdmin December 18, 2023

    नवलगढ़ के सुप्रसिद्ध साहित्यकार कवि रमाकांत सोनी सुदर्शन ने आकाशवाणी केंद्र प्रसार भारती में समसामयिक विषयों आओ म्हारा राजस्थान, घर की लिछमी म्हारी मिजाजण, गांव री गुवाड़ चालो, साजन बेगो क्यूं नहीं आयो, घर का पूत कुंवारा डोलै आदि प्रस्तुतियां दी। आकाशवाणी द्वारा 18 दिसंबर को सवेरे 7.00 बजे रचनाओ का प्रसारण किया जाएगा। साहित्यकार…

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  • Vivah Panchami
    कविताएँ

    विवाह पंचमी | Vivah Panchami

    ByAdmin December 17, 2023December 18, 2023

    विवाह पंचमी ( Vivah Panchami )   राम तभी से, सिया राम हो गए मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी अद्भुत, चेतना प्रकृति मिलन अवसर । दैविक उपमा राम सीता विवाह सर्वत्र सनातनी संस्कृति असर । धर्म आस्था परम शिखर, कलयुग भाव त्रेता सम हो गए। राम तभी से, सिया राम हो गए ।। उपवन गमन ध्येय पूजन…

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  • क़ुबूलनामा | Qubool Nama
    कविताएँ

    क़ुबूलनामा | Qubool Nama

    ByAdmin December 17, 2023December 17, 2023

    क़ुबूलनामा ( Qubool nama ) प्यार छुपाना क्यों बताती क्यों नहीं, अपने जज़्बात तुम जताती क्यों नहीं, मिलना न मिलना बात है मुकद्दर की अपना हूँ एहसास कराती क्यों नहीं। इश्क़ में आँसू नहीं हम चाहते है खुशी, बात ये अपनों को समझाती क्यों नहीं। दुश्मन है जो भी हमारी मोहब्बत के, बग़ावत में आवाज़…

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  • Husn ka Gulab
    ग़ज़ल

    हुस्न का गुलाब | Husn ka Gulab

    ByAdmin December 17, 2023

    हुस्न का गुलाब ( Husn ka gulab )    हुस्न का है गुलाब वो आज़म शक्ल से लाज़वाब वो आज़म फ़ूल लेता नहीं वहीं मेरा दें निगाहों में आब वो आज़म चाहता हूँ अपना बनाना वो एक खिलता शबाब वो आज़म दीद हो किस तरह भला उसका ओढ़े है जो नक़ाब वो आज़म शक्ल से…

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  • Soch Rahi Shakuntala
    कविताएँ

    सोच रही शकुंतला | Soch Rahi Shakuntala

    ByAdmin December 17, 2023

    सोच रही शकुंतला ( Soch rahi shakuntala )   जल में रख कर पाव सोच रही शकुंतला ले गए ओढ़नी मेरी दे गए गहरी पीर मोहे कब आओगे प्रियवर तकत राह ये नैन हूं अधीर बेचैन जल लेने को आई थी जल नैनों से छलके रे विरहन इस अगन को जल से ही शीतल करे….

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  • Mauke ka Waqt
    कविताएँ

    मौके का वक्त | Mauke ka Waqt

    ByAdmin December 17, 2023December 17, 2023

    मौके का वक्त ( Mauke ka waqt )      मिल जाता है मौका भी कभी-कभी उन अपनों को आजमाने का जो भरते हैं दंभ अपनेपन का लगा देते हैं शर्त वक्त की   वक्त के प्रवाह से बचा भी नहीं कोई वक्त ने डुबाया भी नहीं किसी को वक्त देता है मौका सभी को…

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  • टूट गई | नवगीत
    नवगीत

    टूट गई | नवगीत

    ByAdmin December 17, 2023December 18, 2023

    टूट गई | नवगीत   साँप मरा ना घुन खायी सी , लाठी टूट गई . जिनकी खातिर आँख फुड़ाई , कहें वही काना . उतना ही वह दुःख भोगता , जो जितना स्याना . चने उगें भी नहीं बतीसी , पहले टूट गई . सीना चीर दिखाया लेकिन , गई नहीं शंका . कंलक…

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