• गीता ज्ञान (सौ का जोड़) | Geeta Gyan in Haryanvi

    गीता ज्ञान (सौ का जोड़) श्रीमद्भागवत गीता का 100 पदों में हरियाणवी भाषा में भावानुवाद – ( गीता सौ का जोड )   महाभारत का अमृतपान, मुरलीधर का गाण । अदभुत् अनुपम नजर सौ पार, श्रीमद्भागवत गीता ग्यान । जै जगवंदित श्रीमद्भागवत गीता , तू हरणी माँ काली तीता । बुद्धि गंगा गीता मैया ,…

  • पुरानी पेंशन योजना | Purani Pension Yojana

    पुरानी पेंशन योजना ( Purani pension yojana )   सबसे बड़ा पर्व पैरामिलेट्री उस रोज़‌ ही मनाएगा, पुरानी पेंशन लागू हमारी जब कर दिया जाएगा। बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है आज यह हमारे लिए, सोचो समझो महामानवों अब जवानों के लिए।। हालात हमारे कैसे भी रहें हमने झुकना न सीखा, सर्दी-गर्मी तेज़ धूप में…

  • संकल्प | Sankalp Poem

    संकल्प ( Sankalp )   आज फिर पराजित हुआ हूं फिर से अपनी काबिलियत को पहचान नहीं पाया आज खुद की ही नजरों में गिरा हूं बन गया हूं अपना ही खलनायक आज फिर पराजित हुआ हूं सोचा था, मंजिल का सामना करेंगे, किंतु ,हिम्मत ही जवाब दे गई अफसोस हुआ है मुझे अपने आप…

  • भाई दूज पर्व | Bhai Dooj Parv

    भाई दूज पर्व ( Bhai dooj parv )    यम यमुना सा पावन, भाई बहन का प्यार कार्तिक मास शुक्ल द्वितीया, तिथि अद्भुत अनूप विशेष । सृष्टि रज रज विमल प्रवाह, भाई दूज खुशियां अधिशेष । परस्पर मंगलता कामना अथाह, शीर्ष वंदित परंपरा संस्कार । यम यमुना सा पावन, भाई बहन का प्यार ।। भाई…

  • भाई दूज | Bhai Dooj

    भाई-दूज  ( Bhai-dooj ) ( 2 )  बहन इक भाई के जीवन में रिश्ते कई निभाती है, बन के साया मां की तरह हर विपदा से बचाती है, कभी हमराज़ बन उसके राज़ दिल में छिपाती है, जुगनू बनके अंधेरों में सफ़र आसां बनाती है !! बहन जब भाई के मस्तक तिलक काढ़ती है तो,…

  • बेरोजगार | Berozgar

    बेरोजगार ( Berozgar )   रोजगार नहीं मिला जिसे वह बेरोजगार होता है , लेकिन लोगो की नजर में वह बेकार होता है । सारा दोष लोग उसके कर्म का ही मानते हैं , पर कुछ दोष भाग्य और सरकार का भी होता है। प्रतिकूल मौसम में भी वह दर दर भटकता है, नोकरी के…

  • भाई दूज का त्यौंहार | Bhai Dooj ka Tyohar

    भाई दूज ( Bhai dooj )  1 दीपावली पंच-महापर्वों में ये भी एक त्योंहार, जो तोड़ने से भी न टूटे ये रिश्ता ऐसा है यार। दीपावली के दो दिन बाद आता यही त्योंहार, भाई बहिन की याद दिलाता ये बचपन प्यार।। भाई दूज व यम द्वितीया से जानता ये संसार, स्वयं हाथों से पकवान बनाकर…

  • मफ़हूम-ए-ज़िन्दगी | Life Shayari in Hindi

    मफ़हूम-ए-ज़िन्दगी ( Mafhoom-e-zindagi ) वज़्न २२१२ १२११ २२१२ १२ कुछ उलझनों ने जीस्त मु’अम्मा बना दिया कुछ दांव पेंच ने हमें जीना सिखा दिया ॥ रद्दी कबाड़ से करें क्यों घर को बेकदर कुछ ग़ादिरों को साफ़ निकाला भुला दिया ॥ ये रहगुज़र लगी क्यूं हमें अजनबी सी आज जिन रास्तों से गुफ़्तगू है बारहा…

  • कृष्ण | Krishna Kavita Hindi

    कृष्ण ( Krishna )    सूर्य से चन्द्र में आए कृष्ण, बाल रूप दिखाए कृष्ण। काल-कोठरी में लिए जनम, माखन, माटी खाए कृष्ण। ब्रह्मांड दिखाए यशोदा जी को, नन्द की गाय चराए कृष्ण। राधा -मीरा दोनों ने चाहा, प्रेम की ज्योति जलाये कृष्ण। एक दरस दीवानी, एक प्रेम दीवानी, प्रीति का स्वाद चखाए कृष्ण। प्रेम…

  • विवश | Vivash

    विवश ( Vivash )    उम्मीदों के टूट जाने पर शोर तो नहीं होता बस, उठती है टीस एक हृदय मे और ढलक जाते हैं दो बूंद आंसू पलकों के कोने से जो सूख जाते हैं चेहरे पर ही उम्मीदें भी किसी गैर से नही होती हर रिश्ते भी उम्मीद के काबिल नही होते दर्द…