• ऐ दुनियावालों | Aye Duniya Walo

    ऐ ! दुनियावालों ( Aye duniya walo ) खून- खराबा किसी के लिए है खेल-खिलौना, मगर मेरी तहजीब अलग है। कोई बोता है नफरतों का बीज, पर मेरी तहजीब अलग है। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन, पारसी, यहूदी, सभी हैं मेरे अपने, हम हैं एक डाल के फूल, गमकने दो बहारों में, मेरी तहजीब…

  • कम खाना और ग़म पीना | Kam Khana aur Gam Peena

    कम खाना और ग़म पीना ( Kam khana aur gam peena )    अपने इस स्वास्थ्य को बेहतर सभी रखना, खानें के लिए नही जीने के लिये है खाना। पाचनशक्ति ठीक व वज़न को कम रखना, सदा कम ही खाना एवं यह ग़म पी जाना।। बिना दवाईयों के सबको पेट ठीक रखना, स्वयं समझदार बनकर…

  • अपराध बोध | Apradh Bodh

    अपराध बोध ( Apradh bodh )   अपनी आत्मा पर कोई बोझ न कभी रखना | किसी का दिल तुम्हारी वजह से दु:खे, ऐसा कोई काम न कभी करना | कोई इंसान पत्थर दिल न होता यहाँ | इस बात से इंकार न कभी करना | मंजू की लेखनी का है यही कहना | बहुत…

  • किताब | Kitab

    किताब ( Kitab )    पन्ने फड़फड़ाते रहे और हम लिखते रहे किताब जिंदगी की मगर,सियाही ही खत्म सी होने लगी कलम की किताब भी रह गई अधूरी की अधूरी ही शब्दों के मायने बदलते गए बदलते हुए अपनों की तरह बह गईं किश्तियां भी उम्मीदों की रह गए निखालिस टूटते हुए सपनों की तरह…

  • शब्दाक्षर काव्य गोष्ठी एवं दीपावली स्नेह मिलन

    शब्दाक्षर काव्य गोष्ठी एवं दीपावली स्नेह मिलन में गाया सरस गीत दीप प्यार का जलाने चला हूं पहल क्लासेज एवं राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दाक्षर के तत्वावधान में दीपावली स्नेह मिलन एवं काव्य गोष्ठी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीकांत पारीक श्री राजस्थानी ने की। मुख्य अतिथि नगर पालिका उपाध्यक्ष कैलाश जी चोटिया थे…

  • गीता ज्ञान (सौ का जोड़) | Geeta Gyan in Haryanvi

    गीता ज्ञान (सौ का जोड़) श्रीमद्भागवत गीता का 100 पदों में हरियाणवी भाषा में भावानुवाद – ( गीता सौ का जोड )   महाभारत का अमृतपान, मुरलीधर का गाण । अदभुत् अनुपम नजर सौ पार, श्रीमद्भागवत गीता ग्यान । जै जगवंदित श्रीमद्भागवत गीता , तू हरणी माँ काली तीता । बुद्धि गंगा गीता मैया ,…

  • पुरानी पेंशन योजना | Purani Pension Yojana

    पुरानी पेंशन योजना ( Purani pension yojana )   सबसे बड़ा पर्व पैरामिलेट्री उस रोज़‌ ही मनाएगा, पुरानी पेंशन लागू हमारी जब कर दिया जाएगा। बहुत बड़ा मुद्दा बन गया है आज यह हमारे लिए, सोचो समझो महामानवों अब जवानों के लिए।। हालात हमारे कैसे भी रहें हमने झुकना न सीखा, सर्दी-गर्मी तेज़ धूप में…

  • संकल्प | Sankalp Poem

    संकल्प ( Sankalp )   आज फिर पराजित हुआ हूं फिर से अपनी काबिलियत को पहचान नहीं पाया आज खुद की ही नजरों में गिरा हूं बन गया हूं अपना ही खलनायक आज फिर पराजित हुआ हूं सोचा था, मंजिल का सामना करेंगे, किंतु ,हिम्मत ही जवाब दे गई अफसोस हुआ है मुझे अपने आप…

  • भाई दूज पर्व | Bhai Dooj Parv

    भाई दूज पर्व ( Bhai dooj parv )    यम यमुना सा पावन, भाई बहन का प्यार कार्तिक मास शुक्ल द्वितीया, तिथि अद्भुत अनूप विशेष । सृष्टि रज रज विमल प्रवाह, भाई दूज खुशियां अधिशेष । परस्पर मंगलता कामना अथाह, शीर्ष वंदित परंपरा संस्कार । यम यमुना सा पावन, भाई बहन का प्यार ।। भाई…

  • भाई दूज | Bhai Dooj

    भाई-दूज  ( Bhai-dooj ) ( 2 )  बहन इक भाई के जीवन में रिश्ते कई निभाती है, बन के साया मां की तरह हर विपदा से बचाती है, कभी हमराज़ बन उसके राज़ दिल में छिपाती है, जुगनू बनके अंधेरों में सफ़र आसां बनाती है !! बहन जब भाई के मस्तक तिलक काढ़ती है तो,…