• अंतर्मन | Antarman

    अंतर्मन ( Antarman )   टूट भी जाए अगर, तो जुड़ जाती है डोर एक गांठ ही है जो कभी, खत्म नहीं होती मन की मैल तो होती है, दबी चिंगारी जैसे जलने भी नही देती, बुझने भी नही देती रोता है अंतर्मन, मुस्कान तो सिर्फ बहाना है मजबूरी है जिंदा रहना, यही अब जमाना…

  • है वह एक फूल | Hai Vah ek Phool

    है वह एक फूल ( Hai vah ek phool )    है वह एक फूल नाजुक सी जिसे हर कोई पाना चाहता है छूना चाहता है और करना चाहता है महसूस इसी उधेड़ बुन में तोड़ देते हैं लोग उसे अपनी डाली से और देते हैं नोच सूख जाती है वह भी बिन कहे अपने…

  • शारदीय नवरात्रि | Shardiya Navratri

    नवरात्रि का पर्व सम्पूर्ण भारत वर्ष के प्रमुख त्यौहारों/पर्वों में से एक है।‌ हर साल इन नवरात्रि के दिनों में माता रानी के नौ रूपों का पूजा एवं पाठ किया जाता है। जिसमें पहली: शैलपुत्री, दूसरी: ब्रह्मचारिणी, तीसरी: चंद्रघंटा, चौथी: कूष्माण्डा, पांचवीं: स्कंद माता, छठी: कात्यायिनी, सातवी: कालरात्रि, आठवीं: महागौरी नौवीं:  सिद्धिदात्री हर दिन किसी…

  • महागौरी मां | Mahagauri Maa

    महागौरी मां ( Mahagauri Maa )    अलौकिक सिद्धियों की वृष्टि, मां महागौरी श्री वंदन से सनातन धर्म परम पद, दुर्गाष्टमी पुनीत महापर्व । नवरात्र आध्यात्म उजास, सृष्टि रज रज क्षेत्र सर्व । जगदंबें नव रूप अति हर्षित , मां श्वेतवर्णी आभा मंथन से । अलौकिक सिद्धियों की वृष्टि, मां महागौरी श्री वंदन से ।।…

  • स्वर्णिम साँझ सवेरे | Sanjh Savere

    स्वर्णिम साँझ सवेरे ( Swarnim sanjh savere )    टकराती हैं शंकित ध्वनियाँ , ह्दय द्वार से मेरे । अभिशापित से भटक रहे हैं , स्वर्णिम साँझ-सवेरे ।। विकल हुईं सब जोत-सिद्धियाँ, किसके आवाहन में एक अनोखा जादू छलता , मन को सम्मोहन में ठहर गया है ह्दय-द्वार तक , कोई आते -आते चँहक उठी…

  • तजुर्बा | Tajurba

    तजुर्बा ( Tajurba )   अदना सी बात भी चुभ जाए अगर दिल मे तो बन जाती है आंख की किरकिरी प्रयासों के बाद भी वह निर्मलता नही आती… शब्द मे भी होती है कठोरता पत्थर सी शब्द से पिघल जाते हैं पत्थर दिल भी शब्द जोड़ देते हैं टूटते संबंधों को शब्द बढ़ा देते…

  • मां महागौरी | Maa Mahagauri

    मां महागौरी ( Maa Mahagauri )    नवरात्रि की अष्टमी शुभ तिथि है आई, माता पूजन और हवन कर लो सब भाई। अष्टम दुर्गा के रूप में आती हैं महागौरी, वृष सवारी करती माता चार भुजाधारी। एक हाथ में त्रिशूल धरे दूजे डमरू बजाए, शान्त स्वभाव वाली माता वर मुद्रा दिखलाए। शिव प्रिया मां उमा…

  • “Kidnap”- एक क्राइम कथा

    मेरे तैयार होते ही एक कॉल आया और सामने से आवाज आई! प्लीज मुझे बचा लो यह लोग मुझे मार डालेंगे! मैं आवाज पहचान नहीं पा रहा था। तभी किसी ने रिसीवर उसके हाथ से छीन लिया और नीचे पटक दिया। मैं बुरी तरह से चौंक गया। मैं समझ गया था किसी लड़की की जान…

  • गुजारा है आजकल | Gujara hai Aajkal

    गुजारा है आजकल ( Gujara hai aajkal )    चुपचाप रहोगे तो गुजारा है आजकल बर्बाद ये निज़ाम ही सारा है आजकल। हर आदमी की शख़्सियत में राज सौ छिपे कैसे बताएं कौन हमारा है आजकल। कमबख़्त दिल है ढीठ तलबग़ार उन्हीं का उनपर ही दिलो जान से हारा है आजकल। मशहूर हैं जनाब जमाने…

  • प्रतिभा सम्मान समारोह में सम्मानित हुएं कवि उदय

    सर्व श्री रैगरान पंचायत अजमेर पट्टी पंचायत संस्था 210 गांव अजमेर ने प्रति वर्ष की तरह इस बार भी रेगर समाज की प्रतिभाओं का सम्मान दिनांक 15 अक्टूबर 2023 रविवार को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर के सभागार में किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भामाशाह श्रीमान चतुर्भुज जी हिंनुणिया सेवानिवृत्त आर. ए. एस. रहे। कार्यक्रम…