• ऐतबार रखना तू | Aitbaar Shayari

    ऐतबार रखना तू ( Aitbaar rakhna tu )   ज़रा दिल मेरी तरह बेक़रार रखना तू ? वफ़ा मुहब्बत में ही इंतिज़ार रखना तू कभी शक करना नहीं वफ़ा मुहब्बत पर वफ़ाओ पर उम्रभर ऐतबार रखना तू परायी करना नहीं तू मुझे दिल से अपने बसाकर दिल में हमेशा यार रखना तू बदल न जाना…

  • मां कात्यायनी | Maa Katyayani

    मां कात्यायनी ( Maa Katyayani )    पुरुषार्थ सहज सुफलन, मां कात्यायनी आराधना से वर्तमान विज्ञान प्रौद्योगिकी युग, मां दुर्गा षष्ठी छवि पूजन विशेष । शोध अनुसंधान दक्षता मैया, जीवन कृपा दृष्टि अधिशेष । जन्म जन्मांतर पाप मुक्ति, ब्रजमंडल अधिष्ठात्री साधना से । पुरुषार्थ सहज सुफलन, मां कात्यायनी आराधना से ।। केहरी आरूढ़ा मात भवानी,…

  • निजी आजादी | Niji Zindagi

    निजी आजादी ( Niji zindagi )    गलत को गलत यदि कह न सको तो गलत का साथ भी गलत ही होगा स्वयं को निर्दोष समझने से पहले अपनी भूमिका भी माननी होगी… दुनियां के उसूलों के साथ चलना स्वयं को गुलाम बना लेना है विशिष्टता मे लोग अलग कुछ नही करते ढंग ही उनका…

  • पंचम नवरात्र | Pancham Navratra

    पंचम नवरात्र ( Pancham Navratra )    मां दुर्गे पंचम रूप, ममत्व अनूप महासागर पंचम नवरात्र अद्भुत विशेष, मां स्कंद माता परम दर्शन । पूजा अर्चना स्तुति शीर्षस्थ, ममतामयी स्नेहिल स्पर्शन । योग परिक्षेत्र निर्वहन भवानी, पुनीत सानिध्य सम अभिजागर । मां दुर्गे पंचम रूप, ममत्व अनूप महासागर ।। उर स्थिति विशुद्ध चैतन्य, साधना मार्ग…

  • धार्मिक रहे उपवास करे परंतु उपवास को न बनाएं उपहास

    हमारे हिंदू धर्म में अपने ईष्ट को प्राप्त करने के लिए और उनको प्रसन्न करने के लिए अन्न जल त्याग करके उपवास रखने की परंपरा है जिसका आजकल उपहास बनाया जा रहा है। यह एक ऐसी विधि है जिसमें हम अपनी इंद्रियों पर काबू रखने के लिए अन्न और जल का त्याग करते हैं ऐसा…

  • मां स्कंदमाता | Maa Skandamata

    मां स्कंदमाता ( Maa Skandamata ) ( 2 ) मां दुर्गा का पांचवा स्वरूपा, नाम है जिनका स्कंदमाता। मोक्ष का द्वार खोलने वाली, माता है परम् सुखदायी। सिंह है जिनकी प्यारी सवारी, भक्तों की इच्छा पूर्ण करती। स्कन्द कुमार कार्तिकेय की माता, नाम पड़ा मां का स्कंदमाता। अस्त्र कमल है वर्ण शुभ्र है, कमल के…

  • माँ दुर्गा कृपा करें | भजन

    माँ दुर्गा कृपा करें ( Maa Durga Kripa Karen )  जबसे तूने मुझे दिया मां सहारा इन होटों ने ना किसी को पुकारा तेरी छांव जो मिली आंचल की मुझे धूप में भी मिल गया सहारा ।। मैं घूमता था जोगी होकर फकीरा, मैया तूने दिखाया मुझे ये जग सारा सतमार्ग दिया करके कृपा ओ…

  • जग को बचाना | Jag ko Bachana

    जग को बचाना ! ( Jag ko bachana )    आग से दोस्ती तू कभी न निभाना, बिगड़े हालात से जग को बचाना। नभ,जल,थल से मिसाइलें उठी हैं, खाक में साँसें न किसी की मिलाना। दाग के छींटे किसपे नहीं हैं, काँटों की राहें कहीं न बनाना। पलट करके देखो सियासत है प्यासी, दहशत जहां…

  • तू बहुत याद आ रही है | Tu Bahut Yaad aa Rahi Hai

    तू बहुत याद आ रही है ( Tu bahut yaad aa rahi hai )    ऐ मोहब्बत आज मुझको , तू बहुत याद आ रही है। दिल की धडक घट के बढ कर,रात भर तरसा रही है। सोचता हूँ सो लूँ पर तू, ख्वाब में आ जाती हो, जालिमा दिलकश अदा से, शेर दिल तडपा…

  • प्रतिस्पर्धा | Pratispardha

    प्रतिस्पर्धा ( Pratispardha )    एक स्पर्धा ही तो है जो ले जाती है मुकाम तक लक्ष्य के अभाव मे हर प्रयास सदैव बौना ही रहता है…. कामयाबी की चाहत ही उभरती है आपने ऊर्जा बनकर भटकाव के रास्तों से भी मंजिल ,अपने दिशा का चयन कर ही लेती है… प्रतिस्पर्धा किसी विशेष एक की…