• ग़ज़ल खंडहर | Khandhar

    खंडहर (Khandhar )    वक्त के साथ मशीनों के पुर्जे घिस जाते है जाने कितने एहसासों में इंसान पिस जाते है। ज़िन्दगी का शिकार कुछ होते है इस कदर उबर कर भी कितने मिट्टी में मिल जाते है। शामोसहर बेफिक्री नहीं सबके नसीब में जीने का सामान जुटाने में ही मिट जाते है। ताकीद करता…

  • पिकनिक | Picnic Laghu Katha

    रोज की तरह सुबह उठकर स्कूल जाने के बदले मैं गहरी नींद में सोया था। उठकर भी क्या करता आज तो सभी बच्चे पिकनिक जो जा रहे थे। तभी माँ ने आकर मुझे उठाया और कहा चिंटू उठ जा पिकनिक जाना है ना! मैं एक झटके में उठ कर बैठ गया और माँ से पूछा…

  • हमसफ़र | Laghu Katha Humsafar

    अक्सर हम यही सोचते रहते है कि यार हमसफ़र ऐसा होना चाहिए, वैसा होना चाहिए।लेकिन कभी ये नहीं सोचते कि जो हमारे लिए हम जैसा हो उसके लिए हम भी वैसे हो पाएंगे क्या? नहीं ना? तो फिर उम्मीद बस एक से ही क्यूं?हम खुद को भी तो उसके हिसाब से ढालने का प्रयास कर…

  • पर्यटन | Paryatan

    पर्यटन! ( Paryatan )    नई दुनिया की सैर कराता है पर्यटन, दिल पे लदे बोझ को हटाता है पर्यटन। प्रकृति साैंप देती है वह अपना रंग-रूप, सैर-सपाटे से हाथ मिलाता है पर्यटन। घूमना-फिरना है जीवन का एक हिस्सा, वादियों से भी आँख लड़ाता है पर्यटन। भूल-भुलैया में खोते हैं जाकर कितने, उच्च- शिखरों पर…

  • श्री हरि के अनन्त स्वरुप | Shree Hari ke Anant Swaroop

    श्री हरि के अनन्त स्वरुप ( Shree hari ke anant swaroop )    भाद्रपद शुक्ला-पक्ष की चतुर्दशी को करतें है व्रत, जिसके न आदि का पता न अंत का वो है अनन्त। सृष्टि की रचना किऐ भगवान हरि विष्णु इस दिन, करतें हम हर वर्ष इस दिन व्रत और पाते है मन्नत।। 14 लोकों का…

  • मन का लड्डू | Man ka Laddu

    मन का लड्डू ( Man ka Laddu )    जाने कितने स्वप्न संजोए, मन का ताना बाना बुन। मन में लड्डू फूट रहे थे, जीवन में खुशियों को चुन। मन में मोतीराम बने हम, मन ही मन इठलाते थे। मन के लड्डू फीके ना हो, भावन ख्वाब सजाते थे। मन ही मन में ठान लिया,…

  • मुहब्बत | Muhabbat Shayari Hindi

    मुहब्बत ( Muhabbat )    जाति , धर्म , मजहब का बहाना अच्छा नहीं लगता। प्यार में गुणा, भाग,जोड़, घटाना अच्छा नहीं लगता।। जीत का जज्बा लेकर कितने हारे मैदान ए मुहब्बत में, वरना किसी जंग में हार जाना अच्छा नहीं लगता।। मुश्किलें हमसफ़र हो जाती हैं राह ए मुहब्बत में यहाँ, वरना किसी मुसाफिर…

  • देख लिए बहुत | Dekh liye Bahut

    देख लिए बहुत ( Dekh liye bahut )    निभा लिए झूठ का साथ बहुत आओ अब कुछ सच के साथ भी हो लें देख लिए उजाले की चमक भी बहुत परखने के तौर पर शाम के साथ भी हो लें जमा लिए बाहर भीतर साधन कई खो दिए हांथ पैर ,बीमारी पाल लिए आओ…

  • सादा जीवन उच्च विचार | Sada Jeevan ucch Vichar

    सादा जीवन उच्च विचार ( Sada jeevan ucch vichar )    आओ मिलकर नया समाज बनाऍं, आज ऐसा ये एक इतिहास रचाऍं। अपनाऍं सादा जीवन, उच्च विचार, इस जीवन का रखें ये मूल आधार।। रहन- सहन रखों साधारण ढ़ंग का, मानव सुखी तब रहेगा हर घर का। महात्मा और महापुरूष का जीवन, था महान सॅंत…

  • चांद से भी मुकाबला होगा | Chand se Bhi Muqabla Hoga

    चांद से भी मुकाबला होगा ( Chand se bhi muqabla hoga )    तज़किरा उनका जब चला होगा चांद से भी मुकाबला होगा। ज़िक़्र छिड़ने पे उस सितमगर के जाने कितनों का दिल जला होगा। कौन वो खुशनसीब है ऐसा जिसको उसने नहीं छला होगा। अब भरोसा नहीं रहा ख़ुद पर और नुकसान क्या भला…