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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • कृष्ण कन्हाई | Krishna Ghazal
    ग़ज़ल

    कृष्ण कन्हाई | Krishna Ghazal

    ByAdmin September 7, 2023

    कृष्ण कन्हाई ( Krishna Kanhai )    किशन बाँसुरी तूने जब भी बजाई तिरी राधिका भी चली दौड़ी आई नहीं और कुछ देखने की तमन्ना तुम्हारी जो मूरत है मन में समाई हुई राधिका सी मैं भी बाबरी अब कथा भागवत माँ ने जब से सुनाई रहे भक्त तेरी शरण में सदा जो भंवर से…

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  • निर्मला | Nirmala
    कहानियां

    निर्मला | Nirmala

    ByAdmin September 7, 2023

    योग की कक्षा में एक महिला लगातार मुस्कुराए जा रही थी ।बीच-बीच में वह ऐसे तर्कपूर्ण बात करती की लगता संसार की सबसे खुशनसीब वही हो। कभी-कभी वह सारे शरीर को तोड़ मरोड़ देती । मैं कई दिनों से देख रहा था कि क्यों वह ऐसे उल्टी सीधी हरकतें करती रहती है। कौन सा ऐसा…

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  • Jai Kanhaiya Lal ki
    कविताएँ

    जय कन्हैया लाल की | Jai Kanhaiya Lal ki

    ByAdmin September 7, 2023September 7, 2023

    जय कन्हैया लाल की ( Jai Kanhaiya Lal ki )    कलयुग में हो रहा, द्वापर सा अहसास नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की । श्री हरि आठवें अवतार, जय राधा रमण गोपाल की । हिंद धरा हृदय पटल , अप्रतिम कन्हाई उजास । कलयुग में हो रहा,द्वापर सा अहसास ।। जन भाव…

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  • चक्रधारी यशोदा का लाल | Yashoda ka Laal
    कविताएँ

    चक्रधारी यशोदा का लाल | Yashoda ka Laal

    ByAdmin September 7, 2023

    चक्रधारी यशोदा का लाल ( Chakradhari yashoda ka laal )    एक वो ही है सबका पालनहार, प्रभु ,परमपिता और तारणहार। हर कण-कण में आप विद्यमान, दुष्टों का करते हो पल में संहार।। श्री राम बनकर रावण को मारा, और कृष्ण बनकर कंस पछाड़ा। तुम्हारी माया का पाया नही पार, लिया तुमने ही नरसिंह अवतार।।…

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  • कृष्ण बाल लीला | Krishna Bal Leela
    कविताएँ

    कृष्ण बाल लीला | Krishna Bal Leela

    ByAdmin September 6, 2023

    कृष्ण बाल लीला! ( Krishna Bal Leela )    खेलत गेंद गिरी यमुना-जल,कूद पड़े श्री कृष्ण कन्हैया। गोकुल गाँव में शोर मचा ,दौड़ के आई यशोदा मैया। ग्वालों के होश उड़े यमुना तट,कैसे बचेंगे कृष्ण कन्हैया। बांके बिहारी, ब्रह्मांड मुरारी,को नाग के ऊपर देखी मैया। गोंदी में आ जा मेरे कन्हैया,कहने लगे नन्द बाबा औ…

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  • कान्हा बरसाना आ जाइयो | Poem on Kanha in Hindi
    कविताएँ

    कान्हा बरसाना आ जाइयो | Poem on Kanha in Hindi

    ByAdmin September 6, 2023

    कान्हा बरसाना आ जाइयो ( Kanha barsana aa jaiyo )  कान्हा इब तो बरसाना आ जइयो तोहे देखन को अंखियां तरस रई इब तो नैन मिला जइयो तोहे खातिर माखन भरियो मटको है। गोपी ग्वालन को संग, इब तो आकर मेरो हाथों से माखन खा जाइयो। तोरे खातिर हम आज राधा सा श्रृंगार किए, अधरो…

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  • चलें आओ कन्हैया | Chale aao Kanhaiya
    कविताएँ

    चलें आओ कन्हैया | Chale aao Kanhaiya

    ByAdmin September 6, 2023

    चलें आओ कन्हैया ( Chale aao Kanhaiya )    चलें-आओ कन्हैया अब नदियाॅं के पार, सुन लो सावरियाॅं आज मेरी यह पुकार। देकर आवाज़ ढूॅंढ रही राधे सारे जहान, इस राधा पर करो कान्हा आप उपकार।। कहाॅं पर छुपे हो माता यशोदा के लाल, खोजते-खोजते क्या हो गया मेरा हाल। आ जाओ तुमको आज राधा…

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  • इक इक करोड़ के | Emotional Heart Touching Shayari
    ग़ज़ल

    इक इक करोड़ के | Emotional Heart Touching Shayari

    ByAdmin September 6, 2023

    इक इक करोड़ के ( Ek ek crore ke )    वो अश्क हर नज़र में थे इक-इक करोड़ के दामन सजा रहा था कोई दिल निचोड़ के शाम-ए-फ़िराक़ में ये बहुत काम दे रहा तुम जामे-ग़म गये जो मिरे नाम छोड़ के करता है बात वो तो बड़ी एहतियात से लफ़्ज़ों को तोड़ के…

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  • इंसाफ कहाँ से पाऊं | Insaaf Kahan se Paoon
    कविताएँ

    इंसाफ कहाँ से पाऊं | Insaaf Kahan se Paoon

    ByAdmin September 6, 2023

    इंसाफ कहाँ से पाऊं ( Insaaf kahan se paoon )   हे ईश्वर तू ही बता अब मैं कहाँ पे जाऊं, न्याय हो गया इतना महंगा इंसाफ कहाँ से पाऊं। एक जो रामचंद्र थे जो पिता के वचन निभाते थे, गए थे वनवास १४ वर्ष तक पुत्र धर्म निभाते थे। ऐसा वचन निभाने को मैं…

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  • कृष्ण का दिवाना | Krishna ka Diwana
    कहानियां

    कृष्ण का दिवाना | Krishna ka Diwana

    ByAdmin September 6, 2023September 7, 2023

    मनीष अपने परिवार में सबसे बड़ा लड़का है। परिवार में बड़ा होने के कारण माता-पिता का प्रेम कुछ उसे पर ज्यादा ही है। उससे छोटी उसकी दो बहनें है। उसके पिताजी समाज में एक संभ्रांत व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं। उसके परिवार में वैदिक परंपरानुसार धार्मिक कृत्य होते हैं। जिसका प्रभाव उसके जीवन…

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