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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • यह दुनिया है जनाब | Yeh Duniya hai Janab
    कविताएँ

    यह दुनिया है जनाब | Yeh Duniya hai Janab

    ByAdmin August 30, 2023August 30, 2023

    यह दुनिया है जनाब ( Yeh Duniya Hai Janab )   सब पर उंगली उठाती, सब की हकीकत बताती है खुद- कमियां छुपाकर सबकी कमियां गिनती है !  यह दुनिया है जनाब ‘सफेद कपडे़ होते हुये दाग दिखाती है, ये दुनिया है जनाब काँच सा चमकने के लिये, बिखेर कर  रख देती है  खुद के…

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  • मै भी उड़ना चाहती हूं | Mai bhi Udna Chahti Hoon
    कविताएँ

    मै भी उड़ना चाहती हूं | Mai bhi Udna Chahti Hoon

    ByAdmin August 30, 2023

    मै भी उड़ना चाहती हूं  ( Mai bhi udna chahti hoon )   सपनों में जीना चाहती, जिंदगी से लडना चाहती हूं मै जीवन को तलाशना चाहती हूं हीरे की तरह चमकना चाहती , संस्कारों के परदे को हटाना चाहती, मै दुनिया की बेडियों से आजाद होना चाहती हूं, कमबख्त जिंदगी को कुछ देना चाहती…

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  • Sneh ki Dor
    कविताएँ

    स्नेह की डोर | Sneh ki Dor

    ByAdmin August 30, 2023August 30, 2023

    स्नेह की डोर ( Sneh ki Dor )    मूहूर्तवाद के चक्कर में होते त्योहार फीके फीके, डर से बहना ने नहीं बांधा भाईयो के कलाई में राखी, डर का साम्राज्य खड़ा कर समाज को भयभीत करते हैं धर्म एक धंधा है, जिसमें पढ़ा लिखा भी अंधा है जनता समझने लगीं हैं मूहूर्तवाद के कारोबार…

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  • Sandookchi
    कविताएँ

    संदूकची | Sandookchi

    ByAdmin August 30, 2023

    संदूकची ( Sandookchi )    मेरे पास एक संदूकची है मैं हर रोज़ एक लम्हा ख़ुशी का इसमें भर देती हूँ अपनों के साथ बिताए सुखद यादों को सुकून के मख़मली पलों में लपेट सँभाल कर रख लेती हूँ शिकायतों की कुछ चवन्नी और दर्द की अठन्नी भी खनकतीं है इसमें कभी कभी पर मैं…

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  • प्रीत की डोर | Preet ki Dor
    कविताएँ

    प्रीत की डोर | Preet ki Dor

    ByAdmin August 30, 2023

    प्रीत की डोर ( Preet ki dor )    प्रीत की डोर लाई, हंसती मुस्काती बहना आई। कलाई पर बांधे राखी, सदा खुश रहो मेरे भाई। सावन की रुत आई, चुनर ओढ़ धरा गुस्काई। रेशम की डोर बहना, राखी थाल सजाकर लाई। अक्षत चंदन रोली, मस्तक तिलक लगाई। हाथों में बांधे राखी, संग श्रीफल और…

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  • Raksha Sootra
    कविताएँ

    रक्षा सूत्र | Raksha Sootra

    ByAdmin August 30, 2023August 30, 2023

    रक्षा सूत्र ( Raksha sootra )    ये रक्षा सूत्र मेरा भइया, हर बला से तुझे बचाएगा। ये आशीर्वाद हैं देवों का, जो तेरी उम्र बढ़ाएगा क्या अपने भाई के खातिर, में ऐसा कर पाऊंगी, जैसा साथ निभाया उसने, क्या वैसा निभा मैं पाऊंगी, जब जब पड़ी ज़रूरत मुझको, तब तब दौड़ के आया है।…

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  • Kachche Dhaage
    कविताएँ

    कच्चे धागे | Kachche Dhaage

    ByAdmin August 30, 2023

    कच्चे धागे ( Kachche dhaage )    एक कच्चे धागे से बँधी प्रेम की डोर, भाई बहन कहीं रहे खींचे अपनी ओर। युग बदले पर बदले न स्नेह के रिवाज, कहे बिन सुने भाई बहना की आवाज़। हज़ारों कोस जग में जा रहने लगो सुदूर, अकाट्य रक्षा कवच से रह न पाओ दूर। परस्पर प्रेम…

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  • अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” की तृतीय स्थापना वार्षिकी पर अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन
    साहित्यिक गतिविधि

    अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” की तृतीय स्थापना वार्षिकी पर अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन

    ByAdmin August 30, 2023August 30, 2023

    डॉ मुन्नालाल प्रसाद जी के प्रांगण में अद्भुत अद्वितियम बेहद खूबसूरत काव्य संध्या सयोंजित की गई । “अंतरराष्ट्रीय साहित्य संगम” की ओर से अपनी तृतीय स्थापना वार्षिकी के अवसर पर संस्था के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र नाथ शुक्ल की अध्यक्षता एवं संस्थापक महासचिव डॉ. मुन्ना लाल प्रसाद के संचालन में गूगल मीट के माध्यम से एक…

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  • खुशियों की नई भोर | Khushiyon ki Nai Bhor
    कविताएँ

    खुशियों की नई भोर | Khushiyon ki Nai Bhor

    ByAdmin August 30, 2023August 30, 2023

    खुशियों की नई भोर ( Khushiyon ki nai bhor )    राखी के स्नेहिल धागों में, खुशियों की नई भोर अंतर्मन अनंत आह्लाद, अनूप उत्सविक परिवेश । शुभता सरित प्रवाह, बहना घर द्वार प्रवेश । श्रृंगारित पुनीत संबंध, रक्षा बंधन भव्यता चारों ओर । राखी के स्नेहिल धागों में, खुशियों की नई भोर ।। सनातनी…

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  • रेशम के धागे | Resham ke Dhaage
    कविताएँ

    रेशम के धागे | Resham ke Dhaage

    ByAdmin August 30, 2023

    रेशम के धागे ( Resham ke dhaage )   रेशम के इस धागे की ये बात ही बड़ी-निराली है, सजाकर लाती बहनें इसदिन प्यारी सी थाली है। लम्बी उम्र की कर कामना तिलक वह लगाती है, बिठाकर बाजोट भैय्या के हाथ राखी बाॅंधती है।। रोली-मोली और मिठाई नारियल लेकर आती है‌‌, ख़ुश रहना सदैव प्यारे…

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