• बड़ा गुणकारी है पपीता | Papita

    बड़ा गुणकारी है पपीता ( Bada gunkari hai papita )    नही फलों का राजा ‌है पर महाराजा से कम नही, बड़ा गुणकारी फल है ये हम बात बता रहें सही। सुबह रोज़ाना इसको खाने से फ़ायदे होते है कई, बढ़ती आयु के संकेतों को कम करता‌ है यही।। इसी विषय पर लिखीं है हमनें…

  • आशना होता | Ashna Hota

    आशना होता ( Ashna hota )    अगर मेरी हक़ीक़त से ज़रा भी आशना होता यक़ीनन तू भी मेरे रंग ही में ढल गया होता लुटा देता मैं अपनी ज़िन्दगी की हर ख़ुशी तुझ पर मुहब्बत से मुझे अपना कभी तो कह दिया होता ग़ुरूर-ओ-नाज़ नखरे गर दिखाना छोड़ देते तुम हमारे प्यार का आलम…

  • मेरी यादे | Meri Yaadein

    मेरी यादे ( Meri yaadein )   ना जाने कैसा दोस्ती का रिश्ता था  वह बुलाया करते थे, और हम उनसे मिलने जाया करते थे। नही दिखते थे तो वह पूरा स्कूल ढूंढ लिया करते थे। आज भी उन्हें याद करते हैं, हर वक्त उनसे मिलने की दुआ रब से करते हैं। दो पल की…

  • शिक्षक सदा परम अभिनंदन | Shikshak ke Liye Kavita

    शिक्षक अनुपम अनुदानों का ( Shikshak anupam anudano ka )    शिक्षक अनुपम अनुदानों का, जीवन सदा आभारी ************ पितृत्व ममत्व आभा धर, ज्ञानामृत अनंत प्रवाह । तेज प्रभाव गुरु सिंहासन, अज्ञान तिमिर स्वाह । मोहक अनूप व्यक्तित्व , दिशा बोध पथ सदाचारी । शिक्षक अनुपम अनुदानों का, जीवन सदा आभारी ।। अथक परिश्रम मूल…

  • शिक्षक | Shikshak

    शिक्षक ( Shikshak )     शिक्षा का दीप जलाते शिक्षक ज्ञान का प्रकाश बिखराते शिक्षक। अज्ञानता और अशिक्षा के अंधकार से छुटकारा दिलाते शिक्षक।   ज्ञानदीप के उजियारे से चहुं ओर उजाला फैलाते शिक्षक। शिक्षा के प्रसार से लोगों को हर तरह से सक्षम बनाते शिक्षक।   बिना शिक्षा के जीवन अधूरा लोगों को ये…

  • धार्मिक बाध्यता | Dharmik Badhyata

    धार्मिक बाध्यता ( Dharmik badhyata )    धर्म से है अगर प्यार तुम्हे तो उसका सम्मान करो। बाध्यता नही है आदर की हक नही तुम्हे अपमान करो… जबरन का सिद्धांत नही शाश्वत है इसका अंत नही बेमन इसका सम्मान करो, इसके लिए तुम बाध्य नहीं… न करो तुम पूजा पाठ भले कौन हांथ पकड़ कर…

  • मित्र कहां तक छुपोगे | Mitra Kahan tak

    मित्र कहां तक छुपोगे ( Mitra kahan tak chupoge)  लेखन की सुंदर वाटिका में, मित्र कहां तक छुपोगे। कब तक आंख मिचौली खेलोगे। हम भवरे हैं एक कली के, मंडराते हुए कभी मंच में,। कभी कविताओं में, कभी आमंत्रित करोगे कविता की चार पंक्ति में। कभी कविता के मंच में, कभी अनुभवों में, तो कभी…

  • लोहार्गल धाम | Lohargal Dham

    लोहार्गल धाम ( Lohargal dham )  ( शेखावाटी,नवलगढ़ जिला झुंझुनूं (राजस्थान) में अवस्थित लोहार्गल धाम की स्तुति में कुछ पंक्तियां सादर निवेदित हैं )   शेखावाटी हरिद्वार उपमित, पुनीत पावन लोहार्गल धाम अलौकिक द्वापर ब्रह्म हृदय, पाप मोक्ष परम स्थल । विष्णु मत्स्य अवतार धरा, धारित भव्य रूप सकल । ब्रम्हद पुरात्तन अलंकार , प्रदत्त…

  • डिग्रीवाद | Degreebaad

    सुभाष एक विद्यालय में शिक्षक हैं। एक दिन प्रबंधक ने उन्हें बुलाकर कहा ,-“इस बार विद्यालय का रिजल्ट शत प्रतिशत होना चाहिए। यदि हम ऐसा कर देते हैं तो हमारे विद्यालय का नाम बहुत बढ़ जाएगा। इसी के साथ एडमिशन की संख्या भी बढ़ जाएगी।” आगे प्रबंधक ने अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए…

  • बात बन जाए | Baat ban Jaye

    बात बन जाए ( Baat ban jaye )    किसान की खेती में मिस्त्री की रोजी में बच्चों की खेलने की जवान की कमाने की भूखे को रोटी की प्यासे को पानी की मजदूर को दिहाड़ी की वैज्ञानिक को खोज की पेड़ को आक्सीजन की लड़की की सुरक्षा की लड़कों को सुधारने की भैंस से…