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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • मौत के सौदागर | Maut ke Saudagar
    कहानियां

    मौत के सौदागर | Maut ke Saudagar

    ByAdmin August 28, 2023

    “ऐ कौन है जो मुझसे टक्कर ले सकें,! किसी माई के लाल में हिम्मत नहीं हैं कि मुझसे मुकाबले कर सकें।” सुदेश चौराहे पर आऊ बाऊ बक रहा था। रोज सायं काल में 9:10 बजे रात तक वह चौराहे पर नशे में घूमता रहता है। इसका अधिकांश समय नशे में ही डूब जाता है। वह…

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  • धरती ने भेजा चांद को पैगाम | Dharti ne Bheja Chand ko Paigham
    कविताएँ

    धरती ने भेजा चांद को पैगाम | Dharti ne Bheja Chand ko Paigham

    ByAdmin August 27, 2023

    धरती ने भेजा चांद को पैगाम! ( Dharti ne bheja chand ko paigham )   दीदी ने भैया को पैगाम भेजा है हम कहते हैं, इसरो ने चंद्रयान भेजा है। मौसम है सावन का, हरियाली है धरती पर भैया तेरा हाल क्या है वहाँ ऊपर? भेजा है पता करने भारत ने रोवर गर्भ में तेरे…

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  • अनुबंध | Anubandh
    कविताएँ

    अनुबंध | Anubandh

    ByAdmin August 27, 2023

    अनुबंध ( Anubandh )   रिश्ता है अनमोल भाई बहन का ये नही बंधन महज एक कलाई का ये त्योहार नही है फकत राखी का बहन के लिए भाई है साथ बैसाखी का जन्मों जन्मों के बाद ये रिश्ता बनता है रिश्तों के आंगन मे बन पुष्प खिलता है उम्रभर निभाने का ये तो एक…

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  • अटूट बंधन राखी | Rakhi par kavita
    कविताएँ

    अटूट बंधन राखी | Rakhi par kavita

    ByAdmin August 27, 2023August 27, 2023

    अटूट बंधन राखी ( Rakhi par kavita )    धागों का यह अटूट बंधन पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन सावन की पूर्णिमा आती तिलक करे भाई का बहने कलाई पर राखी बांधती भाई करें रक्षा बहन की है पवित्र प्यार का बंधन अनमोल अटूट रक्षाबंधन द्रोपदी के एक धागे की लाज बचाई थी कृष्ण ने कर्णावती ने…

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  • इम्तहान बाकी है | Imtihan Baki hai
    कविताएँ

    इम्तहान बाकी है | Imtihan Baki hai

    ByAdmin August 27, 2023

    इम्तहान बाकी है ( Imtihan baki hai )    अभी तो रास्ता शुरू हुआ है, असली इम्तहान तो बाकी है। अभी तो समंदर पार किया है, पूरा आसमान बाकी है। यह सिर्फ शुरुआत हुई है, अभी तो असली रास्ता बाकी है ! हिम्मत रख तू कीमत दे इस वक्त को, क्योकि अभी असली वक्त आना…

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  • मेरे मुरारी
    कविताएँ

    मेरे मुरारी | Mere Murari

    ByAdmin August 27, 2023

    मेरे मुरारी ( Mere murari )    मेरे मुरारी तुम्हारे आने से सावन झूम उठा है जिस भी गली जाऊ तुम ही हो तुम्हारे नाम की गूंज बज रही है हर तरफ कान्हा कान्हा का शोर है सुना है तुम्हारा आगमन हो रहा तुम्हारे स्वागत में सब जुड़ गए है सावन के महीने में तुम्हारा…

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  • बुलंदी का तिरंगा चाॅंद पर लहराया | Bulandi ka Tiranga Chand par Lahraya
    कविताएँ

    बुलंदी का तिरंगा चाॅंद पर लहराया | Bulandi ka Tiranga Chand par Lahraya

    ByAdmin August 27, 2023

    बुलंदी का तिरंगा चाॅंद पर लहराया ( Bulandi ka tiranga chand par lahraya )    बहुत-बहुत बधाई हो आपको प्यारे-प्यारे हिंदुस्तान, सफलतापूर्वक अपनी-मंजिल पहुॅंचा दिए चंद्रयान। बोल रहा है सम्पूर्ण विश्व आज आप को यह महान, बहुत सारे रहस्य बताएगा अब आपको ये प्रज्ञान।। जिस दक्षिण ध्रुव पर जाने में पूरा विश्व घबराता था, बेहद…

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  • मैं ग़रीब हूँ | Main Gareeb hoon
    ग़ज़ल

    मैं ग़रीब हूँ | Main Gareeb hoon

    ByAdmin August 27, 2023

    मैं ग़रीब हूँ ( Main gareeb hoon )   पैसे से बहुत मैं ग़रीब हूँ जहाँ में ऐसा बदनसीब हूँ मुक़द्दर न ऐसा मिला मुझे ख़ुशी के न ही मैं क़रीब हूँ कोई साथ दे सदा जो मेरा बहुत ढूंढ़ता वो हबीब हूँ बुरा लोग क्यों चाहते है फ़िर किसी का न जब मैं रक़ीब…

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  • पापा की यादें | Papa ki Yaadein
    कविताएँ

    पापा की यादें | Papa ki Yaadein

    ByAdmin August 27, 2023

    पापा की यादें ( Papa ki Yaadein )    पूछ रहे थे तुम मुझसे आंखें क्यों भर आई है गूथ रही थी आटा में बस यू ही कहा था मैंने याद पिता की आई है बरबस ही बरस पड़ी ये अश्रु की जल धारा बनके सावन के इस मौसम में मन ने बातें दोहराई है…

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  • सुन्दर श्याम | Sundar Shyam
    कविताएँ

    सुन्दर श्याम | Sundar Shyam

    ByAdmin August 27, 2023

    सुन्दर श्याम ( Sundar Shyam )    शांत सौम्य सुन्दर श्याम जन्म पर जिनके क्या खूब बरसे घनश्याम पहुँचे फिर भी गोकुल धाम बंसी की धुन पर नाचे गैया नचाते राधा को भी श्याम ध्यान में जिनके जग सारा, उनको राग सिखाते श्याम खेल है जिनका सृष्टि रचना उस सृष्टि का हिस्सा श्याम करने नए…

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