• तेरी सुंगध को | Teri Sugandh ko

    तेरी सुंगध को ( Teri sugandh ko )   तेरी सुगंध को लालायित ,हर सुमन यहाँ अकुलाता है। अधरों पर मेरे नाम अगर ,तेरा जब-जब आ जाता है जब खिलते हैं सुधि के शतदल,जब उड़ता दृग-वन में आँचल । हर निशा अमावस की लगती ,हर दिवस बजी दुख की साँकल। यह प्रेम नगर का द्वार…

  • कोई अपना यार नहीं | Koi Apna Yaar Nahin

    कोई अपना यार नहीं ( Koi apna yaar nahin )   कोई अपना यार नहीं तन्हा हूँ दिलदार नहीं हूँ सच्चा में भरा वफ़ा कोई मैं अय्यार नहीं देखें है वो रोज़ मुझे उल्फ़त की इज़हार नहीं फ़ैले कैसे उल्फ़त फ़िर फ़ूल भरा गुलज़ार नहीं जानें वो गुम कहाँ हुआ उसका हो दीदार नहीं देता…

  • शुक्र है | Shukar hai

    शुक्र है ( Shukar hai )    बेशक,लगी है आग कस्बे और मुहल्ले मे लेकिन,खुदा का शुक्र है आग हमारे घर से अभी दूर है…. बांध रखे हैं संविधान के बांध हमने खड़े कर दिए हैं सैनिकों के जंगल सुरक्षा कर्मियों की नहरें हैं आग तो बुझ जायेगी उनसे ही खुदा का शुक्र है आग…

  • लौटआओगे तुम | Love Kavita

    लौट आओगे तुम ( Laut aaoge tum )   याद है एक बर्फीली पहाड़ी शाम सफेद चादर सी दूर तक फैली बर्फ देवदार के वृक्ष ठंडे ,काँपतें तुम्हारे हाथों की वो छूअन मात्र से पिघलने लगा मेरा रोम,रोम आँखों में तेरी मदहोशी लवों पर मुस्कान कानों में गूँजती वो निश्चल हँसी खो गये जो पल…

  • हर दिन | Har Din

    हर दिन ( Har din )    ज़िन्दगी हर दिन एक नयी चाल है इंसा दिन-ब-दिन हो रहा बेहाल है। कोई चराग बन जल रहा हर पल जाने किसका घर करे उजाल है। जो खो गया नाकामयाबी में कहीं देता कहाँ कोई उसकी मिसाल है। ख्वाहिशों का अपनी बोझ ढोते ढोते हर दिन वो कितना…

  • निकम्मा | Nikamma

    उसे सभी निकम्मा कहते थे। वैसे वह 15 — 16 साल का हो चुका था लेकिन उसका मन पढ़ने लिखने में नहीं लगता था । यही कारण था कि कई कई बार तो वह फेल होने से बच गया। उसे नहीं समझ में आ रहा था कि आखिर कैसे पढ़ाई करू कि जो मुझे लोग…

  • बागबा | Bagba

    बागबा ( Bagba )    तुम तो बागबा थे तुम्हारे खिलाए हुए फूल,आज भी किए हैं गुलजार गुलशन को…. आप अपने ही लगाए कांटों की बाड़ मे कर लिए पैर जख्मी कसूर तो आप ही का था.. बदलेगी न जब तक मानसिकता आपकी संभव होगी न उन्नति कभी टटोलते हो गैर की कमियों को भूल…

  • खुशियों में हर मातम बदला | Matam Shayari

    खुशियों में हर मातम बदला ( Khushiyon mein har matam badla )    गर्मी का ये आलम बदला बारिश आयी , मौसम बदला ज़ख़्म नहीं भर पाये दिल के साल महीने मरहम बदला लोग नये सत्ता में आये हर छत पर अब परचम बदला साल महीने मौसम बदले लेकिन कब मेरा ग़म बदला सच्चा समझा…

  • परम हितकारी है करेला | Karela

    परम हितकारी है करेला ( Param hitkari hai karela )    परम हितकारी एवं औषधीय गुणों का है यह भण्डार, जिसका नियमित-सेवन पेट रोगों में करता है सुधार। ये मधुमेह के रोगियों के लिए जो है औषधि रामबाण, इन हरि सब्जियों में मानों जैसे ये सबका है सरदार।। कड़वा होने पर भी बहुत लोग इसको…

  • महाशक्ति ये देश बने | Mahashakti ye Desh Bane

    महाशक्ति ये देश बने ( Mahashakti ye desh bane )    हक की बातें कम करते हो,देखा पिछली सालों में, कितने नाम उछलकर आए स्विस बैंक,हवालों में। जिसने देश आजाद कराया क्यों जेहन से भूल गए? उनके नाम कहाँ छपते हैं आजकल अखबारों में। घर कितने जला डाले देखो आस्तीन के साँपों ने, खून से…