• सिगारवाला छोरा | Cigarwala Chora

    सायंकाल का वक्त है । सूरज डूबना चाहता है परंतु अपनी लालिमा को प्रकृति की मोहकता बिखेर रहा है । वहीं बेंच पर बैठा एक छोरा चारों ओर देखा है। उसके चेहरे को देखकर ऐसा लग रहा है वह कुछ पाना चाह रहा है। मैं भी उसी बेंच पर बैठ गया। मैं शांत चित्त बैठा…

  • मेरा परिचय | Sumit ka Parichay

    मेरा परिचय ( Mera Parichay )   सुमित मानधना ‘गौरव’ नाम है, व्यापार करना मेरा मूल काम है। लेखक शायर कवि हूँ मैं बाय प्रोफेशन, कहानी शायरी कविता लिखना है पैशन। पैरोडी सोंग्स भी मैं अक्सर बनाता हूँ, स्टैंड अप कॉमेडी से सबको हँसाता हूँ । एक्टिंग व राइटिंग के ऐप्स रहते मेरे संग है,…

  • अमरत्व | Amaratva

    अमरत्व ( Amaratva )    माना की बहुत कुछ खो चुका है आपका सालों की मेहनत ,सालों की कमाई बिखर गए हैं , संजते संवरते सपने अपनों की उम्मीदें ..सब कुछ!!! तो क्या!रास्ते यहीं खत्म हो गए हैं !? प्रकृति के विशाल प्रांगण मे खत्म कुछ नही होता दुखी,सुख,उपलब्धियां ,अपने पराए कुछ नही ,कोई नही…

  • शिक्षा के हाल | Shiksha ke Haal

    शिक्षा के हाल ( Shiksha ke haal )   बड़का घराना के हई मैडम समय से कहियो ना आईला आवते दू गो लड़िका पेठाईला कुर्सी दू गो मंगवाईला एगो पर अपने बैठम एगो पर बैग धरवाईला! फेर निकाल के मोबाईल कान में सटाईला… ना जाने केकरा से, घंटो, घिसिर पिटिर बतियाईला? अतने में टिफिन हो…

  • जिंदगी का सफरनामा ( एक शिक्षक की आत्मकथा )

    भाग : 1 मैं बचपन से अंत: प्रवृति का व्यक्ति रहा हूं। जिसने बोल दिया तो बोल दिया मैं तो चुप रहना मैं ज्यादा धमाचौकड़ी भी नहीं करता था। हां लेकिन जब मुझे कोई परेशान करता था तो मैं उसकी धुनाई करने से भी बाज नहीं आता था । गांव में उस समय तक एक…

  • हाॅं हम है ये आदिवासी | Adivasi

    हाॅं हम है ये आदिवासी ( Han hum hai adivasi )    हाॅं हम है ये आदिवासी, खा लेते है रोटी ठंडी-बासी। रखतें हाथों में तीर-कमान लाठी, क्यों कि हम है इन वनों के ही वासी।। हाॅं हम है ये आदिवासी, बोड़ो भील कहते है सांसी। मर जाते, मार देते जो करें घाती, जंगल, ज़मीं…

  • सच मानो उस पल | Sach Maano uss Pal

    सच मानो उस पल ( Sach maano uss pal )    सच मानो उस पल आँखों में, केवल चित्र हमारा होगा । प्रेम कथाओं के पृष्ठों को, तुमने जहाँ निहारा होगा ।। कभी याद तो करके देखो ,भूले बिसरे चौराहों को । कान लगा कर सुनो कभी तुम ,अपने अंतर की चाहों को । कभी…

  • चमत्कारी करणी माता | Karni Mata

    चमत्कारी करणी माता ( Chamatkari karni mata )    जगत जननी जगदम्बे का अवतार जिसे कहा जाता, देवी-हिंगलाज के अवतार रुप में जिन्हें पूजा जाता। समाज के सारे वर्गों में इनकी मान्यता बताया जाता, करणी जी महाराज के रूप में इनको जाना जाता‌।। बीकानेर के राठौड़ राजवंश की आराध्य कहां जाता, जिसका स्थापना-विस्तार में माॅं…

  • बदलाव की नींव | Badlav ki Neev

    श्याम एक सामान्य घर का लड़का था। वह विश्वविद्यालय परिसर के हॉस्टल में रहता था । एक दिन देखता है कि बहुत से बच्चे खेल रहे हैं तो उनसे बातचीत किया । उसे पता चला कि यह सब मजदूर के बच्चे हैं जो माता-पिता के साथ ऐसे टहलते हैं । यह कहीं पढ़ने लिखने भी…

  • सिवा खुद के | Siva Khud ke

    सिवा खुद के ( Siva khud ke )    किताबें ही सिखाती नही ,जिंदगी मे सबकुछ जिंदगी भी सीखा देती है हमे बहुत कुछ पढ़नेवाले ने क्या खोया है और क्या पाया है अनपढ़ भी देख समझ लेता है बहुत कुछ ज्ञान धरा पर बपौती नहीं किसी के बाप की संगत भी सीखा देती है…