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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Mobile se Doori Banaye
    कविताएँ

    मोबाईल से दूरी बनाएं | Mobile se Doori Banaye

    ByAdmin July 18, 2023

    मोबाईल से दूरी बनाएं ( Mobile se doori banaye )    मोबाईल के इस शोख ने आज सबको हिला दिया, छोटे-बड़े बच्चें एवं बुड्ढे सबको नाच ये नचा दिया। टेलिविज़न रेडियों एवं एसटीडी को भी भुला दिया, पाश्चात्य संस्कार संस्कृति धीरे-धीरे ये छुड़ा दिया।। धूल-भरी है आज ज़िंदगी व सब जगह पर ‌गन्दगी, खो गई…

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  • Zindagi pe Shayari
    ग़ज़ल

    लम्हा भर है जिंदगी | Zindagi pe Shayari

    ByAdmin July 18, 2023

    लम्हा भर है जिंदगी ( Lamha bhar hai zindagi )    सबसे तू हँस बोल ले प्यारी भवर है जिंदगी साँस के बस एक झोंके का सफ़र है जिंदगी जिंदगी जी ले जी भर मत सोच ज्यादा अब इसे क्या पता वर्षों की है या लम्हा भर है जिंदगी खोज ले पल हसरतों के कुछ…

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  • Aazma ke Dekh liya
    ग़ज़ल

    आज़मा के देख लिया | Aazma ke Dekh liya

    ByAdmin July 18, 2023July 18, 2023

    आज़मा के देख लिया ( Aazma ke dekh liya )    ख़ुदा बना के तुझे, सर झुका के देख लिया अना को ताक पे रख, सब भुला के देख लिया हुस्न ए मतला बड़े ख़ुलूस से उनको बुला के देख लिया हरेक नाज़ भी उनका उठा के देख लिया जुनून तोड़ चुका दम, वफा निभाने…

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  • Swabhavik
    कविताएँ

    स्वाभाविक | Swabhavik

    ByAdmin July 18, 2023

    स्वाभाविक ( Swabhavik )    हर रात अंधेरे का ही प्रतीक नही होती तीस रातों मे एक रात होना स्वाभाविक है उजाले के दिनकर को भी होता है ग्रहण हर किसी मे कुछ कमी होना स्वाभाविक है कभी टटोलकर देखिए खुद के भीतर भी आपमे भी कमी का होना स्वाभाविक है पूर्णता की तलाश मे…

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  • Mahak Pyar ki
    ग़ज़ल

    महक प्यार की | Mahak Pyar ki

    ByAdmin July 18, 2023

    महक प्यार की ( Mahak pyar ki )    कान में चूड़ी की खनक रही प्यार की दिल में कसक रही सांस में महक प्यार की उठी आज वो गुलों में लचक रही वो नहीं आये है सनम मिलने राह उसी की अब तलक रही इश्क़ में गिरफ़्तार दिल हुआ एक बस दिखाती झलक रही…

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  • Beti ke Janam par Kavita
    कविताएँ

    तेरे आने से | Beti ke Janam par Kavita

    ByAdmin July 18, 2023

    तेरे आने से ( Tere aane se )    मुंह टेढ़ा था नाक सिकुड़ी थी मन गिरा गिरा कर सब उदास खड़े थे,     तेरे आने से। पता नहीं क्यों इतना नफरत तुमसे! नाखुश हो जाते हैं भार सा लद जाता है,   तेरे आने से। समाज भी सम्मान नहीं करता मां बाप का…

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  • Baal Sakha
    कविताएँ

    बाल सखा हम | Baal Sakha

    ByAdmin July 17, 2023July 18, 2023

    बाल सखा हम ( Baal sakha hum )    छोड़ो – तोड़ो बंधनों को, आज जीने दो हम दोनों को। बालसखा हम मिलकर, छप्प-छप्पाई मचाएँगे। पानी का गीत गाएंँगे, बूँदों को भी साथ नचाएंँगे। ये हमारे मस्ती भरे रस्ते, किसी की परवाह हम कहांँ करते। बूंँदों में भीगने का आनंद, घर जा कर बताएंँगे ।…

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  • Sath
    कविताएँ

    साथ | Sath

    ByAdmin July 17, 2023

    साथ ( Sath )    वह साथ ही तुम्हे कभी साथ नही देता जिस साथ मे साथ की निजी लालसा हो दीवार कभी भी इतनी ऊंची न उठाओ की पड़ोसी के चीखने की आवाज सुनाई न दे ऊंचाई के भी हर पत्थर तो पूजे नही जाते तलहटी की शिलाओं मे भी भगवान बसते हैं तुम…

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  • Awadh me ram aaye hai
    साहित्यिक गतिविधि

    “अवध में राम आये है” पुस्तक में उदय की कविताओं का हुआ प्रकाशन

    ByAdmin July 17, 2023

    अवध में राम आये है इस नाम के प्रथम संस्करण का सफलतापूर्वक प्रकाशन माह जून 2023 में हुआ है यह पुस्तक ब्राइट एम. पी. पब्लिशर 1081 ए चाचा चौक नियर एन. आई. टी. फरीदाबाद हरियाणा 121005, मुद्रण एस. आर. एन. पी. प्रिंटर्स 1070 ए, राजीव नगर गुड़गाॅंव, हरियाणा- 122001 द्वारा प्रकाशित किया गया है जिसका…

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  • Haal-E-Dil
    ग़ज़ल

    हाल-ए-दिल बताना है | Haal-E-Dil

    ByAdmin July 17, 2023July 17, 2023

    हाल-ए-दिल बताना है ( Haal-e-dil batana hai )    हाल -ए – दिल उसे बताना है। आज कुछ भी नहीं छुपाना है। प्यार करके ये दिल बहुत रोया, और पीछे पड़ा ज़माना है। आँसुओं से लिखे है ख़त मैने, क्यूँ बना वो रहा बहाना है। बेवफ़ा वो नहीं पता मुझको, जान है वो उसे मनाना…

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