Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Javabdari
    कविताएँ

    जवाबदारी | Javabdari

    ByAdmin July 19, 2023

    जवाबदारी ( Javabdari )    बूंद, बूंद से बन जाती है नदी और सागर से महासागर तक भी हस्ती कोई भी हो ,छोटी नही होती बूंद मे समाया रहता है महासागर भी… एक ध्रुव तारा ही बदल देता है पंचांग को एक इंद्र धनुष ही करा देता है पहचान रंगों का एक ,कभी भी एक…

    Read More जवाबदारी | JavabdariContinue

  • Ghazal on Ishq
    ग़ज़ल

    मेरे पास तुम हो | Ghazal on Ishq

    ByAdmin July 19, 2023

    मेरे पास तुम हो ( Mere paas tum ho )   सुब्ह हो या शाम,मेरे पास तुम हो दिल को है आराम,मेरे पास तुम हो देखता रहता हूँ मैं सूरत तुम्हारी और क्या है काम,मेरे पास तुम हो हमसफ़र तुम हो तो अब इस ज़िंदगी का कुछ भी हो अंज़ाम,मेरे पास तुम हो एक दूजे…

    Read More मेरे पास तुम हो | Ghazal on IshqContinue

  • KB Writers
    कविताएँ

    के बी राइटर्स साहित्यिक मंच | KB Writers

    ByAdmin July 19, 2023

    के बी राइटर्स साहित्यिक मंच ( K B Writers saahityik manch )    वार्षिकोत्सव की पावन बेला पर देते आपको बधाई, साहित्यिक गतिविधियों में अद्वितीय सेवाऍं निभाई। छोटे-बड़े और नऐ कलमकारों का इसने दिल जीता, केबी राइटर्स साहित्य मंच की इस-दिन नींव लगाई।। सफ़र संघर्ष का शुरु किया था आपने ०३ वर्ष पहले, धीरे-धीरे कलमकार…

    Read More के बी राइटर्स साहित्यिक मंच | KB WritersContinue

  • Badli ka Swag
    कविताएँ

    बदली का स्वैग | Badli ka Swag

    ByAdmin July 19, 2023July 19, 2023

    बदली का स्वैग ( Badli ka swag )    हवा के परों पर उड़ती हुई सी आई एक बदली- छोड़ सारे राग-रोग जम -ठहर गई रमा के जोग। आंँखों में है आकाश कर में बूँदों का पाश छलकेगी- बरसेगी देगी आज जीवन औ धरा को सांँस- इस उन्मत्त बदली को शायद है पता- उसके यूँ…

    Read More बदली का स्वैग | Badli ka SwagContinue

  • Wah re Wah Tamatar
    कविताएँ

    वाह रे वाह टमाटर | Wah re Wah Tamatar

    ByAdmin July 18, 2023

    वाह रे वाह टमाटर ( Wah re wah tamatar )   वाह रे टमाटर क्या इज्जत पाई है। भाव भी ऊंचे शान तेरी सवाई है। टमाटर से गाल जिनके मिल जाए। खजाना भर माल चल पास आए। भाव उनके भी बढ़ जाते दुनिया में। लाल लाल टमाटर सा मुंह बनाएं। अब आलू नहीं टमाटर हो…

    Read More वाह रे वाह टमाटर | Wah re Wah TamatarContinue

  • Laddu Gopal
    कविताएँ

    लड्डू गोपाल | Laddu Gopal

    ByAdmin July 18, 2023

    लड्डू गोपाल ( Laddu Gopal )    ऐसी लागी नजर तुझे ओ लड्डू गोपाल सांवरे हो गए तेरे गोरे गाल लाल लाल यह काली घटाओं लट, घुंघराले तेरे बाल काली कमली वाले ने जैसे किया कमाल! तेरी तिरछी नजरिया लगे फिर भी प्यारी , तेरी टेढ़ी कमरिया पर सजे मुरली न्यारी ।। ऐसी लागी नजर…

    Read More लड्डू गोपाल | Laddu GopalContinue

  • Hariyali Amavasya
    कविताएँ

    हरियाली अमावस्या | Hariyali Amavasya

    ByAdmin July 18, 2023

    हरियाली अमावस्या ( Hariyali amavasya )    मनाओं सभी हरियाली अमावस्या, सावन में प्रकृति लाई ढेरों खुशियाॅं। पर्व का उद्देश्य प्रकृति से प्रेम करो, हरे भरें खेत देखकर झूमें सखियाॅं।। जगह-जगह लगते मिठाई के ठेले, बागों में झूलें और बाजारों में मेले। सभी मनातें जश्न, त्योंहार परिवार, युवाओं के साथ झूमें गुरु एवं चेले।। गेहूं…

    Read More हरियाली अमावस्या | Hariyali AmavasyaContinue

  • Shiva ka darbar
    गीत

    शिव का सजा दरबार सावन में | Shiv ka Saja Darbar

    ByAdmin July 18, 2023

    शिव का सजा दरबार सावन में ( Shiv ka saja darbar sawan mein )    जल भर लोटा हाथों में सजा लो कावड़ भक्तों। भोले शिव का करो ध्यान उठा लो कावड़ भक्तों। हर-हर महादेव सब बोलो बढ़ते चलो वन वन में। त्रिनेत्र त्रिशूलधारी सदाशिव भोलेनाथ रखो मन में। शिव का सजा है दरबार सावन…

    Read More शिव का सजा दरबार सावन में | Shiv ka Saja DarbarContinue

  • Mitti ki Kaya
    कविताएँ

    है ये मिट्टी की काया | Mitti ki Kaya

    ByAdmin July 18, 2023

    है ये मिट्टी की काया! ( Hai ye mitti ki kaya )    मैंने खुद को तपा करके, जीवन को सजाया है। था कर्म मेरा अच्छा, तब जनम ये पाया है। कुदरत के आंगन में, बड़े मजे से खेला है। ये बीत गया जीवन, अब जाने की बेला है। पुरुषार्थ किया हमने, अब मोक्ष को…

    Read More है ये मिट्टी की काया | Mitti ki KayaContinue

  • Mobile se Doori Banaye
    कविताएँ

    मोबाईल से दूरी बनाएं | Mobile se Doori Banaye

    ByAdmin July 18, 2023

    मोबाईल से दूरी बनाएं ( Mobile se doori banaye )    मोबाईल के इस शोख ने आज सबको हिला दिया, छोटे-बड़े बच्चें एवं बुड्ढे सबको नाच ये नचा दिया। टेलिविज़न रेडियों एवं एसटीडी को भी भुला दिया, पाश्चात्य संस्कार संस्कृति धीरे-धीरे ये छुड़ा दिया।। धूल-भरी है आज ज़िंदगी व सब जगह पर ‌गन्दगी, खो गई…

    Read More मोबाईल से दूरी बनाएं | Mobile se Doori BanayeContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 425 426 427 428 429 … 835 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search