• जीवन का अक्स | Jivan Shayari

    जीवन का अक्स ( Jivan ka aks )  उजालों की बातों से दिल घबराता है, अंधेरा हर कदम कितना दहलाता है। जीने की मज़बूरियां सबकी है अपनी, अक्सर दुख की नदियाँ में तैराता है। मौसमी नमी से निज़ात पा ले मगर, सूखे वो न जो आँखों में गहराता है। बरसने की मंशा भरकर भी कोई,…

  • हाय रे टमाटर | Hi re Tamatar

    हाय रे टमाटर ( Hi re tamatar )   हाय रे टमाटर तेरा कैसा कमाल पूछ रहा हर कोई आज तेरा हाल…। आलू का साथ छोड़ा बैगन का दिल तोड़ा कोहड़ा से बंद हुई तेरी बोल-चाल… हाय रे टमाटर ०… परवल को पीछे छोड़ा गोभी से नाता तोड़ा अदरक को लेकर तू करे खूब बवाल…….

  • कलयुग का प्रेम | Kalyug ka Prem

    कलयुग का प्रेम ( Kalyug ka prem )    एक बार एक लड़के ने एक लड़की से कहा “मैं तुम्हें कुछ देना चाहता हूं।” फिर लडकी ने कहा “मुझे कुछ नही चाहिए सिर्फ आप मेरा सम्मान रखना ।” लड़के ने कहा, “देखो तो, बड़े प्यार से लाया हूं यार।” जब लड़की ने देखा कि वो…

  • मज़ा आ गया | Mazaa aa Gaya

    मज़ा आ गया ( Mazaa aa Gaya )  था तो मुश्किल सफ़र पर मज़ा आ गया इक मुसाफ़िर गया दूसरा आ गया इक मुलाकात उस से हुई थी कहीं मेरे घर वो पता पूछता आ गया उसके आते ही लगने लगा है मुझे वक़्त दर पर मेरे ख़ुशनुमा आ गया लुत्फ़ ही लुत्फ़ आने लगा…

  • मुझे संग पाओगे | Hindi Prem Kavita

    मुझे संग पाओगे ( Mujhe sang paoge )   जानती हुँ मैं मुझमें वो पा ना सके तुम जिसे देखा करते थे ख्वाबों में कभी लाल साड़ी मे लिपटी फिल्मी सी या सुनहरी जलपरी जैसे बल खाती लचीली सी.. जानती हुँ मैं शायद ना पा सके मुझमें जो सोचा था तुमने वो शुचिता और पाक…

  • मोल क्या दोगे | Mol kya doge

    मोल क्या दोगे ( Mol kya doge )    यूं ही बरसती नही बूंद बादल से याद है उसे सागर की गहराई छूकर भी ऊंचाई को हर कोई जमीनी धरातल को भूला नहीं करता… चुका दोगे ली गई कर्ज की दौलत को उस वक्त के एहसान का मोल क्या दोगे कम पड़ जायेगी तुम्हारी उम्र…

  • सखी बरसे खूब सावनवा ना | Sawan Kajri

    सखी बरसे खूब सावनवा ना ( कजरी) ( Sakhi barse khoob sawanwa na )    बहे जोर-जोर शीतल पवनवा सखी बरसे खूब सावनवा ना ….2 जब से बरखा ऋतु है आई बदरी नभ में खूब छाई। 2 करिया लागे धरती और गवनवा ना….. सखी बरसेला सवनवा ना….. नदी नार जल से भरे पेड़ रुख हुए…

  • दुआ से | Dua se

    दुआ से ( Dua se )    रोज़ करता हूँ दुआ मैं वो ख़ुदा से अब शिफ़ा मिले तेरी रब दवा से रब बनाए रख नज़र ऐ रोज़ मुझपर दूर हर पल मैं रहूँ रब हर बला से जिंदगी से दूर खुशियाँ हुई यूं हाँ नमाजो की यहाँ यारों क़ज़ा से हो गया हूँ आज…

  • लापता कर गया | Ghazal Shayari

    लापता कर गया ( Laapata kar gaya )   तंज़ के तीर सारे चला कर गया। है बिछड़ के बहुत ख़ुश बता कर गया। ज़ख़्म फिर से हमारा हरा हो गया कौन उसका यहां तज़किरा कर गया। दी रिहाई हमें इश्क़ की क़ैद से ख़त्म वो प्यार का सिलसिला कर गया। तोड़ कर दिल हमारा…

  • नर से नारायण | Nar se Narayan

    नर से नारायण  ( Nar se narayan )    कहां गया, मेरा वह बचपन सारे खेल खिलौने, समय आज का लगता जैसे कितने क्रूर धिनौने। साथ बैठना उठना मुस्किल मुस्किल मिलना जुलना, सबमें तृष्णा द्वेष भरा है किससे किसकी तुलना। बात बात पर झगड़े होते मरते कटते रहते कभी नही कोई कुछ करते जो कुछ…