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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kasak Shayari
    ग़ज़ल

    प्यार की दिल में कसक रही | Kasak Shayari

    ByAdmin June 27, 2023July 2, 2023

    प्यार की दिल में कसक रही ( Pyar ki dil mein kasak rahi )   कान में चूड़ी की खनक रही प्यार की दिल में कसक रही सांस में महक प्यार से उठी आज वो गुलों में लचक रही वो नहीं आये है सनम मिलने राह उसी की अब तलक रही इश्क़ में गिरफ़्तार दिल…

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  • Kya Pahi Pyar hai
    शेरो-शायरी

    क्या यही प्यार है | Kya Yahi Pyar hai

    ByAdmin June 27, 2023June 27, 2023

    क्या यही प्यार है ( Kya yahi pyar hai )   मुझे उठते बैठते तेरा ही ख़्याल सताता है, सोते जागते दिल में यही सवाल आता है। देखता हूँ व्हाट्सएप मैसेज इंस्टाग्राम चैट, हर घड़ी बस बात करने को दिल चाहता है! नहीं लगता तेरे सिवाय कहीं भी मन मेरा, तड़पते दिल को सूकून भी…

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  • Chhatrapati Shahu Maharaj
    कविताएँ

    छत्रपति शाहू महाराज | Chhatrapati Shahu Maharaj

    ByAdmin June 26, 2023

    छत्रपति शाहू महाराज ( Chhatrapati Shahu Maharaj )   दीन-दुखियों का शाहू महाराज आधार थे, आधुनिक महाराष्ट्र के शिल्पकार थे। तब समाज में फैली थी बड़ी विषमता, सही रूप से अछूतों के तारणहार थे। दलितों और शोषितों को दिए अधिकार, उन सबकी रक्षा- कवच की दीवार थे। हरेक की पढ़ाई का किये थे बन्दोबस्त, जो…

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  • Jazbaat pe Ghazal
    ग़ज़ल

    जज़्बात से | Jazbaat pe Ghazal

    ByAdmin June 26, 2023July 2, 2023

    जज़्बात से ( Jazbaat se )    ज़िंदगी चलती नहीं है आज़कल जज़्बात से जूझना पड़ता सभी को रात दिन हालात से। गीत ग़ज़लें और नज़्में भूल जाता आदमी ज़िंदगी जब रूबरू होती है अख़राजात से। क्यूं चलाते गोलियां क्यूं लड़ रहे सब इस क़दर रंजिशों के मामले अक्सर हुए हल बात से। अब के…

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  • Nasha
    कविताएँ

    नशा | Nasha

    ByAdmin June 26, 2023

    नशा ( Nasha )  नशा मुक्ति दिवस पर एक कविता   अच्छों अच्छों को नशा कितना बिगाड़ देता हैl बसी बसाई गृहस्ती को मिनटों में उजाड़ देता हैl बच्चे का निवाला छीन बोतल में उड़ा देता हैl दूरव्यसन के आदि को हिंसक बना देता हैl बिकने लगता है मकान सड़क पर ला देता हैl आदि…

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  • Best Ghazal Lines in Hindi
    ग़ज़ल

    बदलते हैं | Best Ghazal Lines in Hindi

    ByAdmin June 26, 2023July 2, 2023

    बदलते हैं ( Badalte hain )   बदलती शाम सुबहें और मौसम भी बदलते हैं बुरे हालात हों तो दोस्त हमदम भी बदलते हैं। लगाता ज़ख़्म वो हर बार हंस हंस के मुझे यारों नयी हर चोट पर हर बार मरहम भी बदलते हैं। कभी थी सल्तनत जिनकी वो पसमंजर में हैं बैठे बड़ी हैरत…

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  • shubham memorial
    साहित्यिक गतिविधि

    शुभम मेमोरियल साहित्यिक संस्था ने नगर के साहित्यकारों किया सम्मान

    ByAdmin June 26, 2023

    बरेली। शुभम मेमोरियल साहित्यिक संस्था के तत्वावधान में सम्मान समारोह और काव्य गोष्ठी का आयोजन रविवार को कोहाड़ापीर स्थित भारत सेवा ट्रस्ट के सभागार में हुआ। जिसमें नगर के सहित्यकारों का सारस्वत अभिनन्दन उनके साहित्य में अविस्मरणीय योगदान के लिए किया गया। जिसमें हास्य व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर मनोज दीक्षित टिंकू, श्रीमती शिव रक्षा पांडेय…

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  • Jo Kuch Umda
    कविताएँ

    जो कुछ उम्दा | Jo Kuch Umda

    ByAdmin June 25, 2023June 25, 2023

    जो कुछ उम्दा ( Jo kuch umda)    नया / पुराना / अभी का/ तभी का जो कुछ भी है/ जहांँ भी/कहीं का/ हर क्षेत्र का/ हर विधा का/ बस वही रहे /जो है उम्दा सर्वप्रिय/ मंगलकारी सत्यम/ शिवम/ सुंदरम सा जिससे हो अपना/ देश का भला बाकी सब /उखाड़ फेंको  बाहर का/ दरवाजा दिखा…

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  • Aadambar
    कविताएँ

    आडंबर | Aadambar

    ByAdmin June 25, 2023

    आडंबर ( Aadambar ) करुण रस की रचना   पुकारता वह रह गया कोई बचा लो मुझे, भीड़ व्यस्त थी बहुत वीडियो बनाने में! ठंड में ठिठुर रहा था बेतहाशा वो गरीब, लोग मशगूल थे बहुत चादरें चढ़ाने में! मर गया भूख से अखिर तड़प तड़प कर, फेंक रहे थे बचा हुआ खाना कूड़ेदान में!…

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  • Main Akela
    गीत

    मैं अकेला थोड़ी हूँ | Main Akela

    ByAdmin June 24, 2023

    मैं अकेला थोड़ी हूँ  ( Main akela thodi hoon )   अन्धड़ों से भिड़ सके जो और भी सागर में हैं। मैं अकेला थोड़ी हूँ।। कुंद इन्दु रजत प्रभामय कामिनी सुरपुर हला सी। कोमलांगी पुष्पबाला हृदय रमणी चंचला सी। मैं भ्रमर हूँ इस कली का सोचकर सपने सजाये। कुछ दिनों पश्चात भ्रम टूटा तभी जब…

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