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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • लेखनी ने बढ़ाया “उदय” का मान
    साहित्यिक गतिविधि

    लेखनी ने बढ़ाया “उदय” का मान

    ByAdmin June 24, 2023June 24, 2023

    जहां नहीं पहुंचे रवि वहीं पहुंचे कवि, सैनिक कवि- गणपत लाल उदय अराॅंई अजमेर (राजस्थान) से है। जिन्होंने देश सेवा के साथ-साथ देशभक्ति प्रेम, सौन्दर्य, प्रकृति, स्वास्थ्य, माता पिता, परिवार, अपनें पारंपरिक त्योंहार और सामाजिक विषयों पर अनेंक कविताएं लिखकर अपनी लेखनी का जौहर दिखाया । वास्तव में यह साहित्य समाज की दिशा और ‌ये…

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  • Sanam Shayari
    शेरो-शायरी

    आ सनम तू प्यार कर ले | Sanam Shayari

    ByAdmin June 24, 2023

    आ सनम तू प्यार कर ले ( Aa sanam tu pyar kar le )    राह में दीवार कर ले घर अलग तू यार कर ले यूं न कर इंकार उल्फ़त प्यार तू इक़रार कर ले मत छुपा बातें कोई भी बात तू इज़हार कर ले क्या पता कब फ़िर मिले हम दो घड़ी तू…

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  • Kavitayen
    कविताएँ

    कविताएंँ रहेंगी | Kavitayen

    ByAdmin June 24, 2023June 24, 2023

    कविताएंँ रहेंगी…… ( Kavitayen rahengi )    हृदय को संवेदना की कसौटी पर कसेंगी कुछ रहे न रहे कविताएंँ रहेंगी मेरी- तेरी ,इसकी -उसकी, मुलाकातें ,जग की बातें, जगकर्ता के क़िस्से कहेंगी कुछ  रहे न रहे …….कविताएंँ रहेंगी। भागते हुए वक़्त की चरितावली संघर्ष की व्यथा -कथा विकास की विरुदावली कभी शांँति की संहिता रचेंगी…

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  • Deedar Ghazal
    ग़ज़ल

    कैसे हो दीदार सनम का | Deedar Ghazal

    ByAdmin June 24, 2023July 2, 2023

    कैसे हो दीदार सनम का ( Kaise ho deedar sanam ka )    कैसे हो दीदार सनम का पर्दे में जब प्यार सनम का रुत मस्तानी हो और यूं हो बाहें डालें हार सनम का दिल दीवाना बन जाता है ऐसा है मेआर सनम का मीठा दर्द जगाये दिल मे तीर लगे जब पार सनम…

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  • Latest Ghazal
    ग़ज़ल

    लगी कुछ देर | Latest Ghazal

    ByAdmin June 24, 2023July 2, 2023

    लगी कुछ देर ( Lagi kuch der )   लगी कुछ देर उनको जानने में हां मगर जाना हमारे प्यार का होने लगा है कुछ असर जाना। कभी वो हंस दिये रहमत ख़ुदा की हो गई हम पर हुए नाराज़ तो उसको इलाही का कहर जाना। हुए ग़ाफ़िल मुहब्बत में भुला दी जात भी अपनी…

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  • Mohabbat ki Dariya
    शेरो-शायरी

    मोहब्बत की दरिया | Mohabbat ki Dariya

    ByAdmin June 23, 2023

    मोहब्बत की दरिया ( Mohabbat ki Dariya )   अदाओं का तेरा खजाना चाहता हूँ, जवानी का तेरा तराना चाहता हूँ। चलती जिधर फूल खिलते उधर ही, रजा चलके खुद जानना चाहता हूँ। दीवानगी कुछ चढ़ी इस कदर है, कदमों में आँखें बिछाना चाहता हूँ। भीगी-भीगी रातें जलाती हैं मुझको, लगी आग को मैं बुझाना…

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  • Farishta
    कविताएँ

    मैं कोई फरिश्ता नहीं | Farishta

    ByAdmin June 23, 2023

    मैं कोई फरिश्ता नहीं! ( Main koi farishta nahi )   इतना काफी है जमाने को बताने के लिए, आजकल आती नहीं हमको रुलाने के लिए। कहानी तैरती है उसके दिल की झीलों में, उतरती दरिया नहीं बेसुध नहाने के लिए। हुस्न की गागर वो चलने पे छलकती ही है, बढ़ती बेताबियाँ हमको जलाने के…

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  • Ghazal Lines in Hindi
    ग़ज़ल

    तयशुदा कागज़ों पर बयानी हुई | Ghazal Lines in Hindi

    ByAdmin June 23, 2023July 2, 2023

    तयशुदा कागज़ों पर बयानी हुई ( Tayashuda kagazon par bayani hui )   तयशुदा कागज़ों पर बयानी हुई हम ग़रीबों की क्या ज़िंदगानी हुई एक पागल ने खोले थे दिल के वरक़ सारी दुनिया मगर पानी-पानी हुई तेरी आँखों में अब भी है रंग-ए-हिना इतनी संजीदा कैसे कहानी हुई उनसे मिलते ही इतने दिये जल…

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  • Gulashan ka Phool
    शेरो-शायरी

    मैं गुलशन का फूल नहीं हूँ | Gulshan ka Phool

    ByAdmin June 23, 2023July 30, 2023

    मैं गुलशन का फूल नहीं हूँ ( Main gulashan ka phool nahin hoon )   मैं गुलशन का फूल नहीं हूँ लेकिन फ़िर भी बबूल नहीं हूँ तू जो करें किनारा मुझसे दिल से मैं तो शूल नहीं हूँ तू जो गले लगता नहीं है मैं ऐ यार बबूल नहीं हूँ फ़ेरे तू नज़रें क्यों…

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  • Muhabbat mein
    ग़ज़ल

    मुहब्बत में इशारे बोलते हैं | Muhabbat mein

    ByAdmin June 23, 2023July 2, 2023

     मुहब्बत में इशारे बोलते हैं ( Muhabbat mein ishare bolte hain )   फ़लक से चाँद तारे बोलते हैं मुहब्बत में इशारे बोलते हैं तुम्हीं ने रौनक़े बख़्शी हैं इनको यहाँ के सब नज़ारे बोलते हैं बहुत गहरा है उल्फ़त का समुंदर मुसाफिर से किनारे बोलते हैं बहुत मुश्किल सफ़र है ज़िन्दगी का थके हारे…

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