• उम्मीद मेरी | Ummeed Meri

    उम्मीद मेरी ( Ummeed meri )    मफऊल मुफाईल मुफाईल फऊलुन  उम्मीद मेरी आज इसी ज़िद पे अड़ी है हर बार तेरे दर पे मुझे लेके खड़ी है मिलने का किया वादा है महबूब ने कल का यह रात हरिक रात से लगती है बड़ी है मैं कैसे मिलूँ तुझसे बता अहले-ज़माना पैरों में मेरे…

  • माँ की याद में | Maa ki Yaad me

    माँ की याद में ( Maa ki yaad me )  किसी को धरती मिली और,किसी को आकाश। मैं तो सबसे छोटा था तो, मुझे मिल गयी माँ। स्याह में भी टिमटिमाती, पूछती हर ख्वाब। शून्य में भी लग रहा था, पूरा था संसार। चमकता उज्जवल सा माथा, और चेहरा लाल। आंखों मे जितना ही ढूंढो,…

  • मेरे अहसास | Mere Ehsaas

    मेरे अहसास ( Mere ehsaas )   एक मुद्दत से उसने मेरा हाल नहीं पूछा कहते हैं लफ़्ज़ों की बरसात नहीं करता एक उम्र ही गुजर गई उससे मिले बगैर सुना है अब वो किसी से बात नही करता वो एक खिडकी जो सारे शहर में चर्चा थी कहते हैं अब परिंदा वहाँ ठिकाना नहीं…

  • रे आदमकद | Re Aadamkad 

    रे आदमकद !  ( Re aadamkad )    हो गया है तू कितना बौना! तुझे हर वक्त चाहिए सुख सुविधाओं का बिछौना! भूल गया है तू इस पुण्य धरा में कहांँ-कहांँ महान सभ्यता- संस्कृति के गौरव चिन्ह छुपे हुए हैं अपने मन से पूछ क्या तूने कभी खोजें हैं! अधुनातन रंग में रंग गया है…

  • उपासना स्थल | क्षणिका

    उपासना स्थल | kshanika   उपासना स्थल भव्य हों ऊंँची मीनारें, बुर्ज़ तने हों। उपासना करने वाले बौने चरित्र हों तो कैसे रक्षा करेंगे विशालकाय देवालय।।   @अनुपमा अनुश्री ( साहित्यकार, कवयित्री, रेडियो-टीवी एंकर, समाजसेवी ) भोपाल, मध्य प्रदेश यह भी पढ़ें :- Hindi Kavita | चार लाइनें

  • राम नाम की चादर ओढ़े | Ram Naam ki

    राम नाम की चादर ओढ़े ( Ram naam ki chadar odhe )    राम नाम की चादर ओढ़े राम नाम की माला। राम धुन में रत हो रहा श्रीराम भक्त मतवाला। पवन वेग से पवनपुत्र गिरी द्रोण उठा कर लाया‌ संजीवन बूटी लक्ष्मण को झट से प्राण बचाया। लांघ गया सौ योजन सिंधु कर रामनाम…

  • डमरू वाला है दातार | Damru Wala

    डमरू वाला है दातार ( Damru wala hai datar )   ऊंचे पर्वत बैठे शिवशंकर सारी दुनिया के करतार। गले सर्प की माला सोहे शिव की शक्ति अपार। डमरू वाला है दातार नीलकंठ महादेव भोले बहती जटा से गंगधारा। हाथों में त्रिशूल धारे तांडव नृत्य नटराज प्यारा। डम डम डमरू बाजे जपो हर हर महादेव…

  • पापा तो पापा ही होते | Papa to Bus Papa hi Hote

    पापा तो पापा ही होते ( Papa to bus papa hi hote )    यह पापा तो हम सब के पापा ही होते, स्वयं से भी ज़्यादा हमारा ध्यान रखतें। ‌ हमें ज़िन्दगी जीने की यह कला बताते, कभी कोई बहाना किसी से ना बनाते।। सभी ज़रुरतों को यह पापा पूरी करतें, नौकरी कोई ऑटो…

  • महकेगा आंगन | Mahkega Aangan

    महकेगा आंगन! ( Mahkega aangan )    निगाहों में मेरे वो छाने लगे हैं, मुझे रातभर वो जगाने लगे हैं। दबे पांव आते हैं घर में मेरे वो , मुझे धूप से अब बचाने लगे हैं। जायका बढ़ा अदाओं का मेरे, होंठों पे उँगली फिराने लगे हैं। तन्हाई में डस रही थीं जो रातें, रातें…

  • हम दो | Hum Do

    हम दो ( Hum do )  जहांँ हम दो हैं वहीं है परिवार सारा साज- श्रृंँगार सुरक्षा और संस्कार। जब साथ होते हैं सुकून में भीगे-भीगे लम्हात होते हैं नेह का मेह बरसता है खुद पर विश्वास आशाओं का आकाश होता है। दौड़ती -भागती जिंदगी में ये अल्पविराम अभिराम होता है इन पलों में जैसे…