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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Sahitya aur Hindi Film
    सिनेमा

    साहित्य और हिंदी फिल्मी गीतों की जुगलबंदी

    ByAdmin June 11, 2023June 11, 2023

    “वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा होगा गान” शब्दों का यह सफर सदियों से चल रहा है हमारा हमसफर बनकर, गीतों, गजलों, कविताओं में ढलकर। काव्य अनुभूत जिंदगी है। ऐसी शाब्दिक अभिव्यक्ति जो हमारे ह्रदय के भावों की सघनता, गहनता को परिभाषित और मुखर करती है। साहित्य की सुभाषित, सुवासित, सर्वोत्कृष्ट और सुंदर विधा…

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  • Kitni Diwaren
    कविताएँ

    कितनी दीवारें खड़ी करते हो | Kitni Diwaren

    ByAdmin June 11, 2023June 11, 2023

    कितनी दीवारें खड़ी करते हो ( Kitni diwaren khadi karte ho )   जितनी दीवारें खड़ी करते हो उतनी ढहाना होगा। घृणा को छोड़कर हमें परोपकार अपनाना होगा। जितनी नफरत करते हो उतना प्रेम बहाना होगा। किसी भटके हुए राही को भाई गले लगाना होगा। जितने धरा पे जन्म लेते फिर उतनो को जाना होगा।…

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  • Aadmi hai Jo
    कविताएँ

    आदमी है जो | Aadmi hai Jo

    ByAdmin June 10, 2023June 10, 2023

    आदमी है जो ( Aadmi hai jo )   आदमी है जो  सबको हॅंसाता रहे खुद भी हॅंसता रहे मुस्कराता रहे।   दूर कर दे हर दुखड़े हॅंसी प्यार से जीत ले सारी मुस्किल सदाचार से   लाख बाधाएं आए उसे भूल कर आगे बढ़ते कदम को बढ़ाता रहे, आदमी है जो  सबको हॅंसाता रहे…

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  • Zindagi ka Gulistan
    कविताएँ

    जिन्दगी का गुलिस्तां | Zindagi ka Gulistan

    ByAdmin June 10, 2023

    जिन्दगी का गुलिस्तां ( Zindagi ka gulistan )    झुकता है आसमां उसे झुकाकर तो देखो, रूठने वाले को भी मनाकर तो देखो। प्यार में होती है देखो! बेहिसाब ताकत, एक बार जीवन में अपनाकर तो डेखो। सिर्फ दौलत ही नहीं सब कुछ संसार में, किसी गरीब का आंसू पोंछकर तो देखो। दुनिया की किसी…

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  • Muskura kar Yoon na Jao
    गीत

    मुस्कुरा कर यूं ना जाओ | Muskura kar Yoon na Jao

    ByAdmin June 10, 2023

    मुस्कुरा कर यूं ना जाओ ( Muskura kar yoon na jao )    मुस्कुरा कर यूं ना जाओ लो सनम अब आके मिलो‌। फूल सा चेहरा यह नाजुक सा जरा खिला के मिलो। मुस्कुरा कर यूं ना जाओ अधरों के मोती लुटा दो देखो दिल में प्यार भरा। ओढ़कर धानी चुनरिया देखो झूम रही है…

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  • Aajkal
    शेरो-शायरी

    आजकल | Aajkal

    ByAdmin June 10, 2023

    आजकल! ( Aajkal )    ये कैसा आ गया है अज़ाब आजकल! मुब्तिला तिरगी में आफताब आजकल! शिनाख्त आदमी की मुश्किल है भीड़ में फिरता है चेहरे पे लिए नकाब आजकल! कांटे ही किया करते हैं फूलों की हिफाजत कांटों से घिर गया है लो गुलाब आजकल! बनती हैं फाइलों में सड़कें बड़ी बड़ी बिखरे…

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  • Udaan
    शेरो-शायरी

    उड़ान | Udaan

    ByAdmin June 9, 2023

    उड़ान ( Udaan )   कितने जमाने बाद खुला आसमान हैं ले हौसलों के पंख को भरनी उड़ान है। देखा हज़ार बार मगर प्यास दीद की ये कैसी तिश्नगी हमारे दरमियान है। इस बार इश्क़ में करेंगे फ़ैसला हमीं है इंतजार दे रहा वो क्या बयान है । वो शख़्स रहे यार हमारे क़रीब जब…

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  • Shabdon ki Doli
    गीत

    शब्दों की डोली गजलों की दुल्हन | Shabdon ki Doli

    ByAdmin June 9, 2023

    शब्दों की डोली गजलों की दुल्हन ( Shabdon ki doli ghazalon ki dulhan )    शब्दों की डोली सजी गजलों की सजी दुल्हन। सभा सारी सुरभीत हुई खुशियों भरा तन मन। हलचल मन में हुई सजन पिया मिलन को प्रेमपाश में चली सरिताएं आतुर। शब्द सुरीले मन को मोहे हृदय उमड़े गीत प्रेमातुर। छंद मुक्तक…

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  • Jumlebaazi
    शेरो-शायरी

    जुमलेबाजी | Jumlebaazi

    ByAdmin June 9, 2023

    जुमलेबाजी ( Jumlebaazi )    जुमलेबाजी देश को बेहाल कर देगी बहुत मुल्क का अमन ओ सुकूं पामाल का देगी बहुत भुखमरी, बेरोजगारी,मुफलिसी बढ़ने लगी नफरतें इस मुल्क को कंगाल कर देगी बहुत मुफ़्त राशन देके तुमको तुमसे लेगी दोगुना महंगा आटा, दूध,सब्जी दाल कर देगी बहुत बस दिलासे ही मिलेंगे नौकरी के नाम पर…

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  • Paryavaran ka Dhyan
    कविताएँ

    रखें इस पर्यावरण का ध्यान | Paryavaran ka Dhyan

    ByAdmin June 8, 2023

    रखें इस पर्यावरण का ध्यान ( Rakhen is paryavaran ka dhyan )   चाहें पेड़-पौधे, जीव-जन्तु अथवा हो कोई इंसान, इस प्रकृति से हम है और हमसे ही इसकी शान। साफ़-स्वच्छ इसको रखो इससे जीवन खुशहाल, इसके प्रदूषण से जाती देश में हजारों की जान।। आओ मिलकर सब रखें इस पर्यावरण का ध्यान, पेड़ पौधे…

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