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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kashmir par Ghazal
    शेरो-शायरी

    कश्मीर | Kashmir par Ghazal

    ByAdmin June 7, 2023

    कश्मीर ( Kashmir )   कश्मीर में खिले उल्फ़त के फूल है होंगे नहीं नफ़रत के अब बबूल है तू भूल जा बातें करनी कश्मीर की हर हाथ में अदू वरना त्रिशुल है सच बोलता नहीं है एक बात भी हर बात वो करें दुश्मन फ़िजूल है तू भूल जा रस्ता दुश्मन कश्मीर का तेरे…

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  • Umeedon ki Bagiya
    कविताएँ

    उम्मीदों की बगिया | Umeedon ki Bagiya

    ByAdmin June 7, 2023

    उम्मीदों की बगिया ( Umeedon ki bagiya )   सजाकर रखे हैं आज भी , उम्मीदों की बगिया हमारी । प्यार होगा उनको फूल से , आएगा तब वो कुटिया हमारी ।। पसंद है जो फूल उनको , है वो बगिया की रौनक हमारी । पसीने से सींचकर बड़ा किया , खिले है सिर्फ अंगना…

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  • Sikkey
    कविताएँ

    होते सिक्के हैं खास | Sikkey

    ByAdmin June 6, 2023

    होते सिक्के हैं खास! ( Hote sikkey hain khash )   होते सिक्के हैं खास! ये जो सिक्के हैं इनके कई किस्से हैं ढ़लाई ,पंचिंग , मार्क, स्मारक और कामन होते हैं प्रकार भिन्न भिन्न होते इनके आकार! इतिहास भूगोल से भी इनका नाता प्रबुद्ध जनों / विशिष्टों को यह बहुत ही भाता लगाते हैं…

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  • Teri Yaadon ke Meghon se
    गीत

    तेरी यादों के मेघों से | Teri Yaadon ke Meghon se

    ByAdmin June 6, 2023June 6, 2023

    तेरी यादों के मेघों से ( Teri yaadon ke meghon se )    तेरी यादों के मेघों से ,हर निशा दिवस ही मंगल है । जो सीच रहा मन-मरुथल को ,वो मेघ सलिल गंगाजल है।। वर्षों से बरखा रूठ गई ,इस मुरझाई फुलवारी से। अब नील गगन को ताक रहे, मन मारे किस लाचारी से…

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  • Mitr ki Yaad
    कविताएँ

    मित्र याद आ गऍं | Mitr ki Yaad

    ByAdmin June 6, 2023

    मित्र याद आ गऍं ( Mitr yaad aa gaye )    मित्रता दिवस पर मित्र याद आ गऍं, अब पुरानें सभी दिन वह कहाॅं गऍं। लड़ना झगड़ना ख़ुशी पल भूल गऍं, सब अपनी दुनियाॅं में जैसे खो गऍं।। गुजारें थे जो पल हमनें साथ रहकर, बेरी के बेर खाए थे पेड़ पर चढ़कर। सॅंग स्कूल…

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  • Chahunor
    कविताएँ

    चहुंओर युद्ध हो रहे हैं | Chahunor

    ByAdmin June 6, 2023

    चहुंओर युद्ध हो रहे हैं ( Chahunor yudh ho rahe hai )    चहुंओर युद्ध हो रहे हैं बात सब बुद्ध की कर रहे हैं चहुंओर अधर्म का है जोर और धर्म का सब तरफ है शोर कथनी करनी में इतना भेद हे मानव ! मानस में तेरे कितने छेद? समझ से है परे तब…

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  • Maa ki Yaad Kavita
    कविताएँ

    आती याद बहुत तू माँ | Maa ki Yaad Kavita

    ByAdmin June 6, 2023

    आती याद बहुत तू माँ ( Aati yaad bahut tu maa )    परदेश में ही आती याद बहुत तू माँ तेरे बिन आंखों में ही है आंसू माँ सांसें चलती है जीवन की तुझसे तू मेरी सांसों की ही वो ख़ुशबू माँ लूँ कैसे सांसें तेरे बिन मैं तो अब सांसों में मेरी हर…

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  • Odh karke dhaani chunariya
    गीत

    ओढ़ करके धानी चुनरिया | Odh karke

    ByAdmin June 6, 2023June 6, 2023

    ओढ़ करके धानी चुनरिया ( Odh karke dhaani chunariya )  लय-बद्ध– जरा सामने तो आओ छलिए   ओढ़ करके ये धानी चुनरिया, धरती ने किया श्रृंगार है। रवि किरणों से रोशन के कण-कण, कैसा सुंदर सजा संसार है।। उमड़ घुमड़ कर बदरा छाए, अमृत रस बरसाते हैं। प्यासी धरती निर्मल जल से, खेत खड़े लहराते…

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  • kaalchakra
    कविताएँ

    काल चक्र | kaalchakra

    ByAdmin June 6, 2023

    काल चक्र ( kaalchakra )    मोन हूं शांत हूं, समय गति का सद्भाव हूं! रुकता नही कभी समय , यह ” काल चक्र ” सदैव ही कालांतर से निरंतर गतिमान हैं ।। वह रही समय की धारा, टूटती तो सिर्फ श्वास हैं, फिर भी काल खंड रुका नही यह समय कभी थमा नहीं बदलता…

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  • Bolo Peer Kab tak Sahu
    गीत

    बोलो पीर कब तक सहूं | Bolo Peer Kab tak Sahu

    ByAdmin June 6, 2023

    बोलो पीर कब तक सहूं ( Bolo peer kab tak sahu )    मुश्किलें सर पे छाये, अपने मुझसे रुठ जाए। वाणी के तीर चलाए, बोलो पीर कब तक सहूं। बोलो पीर कब तक सहूं मार्ग सब अवरुद्ध हो जाए, पग-पग पे तूफां आए। कोई रहे कमियां टटोलता, बात का बतंगड़ बनाए। मंझधार में अटकी…

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