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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Jalna Pada
    शेरो-शायरी

    जलना पड़ा | Jalna Pada

    ByAdmin June 15, 2023

    जलना पड़ा ( Jalna pada )   मुझे पूरी उम्र देखो जलना पड़ा है, कलेज़े पे पत्थर भी रखना पड़ा है। खता तो हमारी कुछ भी नहीं थी, फिर भी अंगारे पे चलना पड़ा है। दिल भी जला औ जिस्म भी जला है, आशिकी में सब कुछ सहना पड़ा है। अजब हूँ चराग़ मैं जलता…

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  • Sukhe Ped
    कविताएँ

    सूखे पेड़ पर परिंदे भी घर नहीं बनाते | Sukhe Ped

    ByAdmin June 15, 2023June 15, 2023

    सूखे पेड़ पर परिंदे भी घर नहीं बनाते ( Sukhe ped par parinde bhi ghar nahi banate )   तंगहाली में अपने भी साथ नहीं निभाते। सूखे रूख पर परिंदे भी घर नहीं बनाते। बिन जल सरोवर सूना सूना सा लगता। नीरव तलाश में पंछी अन्यत्र चले जाते। हरी भरी हरियाली हो तरूवर लहराते हैं।…

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  • Father's day special kavita
    कविताएँ

    पुत्री का पिता | Putri ka Pita

    ByAdmin June 15, 2023June 15, 2023

    पुत्री का पिता ( Putri ka pita )  Father’s day special kavita   पिता के कंधे की मजबूती  बेटी के लिए साहस और गर्व का  प्रतीक है होती। उसे समाज में अपने  बढ़ते कदमों की  तब चिंता नहीं होती तब उसकी उम्मीदें,  धुंँधलाती नहीं हैं अंधेरों में छुपकर अपनी  चमक गंँवाती नहीं हैं।   जिन…

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  • Abki Nibhana
    कविताएँ

    अबकी निभाना जुमला न बताना | Abki Nibhana

    ByAdmin June 15, 2023

    अबकी निभाना जुमला न बताना! ( Abki nibhana jumla na batana )   सत्तर साल में पहली बार एकसाथ दस लाख नौकरियों की बहार आह जी सरकार वाह जी सरकार ले आओ जल्दी हैं युवा बेकरार! चुनाव से पहले कर लेना वरना बाद में कोई नहीं करता आप भी नहीं! मंत्री जुमला बता है निकलता…

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  • Mata Vaishno Devi
    कविताएँ

    माता वैष्णो देवी का धाम | Mata Vaishno Devi

    ByAdmin June 14, 2023

    माता वैष्णो देवी का धाम ( Mata Vaishno Devi ka dham )    त्रिकुटा की पहाड़ियों पर एक गुफ़ा में है ऐसा स्थान, काली सरस्वती लक्ष्मी माता वहाॅं पर है विराजमान। करीब ७०० वर्ष पहले बनवाया यें मंदिर आलीशान, पं श्रीधर ऐसे भक्त हुये थें नहीं कोई जिनके समान।। है विश्व प्रसिद्ध मन्दिर यह माता…

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  • Badal par Hindi Kavita
    कविताएँ

    Badal par Hindi Kavita | बादल

    ByAdmin June 14, 2023

    बादल! ( Badal )    मेरी मुंडेर की तरफ बढ़ रहा बादल, अरब सागर की तरफ से चढ़ रहा बादल। न जाने कितने क्विंटल पानी से है भरा, तूफानी हवाओं से भी लड़ रहा बादल। सूख चुके तालाब,नदी,डैम न जाने कब के, उनकी चीख- चीत्कार को सुन रहा बादल। सागर की कोख से फिर जन्म…

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  • ग़ज़ल मंच का ऑनलाइन 73 वाँ तरही मुशायरा
    साहित्यिक गतिविधि

    ग़ज़ल मंच का ऑनलाइन 73 वाँ तरही मुशायरा

    ByAdmin June 14, 2023

    ग़ज़ल मंच का ऑनलाइन 73 वाँ तरही मुशायरा बरेली के मशहूर वरिष्ठ शायर प्रतिष्ठित गजलकार जनाब मोहतरम विनय सागर जायसवाल की सदारत में सम्पन्न हुआ।मुशायरे की निजामत अलका मित्तल (मेरठ) ने की। मेहमानें ख़ास रहीं सुनीता लुल्ला (हैदराबाद) सभी के सहयोग से मुशायरा बहुत ही कामयाब सराहनीय रहा। सभी उपस्थित जनों ने ख़ूब बढ़ चढ़…

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  • Tanha Raat ki Duhai deti Hai
    शेरो-शायरी

    तन्हा रात की दुहाई देती है | Tanha Raat Shayari

    ByAdmin June 14, 2023July 29, 2023

    तन्हा रात की दुहाई देती है! ( Tanha raat ki duhai deti hai )   तन्हा रात की दुहाई देती है! रौशनी जब दिखाई देती है! यूं उजालों से निस्बत है मेरी खामुशि घर की रुस्वाई देती है! कैसे जी लेते हैं तन्हा लोग होकर हमसफर हिज्र से रिहाई देती है! खुश हैं वो लगाके…

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  • हिंदी फिल्मी गीत और जीवटता
    सिनेमा

    हिंदी फिल्मी गीत और जीवटता

    ByAdmin June 13, 2023June 13, 2023

    “सूरज देख रुक गया है तेरे आगे झुक गया है ।” प्रचंड हौसलों की बयानी करता हुआ यह गीत जता देता है कि जिंदगी के हर इम्तिहान में तपना है और निखर कर जीत पर, अपना नाम दर्ज करना है , क्योंकि जिंदगी फूलों की सेज नहीं होती –   ” कांँटों पे चल के…

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  • Mausam -E -Gul
    शेरो-शायरी

    मौसम -ए -गुल | Mausam -E -Gul

    ByAdmin June 13, 2023

    मौसम -ए -गुल! ( Mausam -e -gul )   बारिश का मौसम बनने लगा है, कुदरत के हाथों सजने लगा है। मिलने चला है वो बादल समंदर, हवाओं के पर से उड़ने लगा है। होगी जब बारिश तपिस भी घटेगी, किसानों का चेहरा खिलने लगा है। बोलेंगे दादुर, बोलेंगे झींगुर, अगड़ाई मौसम लेने लगा है।…

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