• कैसे कह दूं ये एहसास नहीं | Ehsaas Shayari

    कैसे कह दूं ये एहसास नहीं ( Kaise keh doon ye ehsaas nahi )    कैसे कह दूं ये एहसास नहीं ! हमदम है कोई अब पास नहीं ! उनकी यादों का इक सहारा है मिलना जुलना भी खास नहीं! दूरियां दिल में बना ली उसने ऐसा नहीं के मुझे एहसास नहीं ! है जिंदगी…

  • क्या कहें क्या राज है | Kya Kahe kya Raaz hai

    क्या कहें, क्या राज है ( Kya kahe, kya raaz hai )    क्या बताएं वजह कोई,क्या कहें क्या राज है ! मुद्दतों से मुल्क की क्यों, तबीयत नासाज है !! आ चुके दानां हकीमो, डाक्टर कितने यहाॅं हो नहीं पाया अभी तक,क्यों मगर इलाज है !! वतन के हमदर्द क्यों, बाकी नहीं कोई कहीं…

  • आखिरी दौर | Aakhri Daur

    आखिरी दौर ( Aakhri daur )   आखिरी दौर है जीवन का क्यों न हम याद कर लें अपने किए कर्मों को, इसी आखिरी दौर में याद आता है सारे अच्छे,बुरे कर्म, हम भूल नही पाते हैं सारे मर्मों को। कौन कहता है कि हम भूल जाते हैं अपने सारे किए कर्म गलत या सही,…

  • राई का पहाड़ | Rai ka Pahad

    राई का पहाड़ ( Rai ka pahad )   क्यों  बनाता  है ? राई  को  पहाड़  तू, क्यों  बात  छोटी को  बनाता  ताड़  तू।   टूट  कर  पत्थर  बना  कंकड़  सदा ही है  गया  फेका  कहीं  भी  बेवजह  ही सह गया  जो  चोट पत्थर मार  खाकर पूजा  गया  भगवान    बन  सर्वदा  ही   शैल …

  • बरसाने की राधै | Barasane ki Radhe

    बरसाने की राधै ( Barasane ki Radhe )   वृंदावन में बसे गोवर्धन गिरधारी, बरसाने की राधै रानी लगे प्यारी। यमुना किनारे राधा श्याम पुकारे, खोजते- खोजते राधा रानी हारी।। मुरली बजाते आये कृष्ण-मुरारी, राधा रानी पानी घघरी लेके आई। दोनों यूँ मिले क़दम पेड़ के नीचे, बहुत दिनों से नही मिले हो जैसे।। राधा…

  • देश | Desh

    देश ( Desh )    देश का होठों पर रोज़ ही गीत हो हर क़दम पर भारत की सदा जीत हो प्यार से मिलकर हिंदू मुसलमा रहें देश में एक ये ही सदा रीत हो इस क़दर प्यार की बारिश हो रोज़ ही दिन न अच्छे कभी देश से बीत हो नफ़रतों का न हो…

  • मेहनत | Mehnat

    मेहनत! ( Mehnat )   बिना मेहनत के कुछ हो नहीं सकता, पृथ्वी गति न करे, तो दिन निकल नहीं सकता। मेहनत से ही चलता है किस्मत का सिक्का, मेहनत बिना जीवन संवर नहीं सकता। मेहनत की खुशबू से है धरा महकती, उड़ें न भौरा तो कली तक पहुँच नहीं सकता। सजा रहता है झूठ…

  • प्यारा पोहा | Poha

    प्यारा पोहा ( Pyara poha ) पोहा दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं   हम बच्चो का प्यारा पोहा कच्चा भी खूब उड़ाते पोहा ये देख मम्मी खूब चिल्लाती फिर भी सबके लिए पोहा बनाती ।। गर्मी में जब कुछ नहीं भाता पोहे सबको ही पसंद आता बिल्कुल समय नहीं लगता यारो ! झट से ये पोहा…

  • गम को छुपाना आ गया | Gam wala Shayari

    गम को छुपाना आ गया ( Gam ko chupana aa gaya )    थोड़ी हुई मुश्किल मगर ग़म को छुपाना आ गया रुख़ पे नया रुख़ आजकल हमको लगाना आ गया। उनको नहीं परवाह कुछ ये जानते हैं हम मगर अब लातअल्लुक हम भी हैं उनसे जताना आ गया। जिनको नहीं इल्मो अदब मालूम है…

  • गांव की रौनक पंगत | Gaon ki Ronak Pangat

    गांव की रौनक पंगत ( Gaon ki ronak pangat )   गाँव रौशन हैं ऐसे आयोजनों से! शहरों ने ली करवट बने बाबू शहरी बुरबक! ठगे/लूटे जा रहे शरेआम मैरैज हाल में केवल तामझाम बद इंतजाम! पकड़े प्लेट रहिए खड़े कतार में रहिए बारी के अपने इंतजार में! मिल जाए तो भकोसिए खड़े खड़े कुछ…