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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Aaj aur Kal
    कविताएँ

    अतीत आज और कल | Aaj aur Kal

    ByAdmin April 28, 2023

    अतीत आज और कल ( Ateet aaj aur kal )    अतीत आज और कल, बंदे संभल संभल कर चल। परिवर्तन कुदरत का नियम, जन मन रहती हलचल। कितना सुंदर अतीत हमारा, संस्कारों की बहे धारा। शौर्य स्वाभिमान पराक्रम, गौरवशाली है देश हमारा। बदल गया परिवेश आज, बदल गई है जीवनधारा। धीर धर्म दया सब…

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  • Teej ka Tyohar
    कविताएँ

    तीज का त्यौहार | Teej ka Tyohar

    ByAdmin April 28, 2023

    तीज का त्यौहार ( Teej ka tyohar )    तीज का आया यह प्यारा त्यौहार, बादलों से बरस रही हल्की फुहार। सातरंग में रंगा है प्यारा आसमान, चारों और छाया यह बसन्त बहार।। हरा भरा हो गया यह सारा जहान, झूलें का मौसम में खास परिधान। हरें पत्तों- लताओं से झूला सजाते, झूला झूलकर जैसे…

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  • Ek hi Mudda
    कविताएँ

    एक ही मुद्दा | Ek hi Mudda

    ByAdmin April 27, 2023

    एक ही मुद्दा ( Ek hi Mudda )   रोज रोज रोज एक ही मुद्दा हमें रोजगार चाहिए। शासन सुशासन चाहिए। विद्या का दान चाहिए। भूखमरी पर रोकथाम चाहिए। हमें सिर्फ रोजगार चाहिए। हिंदुस्तान का प्रत्येक व्यक्ति शिक्षावान चाहिए। बढ़ती गरीबी पर अंकुश चाहिए। युवाओं का भविष्य शानदार चाहिए। न धर्म पर, न जातिवाद पर…

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  • Bade Bujurg
    कविताएँ

    बड़े बुजुर्गों का सम्मान जरूरी है | Bade Bujurg

    ByAdmin April 27, 2023April 27, 2023

    बड़े बुजुर्गों का सम्मान जरूरी है ( Bade bujurg ka samman jaroori hai )    बड़े बुजुर्गों  का  सम्मान  जरूरी  है , दिल में पलते भी अरमान जरूरी  है।   यार अंधेरों का साया है जिस घर में, उस  घर में भी रोशनदान जरूरी है।   बाप की पगड़ी बच्चों ने निलाम किया, एक पिता…

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  • Neta bana to
    कविताएँ

    नेता बना तो दंगा कराने निकल पड़ा | Neta bana to

    ByAdmin April 27, 2023April 27, 2023

    नेता बना तो दंगा कराने निकल पड़ा ( Neta bana to dnaga karane nikal pada )    वो ज़िंदगी को स्वर्ग बनाने निकल पड़ा, अंधियारे मे चिराग़ जलाने निकल पड़ा।   जब मुफलिसी ने हमको मुफलिस किया यहां.. बेची क़िताब  कर्ज चुकाने निकल  पड़ा।   जब जिम्मेवारियों का बोझ सिर पे आ गया,  कम उम्र में वो…

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  • Paili aali
    कविताएँ

    पैली आली बाता अब री कट्ठे | Rajasthani Poem in Hindi

    ByAdmin April 27, 2023

    पैली आली बाता अब री कट्ठे ( Paili aali bata ab re katthe )   पैली आली बाता अब  री  कट्ठे, ग़म खाबो गुस्सो पीबो अब कट्ठे। घाट अर छाछ का सबड़का कट्ठे, गुड़ तिली रो तेल अब पचें कट्ठे।। भाग फाट्या ही सब उठ जाता, दादा उ सबल्ला घर का डरता। गाँय भास रो…

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  • Munshi Prem chandra
    कविताएँ

    उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचन्द | Munshi Premchand

    ByAdmin April 27, 2023April 27, 2023

    उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचन्द ( Upanyas Samrat Munshi Premchand )    महान-साहित्यकारों में आज उनको गिना जाता, क़लम का जादूगर सम्पूर्ण विश्व जिनको कहता। प्रसिद्ध लेखक, उपन्यास सम्राट भी कहा जाता, संवेदनशील रचनाकार कोई कहानीकार कहता।। जिनका वास्तविक बचपन-नाम था धनपत राय, उर्दू में जो कभी-कभी लिखते थें यह नवाबराय। बाद में अपना-नाम हिंदी में…

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  • Muhabbat na Jaane
    ग़ज़ल

    मुहब्बत न जाने | Muhabbat na Jaane

    ByAdmin April 26, 2023July 5, 2023

    मुहब्बत न जाने ( Muhabbat na jaane )    करेगा मुहब्बत शराफत न जाने परस्तिश इबादत अकीदत न जाने। मिरा दिल चुराया उसी आदमी की चली क्यूं सदा बादशाहत न जाने। किया नाम दिल है उसी के मगर क्यूं वही एक अपनी वसीयत न जाने। नज़र आ गया ईद का चांद लेकिन दिखे कब तलक…

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  • Mohabbat ki Ghazal
    शेरो-शायरी

    मोहब्बत की ग़जल | Mohabbat ki Ghazal

    ByAdmin April 26, 2023

    मोहब्बत की ग़जल ( Mohabbat ki ghazal )   मोहब्बत की ग़जल तुमको, सुनानी थी, सुना दूं क्या। कहानी दिल की अपने भी, बतानी थी बता दूं क्या।।   चलो तुम भी कदम कुछ तो, चलूंगा मैं कदम सारे ये अपने बीच की दूरी, मिटानी थी, मिटा दूं क्या   कवि : भोले प्रसाद नेमा “चंचल” हर्रई, …

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  • Yehi hai Zindagi
    कविताएँ

    यही है जिंदगी | Yehi hai Zindagi

    ByAdmin April 26, 2023

    यही है जिंदगी ( Yehi hai zindagi )   लब जब मुस्कुराये अधरो पे मुस्कान छाए। दिलों की धड़कने भी गीत कोई गुनगुनाए। यही है जिंदगी चेहरे खिल जाए अपना कोई मिल जाए। मन में उमंगे छाए उमड़ घुमड़ भाव आए। यही है जिंदगी मन का चमन महके घर आंगन खिल जाए। रिश्तो में प्यार…

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