• शराबी की दुनिया | Sharabi

    शराबी की दुनिया ( Sharabi ki duniya )    शराबी की दुनिया अब बोतल में बंद है। मधुशाला डेरा बना बस दारू आनंद है। नदी नाले कीचड़ में कचरे में वो जाता है। झूम झूम शराबी राहों में शोर मचाता है। जमीं बिकती ईमान बिके बीवी तज जाती है। भाई बंधु कुटुंब कबीला प्रीत कहां…

  • बेजुबां परिवार | Bezubaan parivar

    बेजुबां परिवार ( Bezubaan parivar )    साथ में है सभी तो, लगता है परिवार एक। बिखर जाऐ अभी तो, पत्थर लगते है अनेंक।। विचलित करती है हमें, पत्थरो से बनी ये तस्वीर। जरा सोचिऐ तो सही, ध्यान लगाकर इस और।। पत्थर से बनें है ये इन्सान, परिवार है लेकिन बेजुबान। आईना अपनी कहानी कह…

  • ईद की नमाज़ | Eid

    ईद की नमाज़ ( Eid ki namaz )    ईद की नमाज़ पढ़तें है‌ सभी देश के मुसलमान, करतें है रोज़े-उपवास और मस्जिदों में अज़ान। इसमें अहम-भूमिका वालीं यें जुम्में की नमाज़, पढें भाई-भाभी चाची-चाची अब्बू-अम्मी जान।। होली अथवा हो दिवाली क्रिस्मस चाहें यह ईद, करतें हैं सभी सूरज का कभी चन्द्रमा का दीद। एकता…

  • अभिनन्दन मां भारती | Maa Bharti

    अभिनन्दन मां भारती ( Abhinandan hai maa bharti )    अभिनन्दन है मां भारती तुम्हारा, जन्म हुआ जो भारत वर्ष हमारा। तुम ही सारे इस जगत की माता, अवतरित हुएं ‌यहां स्वयं विधाता।। भू भूमि धरती जमीन एवं वसुधा, मही धरणी अचला उर्वी वसुंधरा। धरित्री क्षिति अचला व रत्नगर्भा, पृथ्वी और कहते है तुझको धरा।।…

  • गंगा का बनारस भाग-३ | Banaras

    गंगा का बनारस भाग-३ ( Ganga ka Banaras )  मौत न पिए, तेरी साँसें, के पहले तू जा बनारस। हैं धँसे शूल जो तेरे बदन, जाके निकाल उसे बनारस। मत बढ़ा तू दिल का छाला, देगा आशीष वही बनारस। मैली कर न अपनी साँसें, जाके धो ले शहर बनारस। उड़ जाएगा पिंजड़े से बुलबुल, दर्प…

  • रामधारी सिंह दिनकर | Ramdhari Singh Dinkar

    रामधारी सिंह दिनकर ( Ramdhari Singh Dinkar )   हिंदी के प्रख्यात कवियों लेखकों मे जिनका नाम, देशभक्ति रचनाऍं रचकर पाऍं वो राष्ट्रीय सम्मान। सामान्य किसान घर जन्मे रामधारी सिंह था नाम, रश्मिरथी उर्वशी कुरूक्षेत्र कृतियों से मिला मान।। कवि लेखक साहित्यकार एवं आप थें निबंधकार, स्वतंत्रता सेनानी संसद सदस्य रहें आप पत्रकार। २३ सितम्बर…

  • वो एक क़िताब | Kitaab par Kavita

    वो एक क़िताब ( Wo ek kitaab )    सम्पूर्ण इतिहास समेटकर रखती वो एक क़िताब, देश और विदेशों में पहचान बढ़ाती यही क़िताब। शक्ल सूरत से कैसे भी हो देती सबको ये सौगात, हर प्रश्न का उत्तर है एवं श्रेष्ठ सलाहकार क़िताब।। क़िताबें पढ़कर आगें बढ़ता संसार का यें नर नार, भरा पड़ा है…

  • तन के उजले मन के काले | Tan ke Ujle Man ke Kale

    तन के उजले मन के काले ( Tan ke ujle man ke kale )   दुष्चक्रो के जाल फैलाए छल कपट दांव चलाए। भ्रष्टाचारी खुद हो जाए लूट खसोट वो अपनाए। घट में कितने नाग पालते स्वार्थ में रहते मतवाले। कैसे हैं मतलब वाले तन के उजले मन के काले। तन के उजले मन के…

  • भगवान परशुराम | Bhagwan Parshuram par Kavita

    भगवान परशुराम ( Bhagwan Parshuram )    शुभ तिथि को जन्म दिया भगवान परशुराम सत्य सनातन रक्षक त्यागी तपस्वी निष्काम परसु अस्त्र मिला शिव से परशुराम कहलाए। शस्त्र विद्या में महागुरु भार्गव गोत्र कुल पाए। धरा क्षत्रिय विहीन इक्कीस बार कर दिखलाए ब्राह्मण पुत्रों को दी शिक्षा भीष्म कर्ण भी पाए वैदिक संस्कृति प्रचारक की…

  • वास्तविक माया समय व श्वास | Vastavik Maya

    वास्तविक माया समय व श्वास ( Vastavik maya samay wa swas )    चाहें पेड़-पौधे जीव-जन्तु अथवा कोई भी इंसान, इसी प्रकृति से हम है और हमसे ही इनकी शान। कुछ भी तो नही मांगती प्रकृति सदैव देती रहती, अपना‌ सर्वस्व लुटाकर भी समझती है यह शान।। जिसने जो भी खेतों में बोया वह वैसा…