उफ़ | Uff
उफ़! ( Uff ) किसी पुराने टूटे ख्वाब की कोई किरचन उफ़! कितनी कभी चुभती है रड़कती है चैन से आँख बंद कर सोने भी नहीं देती . . . न अश्क बन बहती है लेखिका :- Suneet Sood Grover अमृतसर ( पंजाब ) यह भी पढ़ें :- कोहरा | Hindi Poem kohara
उफ़! ( Uff ) किसी पुराने टूटे ख्वाब की कोई किरचन उफ़! कितनी कभी चुभती है रड़कती है चैन से आँख बंद कर सोने भी नहीं देती . . . न अश्क बन बहती है लेखिका :- Suneet Sood Grover अमृतसर ( पंजाब ) यह भी पढ़ें :- कोहरा | Hindi Poem kohara
एक कप चाय ( Ek cup chai ) एक कप चाय को कभी कम मत आंकना। बड़े-बड़े मसले हल हो जाते सब चाय में। जरिया मेल मिलाप का बुला लेना चाय पे। रिश्तो में मिश्री सी घुल सी जाती है चाय में। एक कप चाय में खुल जाते हैं दिल के द्वार। भीनी सी…
ये ऐसी मुहब्बत है साहब ( Yeh aisi muhabbat hai sahab ) ये ऐसी मुहब्बत है साहब जो पूॅंछकर न की जाती, दिल-दिमाग एवं जोश-होश के साथ ये की जाती। जटिल से जटिल कठिनाइयों से भी ये निपट लेती, उदास चेहरे पर भी ख़ुशियो की लहर छोड़ जाती।। दुनियां इसको बेवजह शक्ल एवं कपड़ो…
मन का राजमहल खाली है ( Man ka rajmahal kahan hai ) मन का राजमहल खाली है, खुशियों की बहार बनो। महका दो मन की बगिया, आकर तुम गुलजार करो। बन जाओ मन की मलिका, महलों की प्राचीर कहे। दिल का सिंहासन खाली है, आकर तुम श्रंगार करो। महक उठी है मन की वादियां,…
तुमसे ही हिम्मत ( Tumse hi himmat ) तुम से हौसला हमारा है तुमसे ही हिम्मत हमारी है तुम इस दिल का करार हो। मेरे मन के मीत तुम दिल को लगती हो कितनी प्यारी। मेरे जीवन के इस सफर में हमसफ़र हो तुम रेखा। तुमने पग पग पे मेरा साथ दिया है मेरे घर…
काश कभी तुम आ जाते ( Kaash kabhi tum aa jate ) काश कभी तुम आ जाते, आके यूं मुस्का जाते। नखरे जरा दिखला जाते, हंस कर लूं बतला जाते। काश कभी तुम आ जाते मन को भाती अदाएं, खिल जाती सारी फिजाएं। दिल का कोना कोना हर्षित, आहट तेरी आ जाए। चांद सा…
अतीत आज और कल ( Ateet aaj aur kal ) अतीत आज और कल, बंदे संभल संभल कर चल। परिवर्तन कुदरत का नियम, जन मन रहती हलचल। कितना सुंदर अतीत हमारा, संस्कारों की बहे धारा। शौर्य स्वाभिमान पराक्रम, गौरवशाली है देश हमारा। बदल गया परिवेश आज, बदल गई है जीवनधारा। धीर धर्म दया सब…
तीज का त्यौहार ( Teej ka tyohar ) तीज का आया यह प्यारा त्यौहार, बादलों से बरस रही हल्की फुहार। सातरंग में रंगा है प्यारा आसमान, चारों और छाया यह बसन्त बहार।। हरा भरा हो गया यह सारा जहान, झूलें का मौसम में खास परिधान। हरें पत्तों- लताओं से झूला सजाते, झूला झूलकर जैसे…
एक ही मुद्दा ( Ek hi Mudda ) रोज रोज रोज एक ही मुद्दा हमें रोजगार चाहिए। शासन सुशासन चाहिए। विद्या का दान चाहिए। भूखमरी पर रोकथाम चाहिए। हमें सिर्फ रोजगार चाहिए। हिंदुस्तान का प्रत्येक व्यक्ति शिक्षावान चाहिए। बढ़ती गरीबी पर अंकुश चाहिए। युवाओं का भविष्य शानदार चाहिए। न धर्म पर, न जातिवाद पर…
बड़े बुजुर्गों का सम्मान जरूरी है ( Bade bujurg ka samman jaroori hai ) बड़े बुजुर्गों का सम्मान जरूरी है , दिल में पलते भी अरमान जरूरी है। यार अंधेरों का साया है जिस घर में, उस घर में भी रोशनदान जरूरी है। बाप की पगड़ी बच्चों ने निलाम किया, एक पिता…