Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Poem in Hindi on Sindoor
    कविताएँ

    सिन्दूर पर कविता | Poem in Hindi on Sindoor

    ByAdmin March 28, 2023

    सिन्दूर पर कविता  ( Sindoor par kavita )    सिन्दूर के नाम पर क्यों? नारी बंध सी जाती है, अबला बन जाती है तड़प तड़प कर जिंदा ही, मर सी जाती है। सिन्दूर के लज्जा में सम्मान श्रद्धा में पति को भगवान ही समझती, फिर भी, न जाने क्यों! बार बार मन में प्रश्न उठता…

    Read More सिन्दूर पर कविता | Poem in Hindi on SindoorContinue

  • Swarg par Kavita
    कविताएँ

    स्वर्ग | Swarg par Kavita

    ByAdmin March 27, 2023March 27, 2023

    स्वर्ग  ( Swarg )    स्वर्ग   कहीं   ना   और,  बसा  खुद  के  अंतर में खोज   रहे  दिन- रात  जिसे  हम  उस  अम्बर में   सुख   ही   है   वह   स्वर्ग  जिसे  हम  ढूंढे  ऊपर बसा    हमारे    सुंदर   तन – मन   के   ही  अंदर   काट    छांट    कर    मूर्तिकार   जैसे   पत्थर को दे    देता    है   रूप   अलग  …

    Read More स्वर्ग | Swarg par KavitaContinue

  • Geet Baras Raha hai
    गीत

    बरस रहा है | Geet Baras Raha hai

    ByAdmin March 27, 2023

    बरस रहा है ( Baras raha hai )   बरस रहा है जड़-चेतन से,सुधियों का अनुराग । मिलन-ज्योति भी लगा रही है, राजभवन में आग।। 🥇 पाती एक न आयी उसकी, नहीं कभी संदेश । चला गया वह मनभावन क्या, जाने किस परदेश । डसा जा रहा साधक मन को, विरह क्षणों का नाग ।।…

    Read More बरस रहा है | Geet Baras Raha haiContinue

  • 25 एवं 26 मार्च के मासिक ऑनलाइन कवि सम्मेलन एवं मुशायरे की रिपोर्ट
    साहित्यिक गतिविधि

    25 एवं 26 मार्च के मासिक ऑनलाइन कवि सम्मेलन एवं मुशायरे की रिपोर्ट

    ByAdmin March 27, 2023

    तिरंगा काव्य मंच का 36 वां मासिक ऑनलाइन कवि सम्मेलन एवं मुशायरा 25 एवं 26 मार्च को साहित्य त्रिवेणी के सम्पादक एवं तिरंगा काव्य मंच के संरक्षक आदरणीय डॉ कुंवर वीर सिंह मार्तण्ड जी (कोलकाता) एवं तिरंगा काव्य मंच के अध्यक्ष बरेली के उस्ताद शायर आदरणीय गुरुदेव श्री विनय सागर जायसवाल जी की अध्यक्षता में उन्हीं…

    Read More 25 एवं 26 मार्च के मासिक ऑनलाइन कवि सम्मेलन एवं मुशायरे की रिपोर्टContinue

  • Kavita Jidhar Dekho Udhar
    कविताएँ

    जिधर देखो उधर | Kavita Jidhar Dekho Udhar

    ByAdmin March 27, 2023March 27, 2023

    जिधर देखो उधर ( Jidhar dekho udhar )    जिधर देखो उधर मच रहा कोहराम यहां भारी है। चंद चांदी के सिक्कों में बिक रही दुनिया सारी है। बिछ रही बिसात शतरंजी मोहरे मुखौटा बदल रहे। चालें आड़ी तिरछी बदले बाजीगर बाजी चल रहे। कुर्सी के पीछे हुए सारे राजनीति के गलियारों में। वादों की…

    Read More जिधर देखो उधर | Kavita Jidhar Dekho UdharContinue

  • Nain par Kavita
    कविताएँ

    नैनो का अंदाज़ जुदा | Nain par Kavita

    ByAdmin March 27, 2023

    नैनो का अंदाज़ जुदा ( Naino ka andaz juda)    आंखें सबकी एक जैसी देखने का अंदाज़ जुदा। नज़ाकतें भांति भांति की नजरें होती जब फिदा। कोई तिरछी नजरें झांके टिक टिक नजर गढ़ाए। ललचाई आंखों से कोई मन ही मन मलाई खाए। नेह सी आंखों से झरते अनमोल मोती प्यार भरे। खुल जाते दिल…

    Read More नैनो का अंदाज़ जुदा | Nain par KavitaContinue

  • शुभम मेमोरियल ने काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया
    साहित्यिक गतिविधि

    शुभम मेमोरियल ने काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया

    ByAdmin March 27, 2023

    शुभम मैमोरियल ने काव्यगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया   शुभम मैमोरियल साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था ने काव्यगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन विनय साग़र जायसवाल की अध्यक्षता में किया। इस अवसर पर मुख्यातिथि रहे देवेन्द्र देव व विशिष्ट अतिथि रहे रणधीर प्रसाद गौड़ संचालन रंजन विशद व ग़ज़लराज ने किया। इस कार्यक्रम में…

    Read More शुभम मेमोरियल ने काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन कियाContinue

  • Poem Muh se Phool Jhadte Hain
    कविताएँ

    मुँह से फूल झरते हैं | Poem Muh se Phool Jhadte Hain

    ByAdmin March 26, 2023

    मुँह से फूल झरते हैं! ( Muh se phool jhadte hain )    क्या कुदरत बनाई उसे आह लोग भरते हैं, लेकर उधार रोशनी तारे वो चमकते हैं। हौसले जवाँ दिल के उड़ते आसमानों में, रात के उन ख़्वाबों में साथ-साथ चलते हैं। कुदरत जो बख्शी है उसे हुस्न-दौलत से, बोलती है जब देखो मुँह…

    Read More मुँह से फूल झरते हैं | Poem Muh se Phool Jhadte HainContinue

  • Satya par Kavita
    कविताएँ

    सत्य गुमराह नहीं होता | Satya par Kavita

    ByAdmin March 26, 2023

    सत्य गुमराह नहीं होता ( Satya gumrah nahi hota )   सांच को आंच नहीं होती सत्य गुमराह नहीं होता। सच्चाई छुपती नहीं कभी सच बेपरवाह नहीं होता। श्रद्धा प्रेम विश्वास सत्य के आगे पीछे रहते सारे। सच्चाई की डगर सुहानी दमकते भाग्य सितारे। सत्य परेशान हो सकता सत्य संघर्ष कर सकता। सत्य की जीत…

    Read More सत्य गुमराह नहीं होता | Satya par KavitaContinue

  • Kavita Dhyan Aapka hi Dharta Hoon
    कविताएँ

    ध्यान आपका ही धरता हूं | Kavita Dhyan Aapka hi Dharta Hoon

    ByAdmin March 26, 2023

    ध्यान आपका ही धरता हूं ( Dhyan aapka hi dharta hoon )    मैं हर जगह बस छवि आपकी, नैनों में देखा करता हूं। तारणहारा तुम हो भगवान, ध्यान आपका ही धरता हूं।। अज्ञानी हूं अनजाना हूं, दोष भरें हैं घट में मेरे। गुरुवर तुम बिन कौन सहायक, नाम रटूं मैं सांझ सवेरे। उलझा विषियन…

    Read More ध्यान आपका ही धरता हूं | Kavita Dhyan Aapka hi Dharta HoonContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 476 477 478 479 480 … 834 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search