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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita Pik Chitrakar
    कविताएँ

    पीक चित्रकार | Kavita Pik Chitrakar

    ByAdmin March 23, 2023

    पीक चित्रकार ( Pik chitrakar )   कुछ सीढ़ियाँ चढ़नें के बाद मुँह में जमा जर्दा व गुटखे का मिश्रित पीक बेचैन हो उठता है एक कोनें को देखकर जो कभी हुआ करता था साफ सुथरा सफेद कैनवास जिस पर पीक भरी कूँची से किसी चित्रकार ने शुरू किया था चित्र उकेरना फिर एक से…

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  • Maa Durga Kavita
    कविताएँ

    नवदुर्गा पर कविता | Maa Durga Kavita

    ByAdmin March 22, 2023

    नवदुर्गा पर कविता ( Navdurga par kavita )   मां मुझको तू शक्ति दे दे जीवन के तू दुख हर ले जुड़ा रहे तुझसे यह नाता इतनी मेरी बिनती सुन ले मांगू मैं ना तुझसे कुछ मैं चरणों में शरणागत कर ले दीया जनम जो तूने मुझको दूजो की सेवा का वर दे तुझे चढ़ाऊं…

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  • Kavita Jawani ka Josh
    कविताएँ

    जवानी का जोश | Kavita Jawani ka Josh

    ByAdmin March 22, 2023

    जवानी का जोश ( Jawani ka josh )    ये तरुणाई ये भरी जवानी चार दिन की चांदनी। ये रुसवाई ये बेवफाई मन गांठ कभी ना बांधनी। समरसता की बहा गंगा जोश जज्बा उमंग भरो। उठो देश के नौजवानों सब राष्ट्रप्रेम हुंकार भरो। जवानी का जोश दिखाओ शौर्य पराक्रम शूरवीर। महारथियों में महारथी हो रण…

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  • Karma par Kavita
    कविताएँ

    मानव या दानव कर्मों से | Karma par Kavita

    ByAdmin March 22, 2023

    मानव या दानव कर्मों से ( Manav ya danav karmo se )   अच्छाई के पथ पर चलते वो मानवता होती है। लूटमार चोरी अन्याय कर्मों से दानवता होती है। मानवता आदर्श दिए मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम। धर्म निभाया रामचंद्र ने करुणा सिंधु हो निष्काम। दशानन दंभ में झूमा जब बढ़ा धरा पे पापाचार। दानवता ने…

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  • Kavita Kisano ka Dard
    कविताएँ

    किसानों का दर्द | Kavita Kisano ka Dard

    ByAdmin March 22, 2023

    किसानों का दर्द ( Kavita Kisano ka Dard )      देख कर फसलों की सूरत जीवित है कौन? टूटकर  बिखरा  है   हृदय तन मन है मौन   छींट  कर  बीजों  को  मैंने उम्मीद पाली, काट दिया अब हाथ जैसे यह वर्फ जाली।   कष्ट भरा किससे कहें हम अपनी कहानी, ले   गया   आशाएं  सारा…

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  • वो मजदूर है
    कविताएँ

    मैं भारत का मजदूर हूं | Poem in Hindi on Majdoor

    ByAdmin March 21, 2023

    मैं भारत का मजदूर हूं ( Main bharat ka majdoor hoon )    मैं भारत का मजदूर हूं, मेहनत की रोटी खाता हूं। धूप छांव सर्दी गर्मी में, नित खून पसीना बहाता हूं। मैं भारत का मजदूर हूं कला कौशल दिखलाता, महल इमारत गढ़ने में। हाथों का हुनर रंग लाता, ऊंची अटारी चढ़ने में। परिवार…

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  • Nacho-Nacho
    कविताएँ

    नाचो-नाचो-नाचो रे | Poem Nacho-Nacho

    ByAdmin March 20, 2023

    नाचो-नाचो-नाचो रे! ( Nacho-Nacho-Nacho Re )    नाचो-नाचो-नाचो रे! भोर भए तक नाचो रे! नाचो कुंवारे- नाचो कुंवारी, प्यासा रहे न आँखों का पानी। नाचो-नाचो-नाचो रे! भोर भए तक नाचो रे! झरने पे नाचो,पानी पे नाचो, लहरों की उठती जवानी पे नाचो। प्यासी है दरिया,प्यासा है सावन, बादल की मेहरबानी पे नाचो। काँटों पे नाचो…

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  • शब्दाक्षर के तत्वावधान में कवि रमाकांत सोनी की सुनहरा सफर पुस्तक का विमोचन
    साहित्यिक गतिविधि

    शब्दाक्षर के तत्वावधान में कवि रमाकांत सोनी की सुनहरा सफर पुस्तक का विमोचन

    ByAdmin March 20, 2023

    राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दाक्षर के तत्वावधान में राणीसती मंदिर परिसर में कवि रमाकांत सोनी की सुनहरा सफर पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिला उपाध्यक्ष योगेन्द्र मिश्रा ने की। मुख्य अतिथि नगरपालिका उपाध्यक्ष समाजसेवी कैलाश चोटिया थे। मंच पर जगदीश जांगिड, भारत स्काउट गाइड के प्रधान मुरली मनोहर चोबदार, राजेश जैन, संतकुमार सोनी थे।…

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  • Janambhoomi par Kavita
    कविताएँ

    मेरी जन्मभूमि स्वर्ग समान | Janambhoomi par Kavita

    ByAdmin March 20, 2023

    मेरी जन्मभूमि स्वर्ग समान ( Meri Janambhoomi swarg saman )   वीरों रणवीरो की जननी हम सबका अभिमान है। हरी-भरी महकती क्यारी ये धरती स्वर्ग समान है। उत्तर हिमालय अडिग खड़ा बहती गंगा की धारा। राजस्थान रेतीले धोरे खरा सोने सा निखरे सारा। संत शूरमां भामाशाह की धरा स्वर्णमयी खान है। सबसे प्यारा देश हमारा…

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  • Poem in Hindi on Mahaj
    कविताएँ

    महज | Poem in Hindi on Mahaj

    ByAdmin March 20, 2023

    महज ( Mahaj )    महज रख देते हाथ कंधों पे, दर्द ए पीर सब हवा हो जाती, ना गम का होता ठिकाना कहीं, ना हालत कहीं ये बिगड़ पाती। महज तेरे आ जाने से ही सही, खुशियां भी मेरे घर चली आई, खिल उठा दिल का सारा चमन, मन की बगिया सारी हरसाई। महज…

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