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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kushmanda Mata
    गीत

    चैत्र नवरात्र भक्ति धारा | Kushmanda Mata par Kavita

    ByAdmin March 25, 2023

    चैत्र नवरात्र भक्ति धारा ( Chaitra Navratra Bhakti Dhara )    अष्ट भुजाओं वाली आओ, सिंह सवार हो माता। धनुष बाण कमंडल, शोभित हे कुष्मांडा माता। नवदुर्गा स्वरूप चतुर्थ, सर्व सुख दायिनी माता। दिव्य ज्योति आलोक प्रभा, तेज तुम्हीं से आता। सिंह सवार हो माता उत्साह उमंग भरने वाली जीवन में आनंद भरो। जग कल्याणी…

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  • Kavita Phir usi Kandhe par
    कविताएँ

    फिर उसी कांधे पर सिर | Kavita Phir usi Kandhe par

    ByAdmin March 25, 2023

    फिर उसी कांधे पर सिर ( Phir usi kandhe par seer )   बचपन में मां के आंचल में सिर देकर सो जाते थे। मीठी मीठी लोरियां सुनकर सपनों में खो जाते थे। बैठ पिता के कंधों पर हाथी घोड़े का चलता खेल। कागज की नाव चलाते साथियों संग चलती रेल। फिर पिता के कंधों…

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  • Poem Mere Khuda
    कविताएँ

    मेरे खुदा | Poem Mere Khuda

    ByAdmin March 25, 2023

    मेरे खुदा ( Mere Khuda )    सुन मेरे खुदा सुन मेरे मौला मेरे परवर दिगार। सारी दुनिया के रखवाले सारे जग के करतार। दीनबंधु दुखहर्ता हे भक्तों के स्वामी प्रतिपाल। खुशियों के दीप जला मौला कर दे मालामाल। चराचर स्वामी सुन ले ईश्वर अंतर्यामी सुन ले। शरण पड़ा हूं तेरी प्रभु फरियाद जुबानी सुन…

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  • Kavita Parde ke Peechey
    कविताएँ

    पर्दे के पीछे | Kavita Parde ke Peechey

    ByAdmin March 25, 2023March 25, 2023

    पर्दे के पीछे ( Parde ke peechey )   रंगमंच है ये सारी दुनिया पर्दे के पीछे क्या होता। दिखता है वो बिकता है मंचों पर अभिनय होता। भांति भांति किरदार लिए लाना रूप धरे जाते हैं। नाटक में डूबी दुनिया मुखौटो पे मुखोटे आते हैं। पता नहीं ऐसा लगता है कलाकार जब आते हैं।…

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  • Kali Maa ka Geet
    गीत

    मां तेरी लाल चुनरिया | Kali Maa ka Geet

    ByAdmin March 24, 2023March 25, 2023

    मां तेरी लाल चुनरिया ( Maan teri laal chunariya )    मां तेरी लाल चुनरिया, लाल तेरी ध्वजा बिराजे। सजा दरबार निराला, मां शंख चक्र गदा साजे। मां तेरी लाल चुनरिया शक्ति स्वरूपा गौरी, हे माता जग कल्याणी। दमके किस्मत के तारे, हे अंबे मां वरदानी। संकट सारे हरना मेरे, मां हो सिंह सवार बिराजे।…

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  • Poem Sagar ki Lahren
    गीत

    सागर की लहरें यूं कहती | Poem Sagar ki Lahren

    ByAdmin March 24, 2023March 25, 2023

    सागर की लहरें यूं कहती ( Sagar ki lahren yoon kahati )    सागर की लहरें उठती मन में जोश नया जगाती है जलधारा मानस पटल शीतल आभास कराती है हिलोरे भरता जब समंदर सागर की लहरे गाती है बढ़ते रहना अपनी मौज में बूंद बूंद छलकाती है सागर की लहरें उठती दयासागर कृपासागर करुणा…

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  • Virah
    कविताएँ

    विरह | Poem in Hindi on Virah

    ByAdmin March 23, 2023March 23, 2023

    विरह ( Virah )    नयन सुख ले लेने दो प्रियतम तुम जाने से पहले। अधर रस पान करा दो सूरज उग जाने से पहले। सुबह से वही दोपहरी रात कटवावन लागेगी जिया की प्यास बुझा दो मेरी, तुम जाने से पहले। विरह की बात बताऊं, सूना सूना जग लागे है। बहे जब जब पुरवाई,…

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  • Vyang Dangon ki Janch
    व्यंग्य

    दंगों की जांच | Vyang Dangon ki Janch

    ByAdmin March 23, 2023March 23, 2023

    दंगों की जांच ( Dangon ki janch )    शहर में मुख्य रूप से दो धार्मिक समूह थे। इन दोनो के अलावा दोनो में एक समूह शरारती तत्वों का था। इस तरह तीन समूह हो गये। त्यौहार आया । त्यौहार आये। दोनो धार्मिक समूहो के त्यौहार एक ही दिन पड़ गये। धार्मिक समूह डर गये।…

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  • Kavita Bhramit Insaan
    कविताएँ

    भ्रमित इंसान | Kavita Bhramit Insaan

    ByAdmin March 23, 2023

    भ्रमित इंसान ( Bhramit insaan )    जाने किस वहम में खोया क्या-क्या भ्रम पाले बैठा है। जाने किस चक्कर में वो औरों के छीनें निवाले बैठा है। भाति भाति सपने संजोए झूठ कपट का सहारा क्यों। मोहमाया के जाल में फंसता पैसा लगता प्यारा क्यों। रिश्ते नाते छोड़ चला नर अपनापन वो छोड़ दिया।…

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  • Kavita Mohabbat
    कविताएँ

    मोहब्बत नाजुक सा एहसास | Kavita Mohabbat

    ByAdmin March 23, 2023

    मोहब्बत नाजुक सा एहसास ( Mohabbat nazuk sa ehsaas )    मोहब्बत नाजुक सा एहसास बेपनाह इश्क है ये मेरे यार दर्द भरी दास्तां कह दो या दिलों का उमड़ता सा प्यार धड़कनों से होकर उतरता है दिल की गहराइयों को जाता तार दिलों के जुड़े होते अटूट हर कोई शिद्दत से निभाता दिलवालों की…

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