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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Khat par Kavita
    कविताएँ

    वो फिर खत लिखने का जमाना आ जाए | Khat par Kavita

    ByAdmin February 15, 2023February 15, 2023

    वो फिर खत लिखने का जमाना आ जाए ( Wo phir khat likhne ka zamana aa jaye )    वो फिर खत लिखने का जमाना आ जाए तुम्हारी याद मुझको फिर तरोताजा करा जाए, दिल की धड़कन ना पूछो कितनी तेज हो जाए पैगाम में तेरी खुशबू का एहसास वो करा जाए शब्दों को पढ़ते पढ़ते…

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  • Kavita Shahido ko Naman
    कविताएँ

    शहीदों को नमन | Kavita Shahido ko Naman

    ByAdmin February 14, 2023February 14, 2023

    शहीदों को नमन! ( Shahido ko naman )   पुलवामा के शहीदों को मेरा नमन, मैं चुनके लाया हूँ कुछ श्रद्धा -सुमन। सूरज नहीं डरता कभी काले मेघों से, इसलिए महफूज है मेरा अक्खा वतन। किसी माँ की आँखों के तारे थे वो, किसी माँ की कोख के दुलारे थे वो। उजड़ा था कितनी मांग…

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  • Kavita Prempash Anubandhan
    कविताएँ

    प्रेमपाश अनुबंधन | Kavita Prempash Anubandhan

    ByAdmin February 14, 2023

    प्रेमपाश अनुबंधन ( Prempash anubandhan )    शरद गर्म वर्षा का आना, हेंमत शिशिर बसंत सुहाना। अलग रंग में रंगी प्रकृति, कैसा सुंदर जग का बंधन।। मानो प्रेमपाश अनुबंधन।। ऋतु बसंत को मदन कहां है, जन-जन में उल्लास बहा है। बाग बगीचे सब हरषाए, नव पल्लव में मोद भरा है। मन मधुकर सम है स्पंदन।…

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  • Kavita Apne hi Ghar mein
    कविताएँ

    अपने ही घर में बेगाने लगते हैं | Kavita Apne hi Ghar mein

    ByAdmin February 14, 2023February 15, 2023

    अपने ही घर में बेगाने लगते हैं ( Apne hi ghar mein begane lagte hain )    मान मर्यादा इज्जत पाने में जाने कितने जमाने लगते हैं। कैसी करवट ली वक्त ने अपने ही घर में बेगाने लगते हैं। जान छिड़कने वाले ही हमको जानी दुश्मन लगते हैं। मधुर मधुर मुस्कान बिखेरे भीतर काले मन…

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  • Shahadat par Kavita
    कविताएँ

    हे वीर तुम्हारी शहादत | Shahadat par Kavita

    ByAdmin February 14, 2023

    हे वीर तुम्हारी शहादत ( Hey veer tumhari shahadat )    हे वीर तुम्हारी शहादत को ना कोई भूल पायेगा, जब तक सूरज-चांद रहेगा तू हमें याद आयेगा। भारी कष्ट उठाया तू किन्तु कभी ना लड़खड़ाया, स्वर्ण अक्षर में वो इतिहास अब लिखा जायेगा।। तीन‌ रंग का ओढ़ तिरंगा तू अपनें घर को आया, देश…

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  • Kavita Jara Yaad karo Bharatwasi
    कविताएँ

    जरा याद करो भारतवासी | Kavita Jara Yaad karo Bharatwasi

    ByAdmin February 14, 2023

    जरा याद करो भारतवासी ( Jara yaad karo bharatwasi )    जो शहीद हुए है उनको जरा याद करो भारतवासी, आखिर में वह भी थें अपनें हिन्दुस्तान के निवासी। चाहतें थें वो सबकी ज़िन्दगी हो आज़ादी की जैसी, जिसके लिए उन सभी को बनना पड़ा यह प्रवासी।। चाहतें थें वे सब ही अपनें जैसा मिलें…

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  • पाञ्चजन्य काव्यप्रसून परिवार द्वारा आयोजित भव्य एवं विराट कवि सम्मेलन
    साहित्यिक गतिविधि

    पाञ्चजन्य काव्यप्रसून परिवार द्वारा आयोजित भव्य एवं विराट कवि सम्मेलन

    ByAdmin February 14, 2023

    पाञ्चजन्य काव्यप्रसून परिवार द्वारा आयोजित भव्य एवं विराट कवि सम्मेलन   दिनाँक 13-02-2023 दिन सोमवार पाञ्चजन्य काव्यप्रसून परिवार द्वारा आयोजित, ग्राम भरखनी हरदोई में भव्य एवं विराट कवि सम्मेलन जिसके अंतर्गत नित्यानन्द वाजपेयी उपमन्यु जी द्वारा लिखी पुस्तकत्रय का भव्य विमोचन हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की भूमिका कु.मानवेन्द्र प्रताप सिंह ‘रानू’ क्षेत्रीय विधायक सवायजपुर…

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  • Atmi Jung par Kavita
    कविताएँ

    ऐटमी जंग | Atmi Jung par Kavita

    ByAdmin February 13, 2023

    ऐटमी जंग! ( Atmi jung )    जंग का कोई नक्श बनाए तो उसे जला दो, बाँझ होने से इस धरती की कोख बचा लो। दुनिया के कुछ देश नहीं चाहेंगे जंग बंद हो, ऐसी सुलगती भावना को मिट्टी में मिला दो। जंग कोई अच्छी चीज नहीं दुनियावालों! उन्हें दुनिया में जीना और रहना सीखा…

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  • Geet Pyaar ka Bandhan
    गीत

    प्यार का बंधन | Geet Pyaar ka Bandhan

    ByAdmin February 13, 2023

    प्यार का बंधन ( Pyaar ka bandhan )    दो दिलों के तार जुड़े हैं, धड़कनों की कहानी है। प्यार का बंधन सुहाना, इश्क मोहब्बत रवानी है। प्यार का बंधन सुहाना नैनों में चमक आ जाती, दिल को करार प्यारा। मुस्कान लब छा जाती, प्यार की बहती धारा। मन की वादियां महकी, वो प्रेम के…

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  • Pratibha par Kavita
    कविताएँ

    प्रतिभा ईश्वर प्रदत्त होती है | Pratibha par Kavita

    ByAdmin February 13, 2023

    प्रतिभा ईश्वर प्रदत्त होती है ( Pratibha ishwar pradat hoti hai )    विलक्षण प्रतिभा दुनिया में कीर्तिमान लहराती है। जन्मजात गुण ईश्वर से यूं सिद्ध हस्तियां पाती है। मन क्रम धर्म वाणी से खुशियों की बहारें लाते हैं। पुण्यधर्म पालन करके धरती को स्वर्ग बनाते हैं। सद्भावो के चमन खिलाए प्रेम की अविरल धारा।…

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