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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Chehra par Bhojpuri Kavita
    भोजपुरी

    चेहरा | Chehra par Bhojpuri Kavita

    ByAdmin February 16, 2023February 16, 2023

    चेहरा ( Chehra )    कहाँ गेईल ऊ माटी पे से चेहरा टाटी पे रचल बतावे कुछ गहरा गांव देहत में लऊके सुनहारा मिट गईल बा ओपे पहरा   हर टाटी पे कुछ अलग गढ़ल रहे हिरण के पिछले बाघ दऊड़त रहे जिंदगी और मौऊत दूनो झलकत रहे अइशन रहस्य ओपे मढल रहत रहे  …

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  • Duniya bate Kharab Bhojpuri Kavita
    भोजपुरी

    काहे कहेल दुनिया बाटे खराब | Duniya bate Kharab Bhojpuri Kavita

    ByAdmin February 16, 2023February 16, 2023

    काहे कहेल दुनिया बाटे खराब  ( Kahe kahel duniya bate kharab )    दुख के घड़ी में सभे याद आइल सुख के घड़ी में जब सभे भुलाईल तब केके सहारा चाहि हो यार काहे कहेल दुनिया बाटे खराब पइसा घमडे तु मरत रहलऽ दुसरा के देख के तू जरत रहलऽ नाहिं जनलऽ तू कथी कहल…

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  • Pushp par Kavita
    कविताएँ

    पुष्प की अभिलाषा | Pushp par Kavita

    ByAdmin February 16, 2023

    पुष्प की अभिलाषा ( Pushp ki abhilasha )    मै हूँ एक छोटा सा यह फूल, निकल आता पौधे पर फूल। पहले होता में बाग व बग़ीचे, आज लगाते घर गमले बग़ीचे।। मैं एक फूल अकेला हूँ ऐसा, खिलते तोड़ लिया मुझे जाता। वन माली मुझको पानी है देता, खाद और रखवाली भी करता।। कभी-कभी…

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  • Tulsidas ji par Kavita
    कविताएँ

    महाकवि गोस्वामी तुलसीदास | Tulsidas ji par Kavita

    ByAdmin February 16, 2023

    महाकवि गोस्वामी तुलसीदास ( Mahakavi Goswami Tulsidas )    महाकवि और महान-संत थें आप तुलसीदास, श्रीराम कथा लिखकर बनें आप सबके ख़ास। जिनका जप करता है आज विश्व का नर नार, प्रेम-सुधारस भरा है जिसमें आपनें यह ख़ास।। बचपन का नाम रामबोला एवं कहतें तुलाराम, हुलसी इनकी मैया का नाम पिता-आत्माराम। महाकाव्य ऐसा रचा-रामचरितमानस था…

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  • Kavita Yah Waqt bhi Beet Jayega
    कविताएँ

    यह वक्त भी बीत जाएगा | Kavita Yah Waqt bhi Beet Jayega

    ByAdmin February 15, 2023February 16, 2023

    यह वक्त भी बीत जाएगा ( Yah waqt bhi beet jayega )    कुदरत की यह अद्भुत लीला, रात गई तब दिन आएगा। चीर अंधेरा रवि निकलेगा, यह वक्त भी बीत जाएगा।। जन्म मरण का खेल रचा है, जो आता है सो जाता है। कर्मों के अनुसार जीव सब, किया कर्म ही भुगताता है। राजा…

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  • Kavita Bachpan ki Baatein
    कविताएँ

    बचपन की बातें | Kavita Bachpan ki Baatein

    ByAdmin February 15, 2023

    बचपन की बातें! ( Bachpan ki baatein )    सुनाओ कोई फिर बचपन की बातें, कोई लब पे लाओ लड़कपन की बातें। दरख्तों की छाँव में होती थीं बातें, बड़े ही मजे से चलती थीं साँसें। दुआएँ बड़ों की मिलती थी हमको, नाजो-अदा न उठानी थी हमको। कागज की कश्ती वो बारिश का पानी, आओ…

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  • Geet Mamta ka Aanchal
    गीत

    ममता का आंचल | Geet Mamta ka Aanchal

    ByAdmin February 15, 2023

    ममता का आंचल ( Mamta ka aanchal )    मांँ तो फिर भी मांँ होती है हर मर्ज की दवा होती। आंँचल में संसार सुखों का हर मुश्किलें हवा होती। मोहक झरना प्रेम प्यार का बहाती पावन संस्कार से। आशीष स्नेह के मोती बांटती माता लाड दुलार से। स्नेह बरसता प्यार से मांँ की ममता…

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  • Poem Zindagi Khatam hui
    ग़ज़ल

    ज़िन्दगी खत्म हुई | Poem Zindagi Khatam hui

    ByAdmin February 15, 2023July 5, 2023

    ज़िन्दगी खत्म हुई ( Zindagi khatam hui )    जिंदगी खत्म हुई उन्हें पुकारते हुए उनको जीतते हुए हमको हारते हुए क़ौल वो क़रार जो उन्हें तो याद भी नहीं बस उसी क़रार पर उमर गुज़ारते हुए । चार दिन के प्यार का चढ़ा हुआ जो कर्ज़ था हाथ कुछ बचा नहीं उसे उतारते हुए।…

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  • Kavita Koi Tumsa nahi
    कविताएँ

    कोई तुमसा नहीं है ज़माने में | Kavita Koi Tumsa nahi

    ByAdmin February 15, 2023February 15, 2023

    कोई तुमसा नहीं है ज़माने में ( Koi tumsa nahi hai zamane mein )   सूखे पत्ते सा दरखत बन गया था मैं, देखा तुझको तो जीना आ गया हमें। आज जीवन संवरने लगा है हमारा, तुम हमसफर बन गए हो जो हमारा।। हम थें अनजान तुम भी थें अनजान, दोनों मिलें यूं ही और…

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  • Corona Kaal par Kavita
    कविताएँ

    वो कोरोना काल के दिन | Corona Kaal par Kavita

    ByAdmin February 15, 2023February 15, 2023

    वो कोरोना काल के दिन ( Wo corona kaal ke din )    जब से आया कोरोना है आँसू बहा रहा हूँ, आफत गले पड़ी है उसको निभा रहा हूँ। अब हो गया लाॅकडाउन घर में रह रहा हूँ, आफत गले पड़ी है उसको निभा रहा हूँ।। सुबह के पाॅंच बजें है में चाय बना…

    Read More वो कोरोना काल के दिन | Corona Kaal par KavitaContinue

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