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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Anhar par Bhojpuri Kavita
    भोजपुरी

    अनहार | Anhar par Bhojpuri Kavita

    ByAdmin February 11, 2023

    “अनहार, दिया आऊर आस “ ( Anhar, diya aur aas )    दीया जला देहनी हऽ ओहिजा काहे से उहवा रहे अनहार जहवां से कइगो राही गुजरे जाने कब केहू उहवा जाए हार एगो, दुगो, तिन गो, नाही चार, उहवा से राही गुज़रेला हर बार मगर केहु न जाने किस्मत के कब कहवां के खा…

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  • Kavita Narayan ka Avatar Nari
    कविताएँ

    नारायणी का अवतार नारी | Kavita Narayan ka Avatar Nari

    ByAdmin February 11, 2023

    नारायणी का अवतार नारी ( Narayan ka avatar nari )    नारायणी का अवतार है नारी, देवताओं पर भी तू पड़ें भारी। तुम ही हो करूणा का ये रुप, सहनशील व अन्नपूर्णा स्वरुप।। तुमसे ही मानव जग में आया, धरती पर शान-शौकत पाया। जगत-जननी व कहलाती माँ, एक है धरती एवं दूसरी है माँ।। माॅं…

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  • Kavita Maa Dwara Beti ko Shiksha
    कविताएँ

    माँ द्वारा बेटी को शिक्षा | Kavita Maa Dwara Beti ko Shiksha

    ByAdmin February 11, 2023

    माँ द्वारा बेटी को शिक्षा ( Maa dwara beti ko shiksha )    कई बार बिटियां का फ़ोन आता, ४ माह जिसकी शादी को हुआ। बिटियां को जब भी आती याद, फ़ोन करती वह आती जब याद।। माँ ने प्रेम से बेटी को समझाया, बार-बार फ़ोन ना करें बतलाया। अब बिटियां तुम्हारा वही है घर,…

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  • Chhand Aaya Basant Suhana
    छंद

    आया बसंत सुहाना | Chhand Aaya Basant Suhana

    ByAdmin February 10, 2023

    आया बसंत सुहाना ( Aaya basant suhana )   जलहरण घनाक्षरी   आया बसंत सुहाना, उपवन महका रे। झूम झूम नाचे गाते, सारे ठहर ठहर।   फागुन की मस्ती छाई, रूत ये सुहानी आई। मधुमास महकता, आया लहर लहर।   सरसों लहलहाई, मस्त चली पुरवाई। बहार ले अंगड़ाई, चली सहर सहर।   धमालो की थाप…

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  • Pani par Kavita
    कविताएँ

    पानी | Pani Par Kavita

    ByAdmin February 10, 2023September 21, 2024

    पानी! ( Pani )  समुद्र की आँख से छलका पानी, घटा टूटकर बरसा पानी। बढ़ा नदी में प्रदूषण ऐसा, फूट-फूटकर रोया पानी। मानों तो गंगा जल है पानी, नहीं मानों तो बहता पानी। पत्थर,पहाड़,पानी की संतानें, जनम सभी को देता पानी। आदमी है बुलबुला पानी का, सबका बोझ उठाता पानी। बनकर गुच्छा बूँद का देखो,…

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  • Kavita Prem Diwani Beti
    कविताएँ

    प्रेम दीवानी बेटी के तर्कों का ज़बाब | Kavita Prem Diwani Beti

    ByAdmin February 10, 2023

    प्रेम दीवानी बेटी के तर्कों का ज़बाब ( Prem diwani beti ke tarike ka jawab )    बेशक तुमको हक है बेटी, अपना साथी चुनने का। बेशक तुमको हक है बेटी, सुंदर सपने बुनने का।। फूंकफूंक कर अब तक हमने, मुंह में कौर खिलाया है। अब तक जो भी चाहा तुमने, हमने वही दिलाया है।।…

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  • Poem Hawaon Mein aa Gaye
    ग़ज़ल

    हवाओं में आ गए | Poem Hawaon Mein aa Gaye

    ByAdmin February 10, 2023July 5, 2023

    हवाओं में आ गए ( Hawaon mein aa gaye )   शोहरत मिली तो आज हवाओं में आ गए रिश्ते भुला के ख़ास ख़लाओं में आ गए। हमको नहीं मालूम हुआ कब ये वाकया कब ख़्वाब से सरकार दुआओं में आ गए। फ़िरऔन मेरा इश्क़ बनाने लगा उन्हें बुत के सनम वो आज़ ख़ुदाओं में…

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  • Kavita Aarambh Likhoon ya Ant Likhoon
    कविताएँ

    आरंभ लिखूं या अंत लिखूं | Kavita Aarambh Likhoon ya Ant Likhoon

    ByAdmin February 10, 2023

    आरंभ लिखूं या अंत लिखूं ( Aarambh likhoon ya ant likhoon )    आरंभ लिखूं या अंत लिखूं, मैं लिख दूं मस्त बयार। प्रेम की पाती मनभावन, या दिलों में उमड़ता प्यार। जीवन सुहानी भोर लिखूं, मैं लिख दूं वो ढलती शामें। रिश्तों की नाज़ुक डोर लिखूं, विश्वास दिलों को थामें। मन की कोई पीर…

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  • Kavita Betiyon ko Padhne do
    कविताएँ

    बेटियों को पढ़नें दो | Kavita Betiyon ko Padhne do

    ByAdmin February 10, 2023

    बेटियों को पढ़नें दो ( Betiyon ko padhne do )    आज बेटियों को सब पढ़नें दो, और आगें इनको भी बढ़नें दो। खिलने दो और महकनें भी दो, अब पढ़ाई से वंचित न होने दो।। इनको बनकर तारें चमकने दो, परचम इनको अब लहराने दो। हंसने दो और मुस्कराने भी दो, अब पढ़ाई से…

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  • Butati Dham par Kavita
    कविताएँ

    वो बुटाटी धाम | Butati Dham par Kavita

    ByAdmin February 10, 2023

    वो बुटाटी धाम ( Wo Butati Dham )   जहां पर देश-विदेश से आतें है लाखों ही नर-नार, धाम निराला है वह जिसको जानता सारा संसार। कर रहा है कई वर्षो से मानव को सहायता प्रदान, संत चतुरदास जी महाराज का मंदिर पावन द्वार।। लकवा रोगी रोग-मुक्त होकर जहां हो जातें तैयार, सात दिन रूकना…

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