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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Geet Sara Jeevan
    गीत

    सारा जीवन ही बीत गया | Geet Sara Jeevan

    ByAdmin February 7, 2023October 17, 2024

    सारा जीवन ही बीत गया ( Sara jeevan hi beet gaya )  सारा जीवन ही बीत गया , यह अश्रु-गरल पीते-पीते । जो भरे कलष समझे हमने ,वे मिले सभी रीते-रीते।। मत पूछो त्याग-तपस्या से,क्या जीवन को उपहार मिला। शापों से आहत गंगाजल, पीने को बारम्बार मिला। क्या जीत सके उन्मादों से , वो हार…

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  • Kavita Kalpana ki Udaan
    कविताएँ

    कल्पना की उड़ान | Kavita Kalpana ki Udaan

    ByAdmin February 7, 2023

    कल्पना की उड़ान ( kalpana ki udaan )    कभी लड़को पर ना करना गुरुर, ख़्याल रखें यही एक बात जरुर। लालन-पालन करके किया बड़ा, धूम-धाम से उसकी शादी किया।। बिटियाॅं पे कोई दिया नही ध्यान, कहतें रहें घर पर है बहुत काम। मांँ के संग तुम करना सब काम, पढ़ना नहीं ये लड़की का…

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  • Bachpan par Kavita
    कविताएँ

    बचपन की बातें | Bachpan par Hindi Poem

    ByAdmin February 7, 2023February 15, 2023

    बचपन की बातें ( Bachpan ki baatein )    बचपन के वह क्या दिन थें हमारे, हम थें ऐसे वह चमकने वाले तारें। रोने की वज़ह ना हंसने के बहाने, खुशियों के खज़ाने इतने थे प्यारे।। दादा एवं दादी वो नाना एवं नानी, भैया-भाभी पापा-मम्मी ये हमारे। बुआ फूफा फ़िक्र करते थे हमारी, बचपन में…

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  • Geet Bharosa aur Pyar
    गीत

    भरोसा और प्यार संजीवनी बूटी | Geet Bharosa aur Pyar

    ByAdmin February 6, 2023

    भरोसा और प्यार संजीवनी बूटी ( Bharosa aur pyar sanjeevani booti )    खुद पर रख भरोसा प्यारे पथ में प्यार लुटाता जा मन के विश्वास से जग में नर पौरुष दिखलाता जा पथ में प्यार लुटाता जा हर रिश्तो में जान फूंक दे बिगड़े बनते काम सभी हर राहें आसान हो जाती यश वैभव…

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  • Kavita Apni Khichdi alag Pakana
    कविताएँ

    अपनी खिचड़ी अलग पकाना | Kavita Apni Khichdi alag Pakana

    ByAdmin February 6, 2023February 6, 2023

    अपनी खिचड़ी अलग पकाना ( Apni khichdi alag pakana )    एक कलम होता कलमकार हथियार, जिसको होता माते शारदे का वरदान। मन की बात लिख देता वह कलम से, सोच-विचारकर यह शब्दों को जोड़ते।। आज अलग थलग सभी रहना चाहतें, सुख दुःख मे भागीदार न होना चाहतें। आज न जाने सभी को यें क्या…

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  • Aankhen Poem in Hindi
    कविताएँ

    यह आंखें | Aankhen Poem in Hindi

    ByAdmin February 6, 2023February 6, 2023

    यह आंखें ( Yah Aankhen )    यें ऑंखें कुछ-कुछ कहती है, लगता है जैसे मुॅंह बोलती है। अचूक निशाना साधे रहती है, ऐसे लगता है जैसे बुलाती है।। यें शर्माती है और घबराती है, दीवानी मद-होश कातिल है। फिर भी सबको यह प्यारी है, यही काली ऑंखें निराली है।। चाहें तुम्हारी है चाहें हमारी…

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  • Rituraj par Kavita
    कविताएँ

    ऋतुराज | Rituraj par Kavita

    ByAdmin February 6, 2023

    ऋतुराज ( Rituraj )  सर्दियों को कर दो अब तुम विदा बसंती पवन पे सब हो रहे फिदा ऋतुराज की ये मनमोहक अदा मेहरबान धरती पर हो जैसे खुदा अंबर से देखो सरसों का रूप खिला हरि हरि चुनर को ओढ़ के गेहूं खिला कोयल का आमों पर डेरा डला अमवा की बोर से लगे…

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  • Maut par Kavita
    कविताएँ

    मौत मुक्ति तो नहीं है | Maut par Kavita

    ByAdmin February 5, 2023

    मौत मुक्ति तो नहीं है ( Maut mukti to nahi hai )    मृत्यु शाश्वत सत्य है जग में मौत मुक्ति तो नहीं है। मिले हरि भजन से आसान युक्ति तो नहीं है। स्वर्ग गए सिधार कहो कह दो मृत्यु को प्राप्त हुए। कर्मभूमि में शुभ कर्म जो सांसों में हरि व्याप्त हुए। जितनी सांसे…

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  • रामकेश यादव
    साहित्यिक गतिविधि

    बड़ी ही सादगी से मना वरिष्ठ साहित्यकार रामकेश यादव का जन्मदिन!

    ByAdmin February 5, 2023

    बड़ी ही सादगी से मना वरिष्ठ साहित्यकार रामकेश यादव का जन्मदिन!   मुंबई, पाँच फ़रवरी,1961 को उत्तरप्रदेश के आजमगढ़ जनपद के गांव तेजपुर में पैदा हुए और अपने जीवन का बासठ बसंत देख चुके रायल्टी प्राप्त कवि व वरिष्ठ साहित्यकार रामकेश यादव का मुंबई में बड़ी ही सादगी से उनके इष्ट मित्रों के बीच जन्मदिन…

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  • Poem Duniya Aabad Rahe
    कविताएँ

    दुनिया आबाद रहे | Poem Duniya Aabad Rahe

    ByAdmin February 5, 2023

    दुनिया आबाद रहे  ( Duniya aabad rahe )    इंसानों में चरमपंथी यहाँ भी हैं वहाँ भी, फ़रिश्ते यहाँ भी हैं और वहाँ भी। जीडीपी बढ़ रही इस मुल्क की बड़ी तेजी से, हुकूमत करनेवाले यहाँ भी हैं वहाँ भी। दुनिया आबाद रहे ऐसी है हमारी सोच, ज्ञान बाँटनेवाले यहाँ भी हैं और वहाँ भी।…

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