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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem mausam-e-gul
    कविताएँ

    मौसम-ए-गुल | Poem mausam-e-gul

    ByAdmin January 7, 2023

    मौसम-ए-गुल! ( Mausam-e-gul )   ख्ब्वाब अपना पांव पसारने लगे हैं, परिन्दे घोंसले को लौटने लगे हैं। दिल के दस्तावेज पे लिखा उसने नाम, आजकल दिन उसके इतराने लगे हैं। बुलबुल भी खुश है और चमन भी खुश, मौसम-ए-गुल देखो बिहसने लगे हैं। खिजाँ के दिन कब टिके हैं जहां में, मेंहदी वाले हाथ महकने…

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  • Jaral Bhojpuri kavita
    भोजपुरी

    जरल | Jaral Bhojpuri kavita

    ByAdmin January 6, 2023January 20, 2023

    ” जरल “ ( Jaral )    पहिले अपना के झांक तब दुसरा के ताक काहे तु हसतारे कवन कमी तु ढकतारे घुट-घुट के मरतारे दुसरा से जरतारे तोहरों में बा कुछ अच्छा ज्ञान खोज निकाल अउर अपना के पहचान मेहनत के बल पे आगे बढ़ जवन कमी बा ओकरा पुरा कर ना कर सकेले…

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  • Aata sata pratha par kavita
    कविताएँ

    आटा साटा की कुरीतियाॅं | Aata sata pratha par kavita

    ByAdmin January 6, 2023

    आटा साटा की कुरीतियाॅं ( Aata sata ki kuritiyan )   जन्म से पहले ही तय हो जाती है हमारी यें मौत, आटा साटा की कुरीतियों पर लगाओ यह रोक। पढ़ें लिखें होने पर भी क्यों अनपढ़ बन रहें लोग, सब-मिलकर विचार करों इस पर लगाओ रोक।। कई सारे घर और परिवार इससे हो रहें…

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  • Mahua par kavita
    कविताएँ

    महुआ | Mahua par kavita

    ByAdmin January 6, 2023

    महुआ ( Mahua )   औषधीय-गुणों का जिसमें भरा है ख़ज़ाना, वैज्ञानिकों ने भी आज इसी-बात को माना। इसका ‌बीज-छाल हर पत्ता भी है उपयोगी, इसके निकलें हुये तेल से बनातें हम खाना।। बनाई जाती है इससे ढ़ेर तरह की दवाईयाॅं, जिससे ठीक होती है मरीज़ की बिमारियाॅं। एक्जिमा मिर्गी बवासीर में होता है आराम,…

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  • बबुआ भैया का हुआ तकिया मेले में सम्मान
    साहित्यिक गतिविधि

    बैसवारे के मुंबई निवासी विधु भूषण बबुआ भैया का हुआ तकिया मेले में सम्मान

    ByAdmin January 6, 2023

    बैसवारे के मुंबई निवासी विधु भूषण बबुआ भैया का हुआ तकिया मेले में सम्मान   तकिया उन्नाव के ऐतिहासिक मेंले में कौमी एकता कवि सम्मेलन में मां की ममता, मां तुम्हे प्रणाम आदि सुप्रसिद्ध पुस्तको के लेखक कवि एवं राष्ट्रीय संस्था हृदयांगन साहित्यिक सामाजिक सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पंजीकृत संस्था मुंबई के संस्थापक अध्यक्ष शुक्ला खेड़ा…

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  • Poem khwahishon ka bojh
    कविताएँ

    ख्वाहिशों का बोझ | Poem khwahishon ka bojh

    ByAdmin January 6, 2023

    ख्वाहिशों का बोझ! ( Khwahishon ka bojh )   पराई आग पे रोटी सेंकने नहीं आता, रेजा-रेजा मुझे बिखरने नहीं आता। कत्ल कर देती हैं वे अपनी नजरों से, इल्जाम उनपे मुझे लगाने नहीं आता। गुनाह की रेत में मत दबा मेरा वजूद, झूठ की आग में जलने नहीं आता। मत छीनों जरूरत की चीजें…

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  • Amma
    विवेचना

    अम्मा | Amma

    ByAdmin January 6, 2023

    अम्मा ( Amma )   देखते ही देखते बाबूजी चल बसे और माँ बूढी से और ज्यादा बूढी हो गयी… आँखे उदास हो गयी पर चेहरे की चमक कम ना हो पायी। अगर आँखों को देखा जाए तो अब भी उसमें ळही प्यार वात्सल्य और अपनापन है जो मै देखता हूँ समझता हूँ पर चाह…

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  • Geet nirmal man ke darpan mein
    गीत

    निर्मल मन के दर्पण में | Geet nirmal man ke darpan mein

    ByAdmin January 5, 2023

    निर्मल मन के दर्पण में ( Nirmal man ke darpan mein )   पल रहे भाव अनुपम निर्मल मन के दर्पण में। सद्भावों की गंगा बहती प्रेम सुधारस अर्पण से। भाईचारा स्नेह बाटो भरो अनुराग आचरण में। विनय शील आभूषण है रहे नर हरि शरण में। निर्मल मन के दर्पण में मन मंदिर में करुणा…

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  • Kavita ketaki ka phool
    कविताएँ

    केतकी का फूल | Kavita ketaki ka phool

    ByAdmin January 5, 2023January 5, 2023

    केतकी का फूल ( Ketaki ka phool )   केतकी के फूल का भी अपना ही एक सफ़र रहा। प्रतिष्ठित रहा जो अपनी ही, शख्सियत के लिए सदा ही। जाना गया,वो माना भी गया हमेशा से बड़ा ही शाही रहा । किस्मत केतकी के फूल की अलग ही कहानी कहती हैं। सुंदर रहा वो अधुभूत…

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  • Kavita chal chhod de daru
    कविताएँ

    चल छोड़ दे दारू | Kavita chal chhod de daru

    ByAdmin January 5, 2023January 5, 2023

    चल छोड़ दे दारू ( Chal chhod de daru )   चल छोड़ दे दारू जरा तू फोड़ दे बोतल। मत लड़खड़ा प्यारे संभल संभल के चल। करना है नशा तो कर जरा तू स्वाभिमान का। धरती का लाल सपूत अन्नदाता किसान सा। अभिमान का त्याग करके संभाल अपनों को। शुभ कर्म कर संसार में…

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