• सड़क सुरक्षा | Sadak suraksha par kavita

    सड़क सुरक्षा ( Sadak suraksha )   1. वाहन चलाते थूकना, है खतरे का काम। हो सकता है हादसा, जा सकती है जान। 2. बेल्ट बांध गाड़ी चला, तेज चाल मत चाल। दुर्घटना भी घट जावे, बचे अंग अरु भाल। 3. दक्षता से वाहन चले, सीख सार संभाल। यात्रा जब हो दूर की, ईंधन हवा…

  • पहली महिला शिक्षिका | Savitribai Phule par kavita

    पहली महिला शिक्षिका ( Pahli mahila shikshika )   भारत-भूमि पर किया जिसने ऐसा काम, माता सावित्री बाई फुले आपको प्रणाम। नारी सशक्तिकरण की तुम बनी मिशाल, गुरूओं में पूजा जाएंगा आपका ये नाम।। देश की पहली महिला शिक्षिका है आप, लड़कियां भी पढ़ें ऐसे आपके थें ख़्वाब। रुढ़िवादी सोच के कारण यातनाएं ‌झेली, आपकी…

  • Killer Attitude Shayari in Hindi

    Killer Attitude Shayari in Hindi ( किलर ऐटिटूड शायरी इन हिंदी )    वो चांद पर पहुँच गए किसी को नहीं परवाह, हमने ज़मीन से पैर क्या उठाया लोग पूछने लगे बिछड़कर तुम से अब दिलदार जानी, हुआ जीना मेरा दुश्वार जानी। मुझे भी याद रक्खे गा ज़माना कुछ ऐसा काम कर जाऊंगा मैं भी…

  • Shayari 2 Line Attitude

    Shayari 2 Line Attitude  ( शायरी 2 लाइन ऐटिटूड )  वो चाय आज भी बरसों से याद है साग़रकिसी की बातों ने उसमें मिठास घोली थी विनय साग़र जायसवाल, बरेली     जिस पर हम अपने दिल के सभी राज़ खोल देंइतना भरोसेमंद ख़ुदारा कोई तो हो बुलंदी से उतर जाऊंगा मैं भीहै तेरी भूल…

  • Khatarnak Attitude Shayari

    Khatarnak Attitude Shayari ( खतरनाक ऐटिटूड शायरी )    आधुनिकता से मैं उकता गया हूँ। दौर फिर से पुराना चाहता हूं।।   हक़ की लड़ाई इसलिए भी हम नहीं लड़े ताकि हमारे हक़ मे हमारा कोई तो हो   इरादों का मैं पक्का हूँ ख़ुदाया सहन कर सब सुधर जाऊँँगा मैं भी   जो हमसफ़र…

  • Attitude Shayari in English Hindi

    Attitude Shayari in English Hindi ( ऐटिटूड शायरी इन इंगलिश इन हिंदी )    Mujhe bhi yaad rakhega zamana Kuch aisa kaam kar jaunga main मुझे भी याद रक्खे गा ज़माना कुछ ऐसा काम कर जाऊंगा मैं भी     Waqt pe apne has raha hoon main kya laga tujhpe has raha hoon main वक़्त…

  • Gajab Attitude Shayari in Hindi

    Gajab Attitude Shayari in Hindi ( गजब ऐटिटूड शायरी इन हिंदी )    सारी दुनिया भुलाना चाहता हूँ। मैं अपने गाँव जाना चाहता हूं।।   डूबेँगे डूब जाएंगे हम भी तुम्हारे साथ कश्ती कहाँ लगाएं किनारा कोई तो हो   जिधर जाओगे तुम जाऊँगा मैं भी रुके गर तुम ठहर जाऊँँगा मैं भी   कौन…

  • भाव जगाने निकला हूँ | Kavita bhav jagane nikla hoon

    भाव जगाने निकला हूँ ( Bhav jagane nikla hoon )   बुझे हुए मन के भावों को, पुनः जलाने निकला हूँ। सुप्त हो चुके हिन्दू मन में, भाव जगाने निकला हूँ। अपनी काशी अपनी मथुरा,अपनी जो साकेत यहाँ। बुझी हुई चिंगारी से फिर, अग्नि जलाने निकला हूँ। जगा सकूँ कुछ हिन्दू मन को,तो मुझको भी…

  • काव्य प्रस्तुतियों से कवियों ने किया नववर्ष का स्वागत

    काव्य प्रस्तुतियों से कवियों ने किया नववर्ष का स्वागत अलायंस क्लब नवलगढ़, चेतना साहित्यिक संस्था, संदर्श व राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था शब्दाक्षर के संयुक्त तत्वावधान में जांगिड अस्पताल परिसर में नववर्ष का अभिनंदन कवियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत, नशामुक्ति, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, खूब पढ़ों आगे बढ़ो, जनजागृति व चेतना देती सरस कविताओं की स्वर लहरी…

  • नववर्ष | Poem in Hindi on New Year

    नववर्ष नई उम्मीदें लिए हुए आ रहा नूतन नववर्ष, हर्षोल्लास की मधुर तरंगे करती हृदय स्पर्श। इस अवसर पर आओ मिलजुल खुशियां मनाएं, नव वर्ष का स्वागत करें हम सब बाहें फैलाएं। बीत रहा जो वर्ष उसके रंजो गम छोड़िए, आने वाले नववर्ष के स्वागत की सोचिए। गुजरा हुआ साल चाहे कैसा भी रहा हो,…