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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Bal diwas par kavita
    कविताएँ

    आया प्यारा बाल दिवस | Bal Diwas par Kavita

    ByAdmin November 13, 2022November 14, 2023

    आया प्यारा बाल दिवस ( Aaya pyara bal diwas )      खुशियाॅं देकर जाता है सब को हर वर्ष, आज फिर से आया प्यारा बाल दिवस। होती है अंताक्षरी वाद-विवाद एवं खेल, नेहरु जी का मनातें सभी जन्म-दिवस।।   बाल दिवस भी कहते इस दिन को सब, चाचा नेहरु कहकर बुलाते उनको तब। प्यार…

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  • Nasha mukti par kavita
    कविताएँ

    नशा मुक्त अपना भारत बनाएं | Nasha mukti par kavita

    ByAdmin November 13, 2022November 13, 2022

    नशा मुक्त अपना भारत बनाएं ( Nasha mukt apna bharat banaen )   आओ मिलकर ऐसा समाज बनाएं, नशा मुक्त अपना भारत देश बनाएं। छोड़ो इस नशें की आदत को यारो, आहिस्ता ही सही पर बदलाव लाएं।।   छोड़े हर‌ किस्म की नशें की आदत, नशा मुक्त बनाऍं अपना यह भारत। स्वस्थ तंदरुस्त रखो अपना…

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  • Kavita kissne dekha
    कविताएँ

    किसने देखा | Kavita kissne dekha

    ByAdmin November 12, 2022November 12, 2022

    किसने देखा ( Kissne dekha )      कल के कल को किसने देखा ना हमने ना तुमने देखा जीवन के हर गुणा गणित में तू -तू, मैं -मै सबने देखा,   बिन मौसम बरसातें देखा कितने दिन और रातें देखा बदल गये सूरज चंदा क्या? बदला क्यों जज्बातें देखा?   बहती सर्द हवाएं देखा…

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  • Kavita shahar raat bhar rota raha
    कविताएँ

    शहर रात भर रोता रहा | Kavita shahar raat bhar rota raha

    ByAdmin November 12, 2022November 12, 2022

    शहर रात भर रोता रहा ( Shahar raat bhar rota raha )    त्रासदी ने झकझोर दिया भारी नुकसान होता रहा त्राहि त्राहि कर उठा हृदय शहर रात भर रोता रहा   जाने किसकी नजर लगी क्या अनहोनी आन पड़ी खुशियां सारी खफा हो गई जिंदगियां बेजान खड़ी   कुदरत का कोई कहर था कितना…

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  • Baccho ke liye kavita
    कविताएँ

    हिन्दी वर्णमाला | Baccho ke liye kavita

    ByAdmin November 12, 2022November 12, 2022

    हिन्दी वर्णमाला ( Hindi varnamala )    क से कबूतर, ख से खरगोश, देना कभी न किसी को दोष। च से चम्मच, छः से है छतरी, वर्षा धूप से बचाए है छतरी। ग से गमला, घ से होता है घर, मिले सबको अपना पक्का घर। ज से जहाज़ झ से झंडा, भारत का है तिरंगा…

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  • Hindi poem on Hindi bhasha
    कविताएँ

    हिंदी बोल इंडिया | Hindi poem on Hindi bhasha

    ByAdmin November 12, 2022November 12, 2022

    हिंदी बोल इंडिया ( Hindi Bol India )      हिन्दी बोल इंडिया कहकर क़लम आज चलानी है, सरल शब्दों में कहा जाएं तो यह बहुत वंदनीय है। वैश्विक स्तर पे जानतें है अब राष्ट्रभाषा बनवानी है, कई ऑफिस दफ्तरों में जिसकी दशा दयनीय है।।   हिन्द को गौरवान्वित करतीं यें भाषा ऐसी प्यारी है,…

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  • Zindagi pe kavita
    कविताएँ

    जिंदगी एक किताब है | Zindagi pe kavita

    ByAdmin November 12, 2022

    जिंदगी एक किताब है ( Zindagi ek kitab hai )   जिंदगी एक किताब है जिसमें अनेक पन्ने हैं, कुछ पन्ने फूल के, कुछ कागज के जिसमें सुख-दुख की कहानी लिखी है बीती हुई अपनी जवानी लिखी है, जिसमें खुशियां भी है गम भी है कुछ ज्यादा भी है कुछ कम भी है ढेर सारी…

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  • Chhand karm hi pooja hai
    छंद

    कर्म ही पूजा है | Chhand karm hi pooja hai

    ByAdmin November 12, 2022

    कर्म ही पूजा है ( Karm hi pooja hai ) मनहरण घनाक्षरी   कर्म श्रद्धा कर्म भक्ति कर्म धर्म पुनीत है कर्म ही पूजा हरि की कर्म नित्य कीजिए   कर्म योग कर्म ज्ञान कर्म पथ पावन है कर्म कर जीवन की नौका पार कीजिए   कर्म सेवा हरि आस्था कर्मशील पुरुषार्थी कर्म से मंजिलें…

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  • Poem baccho ke liye
    कविताएँ

    एक से दस तक गिनती | Poem baccho ke liye

    ByAdmin November 12, 2022

     एक से दस तक गिनती ( Ek se das tak ginti )   एक बड़े राजा का बेटा, दो दिन से मुर्दा सा लेटा।   तीन महात्मा सुन कर आए, चार दवा के वे टुकड़े लाए।   पांच मिनिट घिस गर्म कराई छः छः घंटे बाद दवा पिलाई।   सातवे दिन कुछ नैना खोले, आठवें…

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  • Pension milpayegi
    कविताएँ

    पेंशन मिल पायेगी | Chanchal poetry

    ByAdmin November 12, 2022November 12, 2022

    पेंशन मिल पायेगी ( Pension mil payegi )   सुनो पति जी छोड़ अलाली, जाओ सबके साथ। पेंशन मिल पायेगी, मिल के जाने के बाद ।।   सबके हक के काजे लड़ रहे अपने सारे भाई तुम घर में बस बैठे खा रहे, ओढ़े मस्त रजाई हाथ पांव के कष्ट जरा दो, जाओ सबके साथ।…

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