Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ राम आसरे कुशवाहा को हृदयांगन का संरक्षक बनाया गया
    साहित्यिक गतिविधि

    पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ राम आसरे कुशवाहा को हृदयांगन का संरक्षक बनाया गया

    ByAdmin November 8, 2022November 8, 2022

    पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ राम आसरे कुशवाहा को हृदयांगन का संरक्षक बनाया गया   40वीं श्रीमदभागवत कथा के पावन अवसर पर शुक्रवार दिनांक 4 नवंबर 2022 को व्यासपीठ से आचार्य श्रीकृष्ण द्विवेदी महाराज साहित्याचार्य, साहित्यरत्न, श्रीमदभागवत कथा प्रवक्ता ने व्यास पीठ से घोषणा करते हुए प्रोफेसर एवं छह बार कैबिनेट मंत्री रह चुके डा0 राम…

    Read More पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ राम आसरे कुशवाहा को हृदयांगन का संरक्षक बनाया गयाContinue

  • Poem pariyon ki kahani
    शेरो-शायरी

    के सुनाती नानी परियों की कहानी खूब है | Poem pariyon ki kahani

    ByAdmin November 8, 2022November 8, 2022

    के सुनाती नानी परियों की कहानी खूब है ( Ke sunati nani pariyon ki kahani khoob hai )      के सुनाती नानी परियों की कहानी खूब है लाड में यूं हर रात कटती सुहानी खूब है   बेवफ़ा कह दे न मुझको वो कहीं दिल से कभी दोस्ती उससे मगर दिल से निभानी खूब…

    Read More के सुनाती नानी परियों की कहानी खूब है | Poem pariyon ki kahaniContinue

  • Mahadev par kavita
    कविताएँ

    देवों के देव महादेव | Mahadev par kavita

    ByAdmin November 8, 2022November 8, 2022

    देवों के देव महादेव ( Devon ke dev mahadev )     दर्शन तो करके ही जाऐगे चाहे बाधाएँ हो कही, टूटकर बिखरना तो हमने  कभी सीखा ही नही। भोले को पाने के लिए  शोले का रास्ता ही सही, प्रसाद भांग ही मिले बिना दर्शन जाऐगे ही नही।।   लक्ष्य नही मिलता है उनको जो…

    Read More देवों के देव महादेव | Mahadev par kavitaContinue

  • Poem aazma kar dekh lena
    कविताएँ

    मुझको कभी भी आज़मा कर देख लेना | Poem aazma kar dekh lena

    ByAdmin November 8, 2022

    मुझको कभी भी आज़मा कर देख लेना ( Mujhko kabhi bhi aazma kar dekh lena )     मुझको कभी भी आज़मा कर देख लेना। हो सके मुझसे दिल लगा कर देख लेना।।   एक पल भी मुझसे दूर नहीं रह पाओगे। कितना भी फासला बना कर देख लेना।।   चाहे लाख नज़रें भी चुराओ…

    Read More मुझको कभी भी आज़मा कर देख लेना | Poem aazma kar dekh lenaContinue

  • Guru Nanak dev ji poem in Hindi
    कविताएँ

    गुरु नानक देव | Guru Nanak dev ji poem in Hindi

    ByAdmin November 8, 2022November 8, 2022

    गुरु नानक देव ( Guru Nanak Dev )   सिख धर्म के संस्थापक प्यारे गुरु नानक देव हमारे। प्रकाश पर्व जयंती मनाये गुरु ज्ञान आलोकित तारे।   धर्म सुधारक समाज सुधारक योगी धर्मगुरु कहलाए। दार्शनिक गुण धर मन मानस देशभक्ति राह अपनाए।   वाहे गुरुजी का दरबार सजता गुरुद्वारे गूंजे कीर्तन कर। धर्म की रक्षा…

    Read More गुरु नानक देव | Guru Nanak dev ji poem in HindiContinue

  • Poem on kartik purnima
    कविताएँ

    कार्तिक पूर्णिमा का स्नान | Poem on kartik purnima

    ByAdmin November 8, 2022November 8, 2022

    कार्तिक पूर्णिमा का स्नान ( Kartik purnima snan kavita )   पूर्णिमा से शुरु होती यह सर्दियों की रात, अमृत बरसता है इस दिन सब पर खास। चन्द्र और पृथ्वी इस रोज आतें है समीप, राधे व कृष्ण ने इस दिन रचाया था रास।।   इसी उजियाली शरद पूनम वाली रात में, अनेंक रुप बनाऍं…

    Read More कार्तिक पूर्णिमा का स्नान | Poem on kartik purnimaContinue

  • R K Rastogi poetry
    कविताएँ

    ढूंढते ही रह जाओगे | R K Rastogi poetry

    ByAdmin November 7, 2022November 7, 2022

    ढूंढते ही रह जाओगे ( Dhundte hi reh jaoge )    बातो में कुछ बाते, चीजों में कुछ चीजे, इक्कीसवीं सदी में, ढूंढते ही रह जाओगे। घरों में पुरानी खाट, तराजू के लिए बाट, स्कूलों में बोरी टाट, ठेलो पर अब चाट। ढूंढते ही रह जाओगे।। आंखो में अब पानी, कुएं का ताजा पानी। दादी…

    Read More ढूंढते ही रह जाओगे | R K Rastogi poetryContinue

  • Guru Nanak par kavita
    कविताएँ

    श्री गुरु नानक देव जी | Guru Nanak par kavita

    ByAdmin November 7, 2022November 7, 2022

    श्री गुरु नानक देव जी ( Shri Guru Nanak Dev Ji )    प्रथम गुरुवर आप है गुरु नानक सिख समुदाय, सभी की ज़ुबान पर आपका नाम पहला आय। वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह, बिना गुरु के मंजिल तक कोई पहुॅंच नही पाय।।   कल्याणचन्द पिता थें जिनके व तृप्ता थी माता,…

    Read More श्री गुरु नानक देव जी | Guru Nanak par kavitaContinue

  • Aarzoo love shayari
    कविताएँ

    आरजू तेरी बरकरार रहे | Aarzoo love shayari

    ByAdmin November 7, 2022November 7, 2022

    आरजू तेरी बरकरार रहे ( Aarzoo teri barkarar rahe )    आरजू तेरी बरकरार रहे बरसता सदा तेरा प्यार रहे खुशियों भरा संसार रहे यश कीर्ति वैभव अपार रहे आरजू तेरी बरकरार रहे   उर उमंगे आ जाए होठों पर मुस्काने सजा जाए बजने लगे तार दिलों के संगीत सुहाना छा जाये पग पग विजय…

    Read More आरजू तेरी बरकरार रहे | Aarzoo love shayariContinue

  • Vicharniy vishay kavita
    कविताएँ

    यह विचारणीय विषय है | Vicharniy vishay kavita

    ByAdmin November 7, 2022

    यह विचारणीय विषय है ( Yah vicharniy vishay hai )      आज-कल के दौर में कोई घर-घर नहीं लगतें है, मक़ान तों है बड़े-बड़े पर इन्सान नहीं दिखते है। होतें पहले कच्चे-मकान पर रिश्ते पक्के होते थें, अपनें आपको आज सभी होशियार समझते है।।   पहले का ज़माना और था आज ज़माना और है,…

    Read More यह विचारणीय विषय है | Vicharniy vishay kavitaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 552 553 554 555 556 … 835 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search