बाल कविता | Hindi bal kavita
बाल कविता ( Bal kavita ) अ से अनार,आ से आम, ये दोनो है फलों के नाम। इ से इमली,ई से ईख, अच्छी बाते सदा सीख। उ से उस्तरा,ऊ से उल्लू, पढ़ो लिखो बनो न उल्लू। ए से एडी ऐ से बनी है ऐनक, टी वी कम देखो,नही लगेगी ऐनक …
बाल कविता ( Bal kavita ) अ से अनार,आ से आम, ये दोनो है फलों के नाम। इ से इमली,ई से ईख, अच्छी बाते सदा सीख। उ से उस्तरा,ऊ से उल्लू, पढ़ो लिखो बनो न उल्लू। ए से एडी ऐ से बनी है ऐनक, टी वी कम देखो,नही लगेगी ऐनक …
उधार ( Udhaar ) सुबह धूप माँगी दोपहर में छाँव शाम को कंचन सा व्योम रात सितारे चाँद चाँदनी शुद्ध हवा व साँसें कभी हरियाली फूलों की डाली कभी फल मेवा अनाज की बाली पीने को पानी वर्षा इंद्रधनुष चूनर धानी सब कुछ जीवनभर उधार ही तो लिया है फिर बेचा है इन सबको…
माँ ( Maa ) कद्र करो उस मां की नौ महीनें तक रखा अपने गर्भ मे उम्र भर रखा जिसने ममता कीगोद में ताउम्र रखा अपने दिल में तेरी ये दौलत तेरी ये शोहरत तेरे यह कीमती सारे लिबास जिसमें ना हो मां का आशीष और आशीर्वाद मां बिना सारे बेगाने बेजार खुशियां यह…
इक्कीसवीं सदी में ढूंढते ही रह जाओगे ( Ikkeesaveen sadi me dhoondhte hi rah jaoge ) दीवारों में बड़े आले, सुसराल में दस साले। कबड्डी में लंबे पाले, शादी के बाद गौने चाले। इक्कीसवीं सदी में, ढूंढते ही रह जाओगे।। घरों में सिल बट्टा, गले में पड़ा दुपट्टा। तराजू में बाट बट्टा, दोस्तो में…
यातायात के नियम ( Yatayat ke niyam ) यातायात के नियमों का पालन सबको है करना, टू व्हीलर चाहें फोर व्हीलर तेज़ न कोई चलाना। है अनमोल यह मानव जीवन ध्यान सभी रखना, ख़ुद बचकर दूजे को बचाकर साधन यें चलाना।। सिगनल एवं रास्ता देखकर सदा साधन चलाना, ना दौड़ना ना भागना बायीं…
शिक्षा का महत्व ( Shiksha ka mahatva ) उच्च विचार अंतर्मन दौड़े, ऊंची उड़े उड़ान। प्रगति पथ पर बढ़ चले, उन्नति के सोपान। स्वप्न सुनहरे सच हो, चले विकास की लहर। सुविधाओं से संपन्न हो, हर गांव हर शहर। शिक्षा का सूरज दमके, निर्माण हो भरपूर। चहुमुखी विकास करें, हो हर शख्स…
देव भूमि उत्तराखंड ( Dev Bhoomi Uttarakhand ) ऋषि मुनियों की तपोस्थली बहती कल कल धारा उत्तराखंड देवभूमि पावन हो जहां हिमालय प्यारा ऊंची ऊंची पर्वत चोटियां पावन सरिताएं बहती हसीं वादियां मनभावन कुदरत भी हर्षाती रहती देवदार के वन घने जहां पर देव रमण को आते फल फूलों से लदी धरा…
कवि की कविता ( Kavi ki kavita ) अब हम भी लिखेंगें ऐसी कविता ख़ास, कर ली जो हमनें कक्षा मैट्रिक यह पास। ज्ञान विज्ञान और हिन्दी गणित के साथ, करेंगें अब हम साहित्यिक मंच विकास।। सीखा व्यंजन और सीखा स्वर का ज्ञान, सीखें हमने शब्द और इनके बहुत अर्थ। गद्य पद्य पाठ…
याद परदेश में आता परिवार है ( Yaad pradesh mein aata parivar hai ) याद परदेश में आता परिवार है दिल मिलने को बहुत यार लाचार है हाल दिल का सुनाऊँ किसे मैं यहाँ इस नगर में नहीं कोई भी यार है ज़िंदगी भर ख़ुदा उस हंसी से मिला जिस हंसी…
ऐ अँधेरे ( Ai Andhere ) ऐ अँधेरे तूने मुझे बहुत रुलाया है समेट कर सारी रोशनी मुझे सताया है तुझ से दूर जाने के किये बहुत यतन जाने क्यूं मेरी जिन्दगी को बसेरा बनाया है ऐ अँधेरे तूने वाकयी बहुत रुलाया है समेट कर सारी रोशनी मुझे सताया है कौन सी धुन मे…