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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem Rama Sugriva
    कविताएँ

    राम सुग्रीव मिताई | Poem Rama Sugriva

    ByAdmin October 1, 2022

    राम सुग्रीव मिताई ( Ram Sugriva Mitai )   सीता माता की सुधि लेने चल पड़े राम लक्ष्मण भाई। शबरी के मीठे मीठे बेर खाए चब चख श्री रघुराई।   आगे जाकर रघुवर की जब भक्त हनुमान से भेंट हुई। सुग्रीव से जाकर करी मिताई और सभी पहचान हुई।   किष्किंधा का राजा बाली सुग्रीव…

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  • Skandmata par kavita
    छंद

    स्कंदमाता | माहिया छंद

    ByAdmin October 1, 2022October 12, 2022

    स्कंदमाता ( Skandmata )   स्कंदमाता कल्याणी पर्वत निवासिनी रक्षा करें दुर्गा मां   गूंजता दरबार मां जयकार हो रही जले अखंड ज्योत मां   यश वैभवदात्री दो वरदान भवानी सुनो महागौरी मां   जय माता जगदंबे मां शेरावाली आओ दानव दलनी   दुर्गा माता रानी कमल नयन वाली मां जगत की करतार   तुम…

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  • Geet gunjata darbar maa ka
    कविताएँ

    गूंजता दरबार मां का आज जय जयकारों से | Geet gunjata darbar maa ka

    ByAdmin October 1, 2022October 1, 2022

    गूंजता दरबार मां का आज जय जयकारों से ( Gunjata darbar maa ka aaj jay jayakaaron se )   है गूंजता दरबार मां का, आज जय जयकारों से। दुष्ट दलनी अंबे महागौरी, शेरावाली के नारों से भर देती भंडार माता, भक्तों की सुनती पुकार। रक्षा करती दुर्गा रणचंडी, सब बैरियों गद्दारों से।   है गूंजता…

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  • Durga mata par kavita
    कविताएँ

    दुर्गा माता रानी तू ही भवानी | Durga mata par kavita

    ByAdmin October 1, 2022October 9, 2022

    दुर्गा माता रानी तू ही भवानी (Durga mata rani tu hi bhawani)   आदिशक्ति हे मां काली, ढाल खड्ग खप्पर वाली। सिंह सवार मां जगदंबे, दुखड़े दूर करने वाली। असुर संहारिणी ज्वाला, तू ही पर्वत निवासिनी। दुर्गा माता रानी, तू ही भवानी।   सजा दरबार निराला, रणचंडी शक्ति स्वरूपा। कमल नयनो वाली, माता का रूप…

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  • Mitra par kavita
    कविताएँ

    मित्र | Mitra par kavita

    ByAdmin October 1, 2022August 6, 2023

    मित्र ( Mitra )   अर्पण दर्पण और समर्पण मित्र तेरी यह पहचाने है l दुख में भय में और सुखों में हाथ मेरा वह थामें हैl वादों, रिश्तो से और नातो से ऊंचे उसके पैमाने हैंl गलत सही जो मुंह पर कह जाए दोस्त वही सुहाने हैंl ताकत साहस और ढाढस, में मित्र ही…

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  • Shri balaji khudaala dham
    यात्रा बृतान्त

    श्री बालाजी खुडाला धाम | Shri balaji khudaala dham

    ByAdmin October 1, 2022

    श्री बालाजी खुडाला धाम ( Shri balaji khudaala dham )   यह मंदिर जोधपुर से कुछ दूरी पर स्थित श्री बालाजी खुडाला धाम नाम से करीब 149 वर्ष पुराना है। जिसके संस्थापक श्रीमान नेनूराम जी गौड़ रहे। एवं वर्तमान समय में इस मंदिर में बालाजी की उद्भवित मूर्ति, एक गौशाला, एवं यज्ञशाला का निर्माण हमारे…

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  • Kavita sita haran
    कविताएँ

    सीता हरण | Kavita sita haran

    ByAdmin September 30, 2022

    सीता हरण ( Sita haran )   पंचवटी में जा राघव ने नंदन कुटी बना डाली ऋषि मुनि साधु-संतों की होने लगी रखवाली सूर्पनखा रावण की बहना वन विहार करने आई राम लखन का रूप देख वो खुद को रोक नहीं पाई सुंदर रूप धरा नारी का लक्ष्मण ब्याह रचा लो तुम मेरे भी प्रियतम…

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  • Kavita main kaan hoon
    कविताएँ

    मैं कान हूं | Kavita main kaan hoon

    ByAdmin September 30, 2022September 30, 2022

    मैं कान हूं ( Main kaan hoon )   मैं कान हूं अपने जिम्मेदारियों से परेशान हूं। गालियां हों या तालियां अच्छा हो या बुरा सबको सुनकर,सहकर हैरान हूं। खैर छोड़िए मैं कान हूं। चश्में का बोझ ढोकर डंडियों से जकड़ा हुआ आंखों के मामलों में, मैं बना पहलवान हूं। खैर छोड़िए मैं कान हूं।…

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  • Kavita bharat milap
    कविताएँ

    भरत मिलाप | Kavita bharat milap

    ByAdmin September 29, 2022

    भरत मिलाप ( Bharat milap )   कैसी लीला रची काल ने वन को चले गये रघुराई दशरथ राम राम कर हारे जब अंत घड़ी बन आई   भ्रातप्रेम व्याकुल भरतजी अवध रास ना आया सेना लेकर चला भक्त भगवन कैसी यह माया   जग का पालनहारा वन में जब वनवासी बन आया पाप बढ़…

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  • Ghazal dosti mein bewafa hai
    शेरो-शायरी

    दोस्ती में बेवफ़ा है | Ghazal dosti mein bewafa hai

    ByAdmin September 29, 2022September 29, 2022

    दोस्ती में बेवफ़ा है ( Dosti mein bewafa hai )   कब वफ़ा करता दग़ा है ? दोस्ती में बेवफ़ा है   भूलनी है याद तेरी टूटे दिल की अब सदा है   बात की है प्यार से कब रोज रक्खा बस गिला है   प्यार के टूटे भरम  सब ज़ख्म बस गहरा मिला है…

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