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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Kavita Ram VAn Gaman
    कविताएँ

    राम वन गमन | Kavita Ram VAn Gaman

    ByAdmin September 28, 2022

    राम वन गमन ( Ram Van Gaman )   चली गई कैकई कोप भवन में बात मंथरा मानी वचन पूरे करो राजन तब बोली कैकयी महारानी भरत राजतिलक हो वन जाए राम लक्ष्मण भाई वन चले राम रघुराई केकई कान की कच्ची ना होती बात ये सच्ची ना होती अभिमानी रावण कहां मरता माता सीता…

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  • Muhabbat poetry
    कविताएँ

    मुहब्बत से मगर देखा नहीं था | Muhabbat poetry

    ByAdmin September 28, 2022September 28, 2022

    मुहब्बत से मगर देखा नहीं था ( Muhabbat se magar dekha nahin tha )   मुहब्बत से मगर देखा नहीं था उसी ने ही मुझे समझा नहीं था   गिले शिकवे  करें है जब मिले वो लगे आकर कभी लगता नहीं था   उसे आवाज़ दी है खूब मैंनें किया मेरे तरफ चेहरा नहीं था…

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  • Kavita sita swayamvar
    कविताएँ

    सीता स्वयंवर | Kavita sita swayamvar

    ByAdmin September 27, 2022

    सीता स्वयंवर ( Sita swayamvar )   सीता स्वयंवर रचा जनक ने धनुष यज्ञ करवाया। भव्य पावन था अनुष्ठान महारथियों को बुलवाया‌   दूर-दूर के राजा आए अब भाग्य आजमाने सभी। बली महाबली हर कोई बाणासुर आए रावण तभी।   विश्वामित्र महामुनि ज्ञानी पधारे जनक पुरी धाम। गुरु संग हर्षित होकर तब आए लक्ष्मण श्रीराम।…

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  • Kavita main kya doon watan ko
    कविताएँ

    मैं क्या दूं वतन को | Kavita main kya doon watan ko

    ByAdmin September 27, 2022

    मैं क्या दूं वतन को ( Main kya doon watan ko )   दुखी हो रही आज भगीरथी कोस रही है जन को। गंदा हुआ तन सारा मेरा मैं क्या दूं अब वतन को।   निर्मल निर्मल नीर सुरसरि नित बहती गंगा धारा। नेह उमड़ता था घट घट में झरता सुधारस प्यारा।   दुनिया के…

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  • Sher ke kuch shabd
    कविताएँ

    कुछ शब्द शेर के | Sher ke kuch shabd

    ByAdmin September 27, 2022

    कुछ शब्द शेर के ( Kuchh shabd sher ke ) ……. मुसाफिर तंन्हा हूँ मै, साथ चलोगे क्या, तुम मेेरे। है मंजिल दूर, सफर मुश्किल , क्या साथ चलोगे मेरे। यही है डगर, एक मंजिल है तो फिर, साथ चलो ना, सफर कट जायेगा दोनो का, हमसफर बनोगे मेरे। …… करेगे दुख सुख की बातें,…

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  • Kavitayen Sher Ki
    कविताएँ

    शेर की कविताएं | Kavitayen Sher Ki

    ByAdmin September 27, 2022September 29, 2022

    शेर की कविताएं ( Sher ki kavitayen )   हाँ दबे पाँव आयी वो दिल में मेरे, दिल पें दस्तक लगा के चली थी गयी। खोल के दिल की कुण्डी मैं सोचूँ यही, मस्त खूँशबू ये आके कहा खो गयी॥ हाँ दबे पाँव…. * सोच मौका दोबारा मिले ना मिले, ढूँढने मै लगा जिस्म सें…

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  • Chhand Shailputri
    छंद

    Chhand Shailputri | शैलपुत्री

    ByAdmin September 26, 2022October 12, 2022

    शैलपुत्री   मनहरण घनाक्षरी   शैलपुत्री वृषारूढ़ा, गिरिराज प्रिय सुता। त्रिशूलधारी भवानी, दुख हर लीजिए।   मंगलकारणी माता, दुखहर्ता सुखदाता। कमल नयनी देवी, वरदान दीजिए।   पार्वती मां हेमवती, शिव गौरी जगदंबे। यश कीर्ति वैभव दो, माता कृपा कीजिए।   सजा दरबार तेरा, अखंड ज्योति जलती। शक्ति स्वरूपा अंबे, शरण में लीजिए।   रचनाकार : रमाकांत…

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  • Kavita shailputri
    कविताएँ

    शैलपुत्री | Kavita shailputri

    ByAdmin September 26, 2022

    शैलपुत्री ( Shailputri )   गिरिराज घर जन्मी देवी शैलपुत्री कहलाई। कमल सुशोभित कर में शक्ति स्वरूपा माई।   तुम त्रिशूलधारी भवानी हो वृषारूड़ा हो माता। मंगलकारणी दुखहर्ता मां तुम ही हो सुखदाता।   प्रजापति ने यज्ञ किया सब देवन को बुलवाया। विकल हो गई सती मां शिवशंकर नहीं बुलाया।   घर पहुंची मैया स्नेह…

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  • Shayari gam ki
    शेरो-शायरी

    गमों की मगर वो दवा चाहिये | Shayari gam ki

    ByAdmin September 26, 2022September 26, 2022

    गमों की मगर वो दवा चाहिये ( Gamon ki magar wo dawa chahiye )     गमों की मगर वो दवा चाहिये यहां कोई ऐसा दुआ चाहिये   बहुत सह लिये ज़ीस्त में ग़म मगर ख़ुशी ज़ीस्त में अब ख़ुदा चाहिये   मिली है मुझे राह में जो कल थी ख़ुदा वो हंसी अब सदा…

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  • Geet aankhon se jhalakta pyar
    गीत

    आंखों से झलकता प्यार | Geet aankhon se jhalakta pyar

    ByAdmin September 25, 2022December 3, 2022

    आंखों से झलकता प्यार ( Aankhon se jhalakta pyar )     बातों में रसधार टपकती, आंखों से छलकता प्यार। दिल दीवाना मस्ती में झूमा, बजे सारे दिलों के तार। आंखों से छलकता प्यार मदमाती चाल मस्तानी, गोर वर्ण चेहरा नूरानी। बलखाती सरिता सी दौड़े, आई हो मद की दीवानी। धवल चांदनी प्यारी सी, गौरी…

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