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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Chhand bhini bhini chandni
    छंद

    भीनी भीनी चांदनी | Chhand bhini bhini chandni

    ByAdmin September 9, 2022October 12, 2022

    भीनी भीनी चांदनी ( Bhini bhini chandni ) विधा मनहरण घनाक्षरी     उज्जवल उज्जवल, भीनी भीनी मद्धम सी। दूधिया सी भीगो रही, दिव्य भीनी चांदनी।   धवल आभा बरस, सुधा रस बांट रही। आनंद का अहसास, देती भीनी चांदनी।   चांद यूं छलका रहा, अमृत रस भंडार। हर्ष खुशी मोद करे, दुलार भीनी चांदनी‌।…

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  • Kavita Privartan
    कविताएँ

    कविता परिवर्तन | Kavita Privartan

    ByAdmin September 9, 2022

    कविता परिवर्तन ( Kavita Parivartan )   सोचने को मजबूर एक सोच सुबह के आठ बजे आते हुए देखा एक बेटी को शौच करते हुए नजरें मैंने घुमा ली शर्म उसे ना आए मुझे देख कहीं लज्जित ना हो जाए बना है घर पर शौचालय नहीं शादी के लिए सोना तो जोड़ा पर सुरक्षा के…

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  • Kavita Hindi Ki Hindi
    कविताएँ

    हिन्द की हिंदी | Kavita Hindi Ki Hindi

    ByAdmin September 8, 2022September 8, 2022

    हिन्द की हिंदी ( Hindi Ki Hindi )   स्वर ध्वनि शब्दों की हिंदी भाषा अमृत धारा सी बह रही है रगो में शीतल सरिता सी चलकर सांसों के सागर में बह रही है।   अनमोल कितना मधुरमयी है दुनिया भी तुमको पहचानती है तेरी प्रसंशा का राग की धुन सुबह सवेरे खूब बज रही…

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  • Kavita gyaan anamol khazana hai
    कविताएँ

    ज्ञान अनमोल खजाना है | Kavita gyaan anamol khazana hai

    ByAdmin September 8, 2022October 9, 2022

    ज्ञान अनमोल खजाना है  ( Gyaan anamol khazana hai )   ज्ञान अनमोल खजाना है बांट सका है कौन इसे ?   न भाई बंधु जमाना है अनमोल रतन है हर रत्नों में   पर इसको नहीं छुपाना है ज्ञान की ज्योति जले घर-घर में   ज्योति से ज्योति जलाना है घर-घर महके ज्ञान की…

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  • Kavita pudiya ka nasha
    कविताएँ

    पुड़िया का नशा | Kavita pudiya ka nasha

    ByAdmin September 8, 2022

    पुड़िया का नशा ( Pudiya ka nasha )   पुड़िया खा मुंह भरे गुटखा का रसपान सड़क दीवारें हो गई अब तो पिक दान   दंत सारे सड़ने लगे उपजे कई विकार दिनभर खर्चा ये करे रसिक पुड़ियादार   मुंह तो खुलता नहीं आदत पड़ी बेकार समझाए समझे नहीं छोड़ो नशा अब यार   फैशन…

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  • Chhand chinta
    छंद

    चिंता | Chhand chinta

    ByAdmin September 7, 2022October 12, 2022

    चिंता ( Chinta ) मनहरण घनाक्षरी   चिंता चिता समान है, तन का करें विनाश‌ खुशियों से झोली भरे, थोड़ा मुस्कुराइए।   छोड़ो चिंता जागो प्यारे, खुशियां खड़ी है द्वारे। हंसो हंसाओ सबको, माहौल बनाइए।   अंतर्मन जलाती है, आत्मा को ये रुलाती है। अधरो की मुस्कानों को, होंठों तक लाइए।   मत कर चिंता…

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  • Hindi mein kahani
    कहानियां

    मॉर्निंग वॉक बनाम पुष्प | Hindi mein kahani

    ByAdmin September 7, 2022

    मॉर्निंग वॉक बनाम पुष्प आप सोच रहे होंगे मॉर्निंग वॉक का पुष्प से क्या मतलब होता है l होता है जैसे ताजी हवा फूल की सुगंध रीना अपने 6 साल की बेटे के साथ बातें करते करते घूमने जाया करती थी मां का कर्तव्य भी होता है कि बच्चे को अच्छे संस्कार दे l बालक…

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  • Kavita adhar mein aadmi
    कविताएँ

    अधर में आदमी | Kavita adhar mein aadmi

    ByAdmin September 7, 2022

    अधर में आदमी ( Adhar mein aadmi )   अधर आदमी लटक रहा नीचे विषधर फैले हैं। भगवान रखवाला सबका जीवन के झमेले हैं।   जो दिग्गज है जोर उनका वही डोर हिलाते हैं। जो कमजोर पड़ा वक्त पे धराशाई हो जाते हैं।   महंगाई ने कमर तोड़ दी भागमभाग जिंदगी सारी। भ्रष्टाचार ने फन…

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  • Kavita aakhri salaam
    कविताएँ

    वो आखरी सलाम था | Kavita aakhri salaam

    ByAdmin September 6, 2022September 6, 2022

    वो आखरी सलाम था ( Wo aakhri salaam tha )   सीमा से तिरंगे में लिपटा वो अमर सपूत घर आया नैनों से अश्रुधारा बहती सबका कलेजा भर आया जिसके जोश जज्बे का कायल हर दिलवाला था वो देशभक्त मतवाला था वो देशभक्त मतवाला था भारत मां का लाड दुलारा वो राष्ट्रप्रेम पुजारी था बहना…

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  • Ghazal dil besahara
    शेरो-शायरी

    प्यार से दिल बेसहारा हो गया | Ghazal dil besahara

    ByAdmin September 6, 2022September 6, 2022

    प्यार से दिल बेसहारा हो गया ( Pyaar se dil besahara ho gaya )     प्यार से दिल बेसहारा हो गया कल यहां ऐसा इशारा हो गया   हम भला अब  किस तरह आवाज़ दे गैर दिल अब  ये तुम्हारा हो गया   पार  अब होगी   न  दूरी हिज्र की ज़ीस्त भर उससे किनारा…

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