Skip to content
TheSahitya – द साहित्य
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
  • EnglishExpand
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • My ProfileExpand
    • Logout
    • Account
TheSahitya – द साहित्य
  • Kare kajrare naina
    कविताएँ

    कारें कजरारे नैना | Kare kajrare naina | Kavita

    ByAdmin May 30, 2022

    कारें कजरारे नैना ( Kare kajrare naina )   काली आंखें तिरछे नैना दमक रहा आनन सारा प्रीत भरी इन आंखों में झलक रही प्रेम रसधारा   झील सी आंखें गहरी गहरी डूब न जाना नैनों में मादकता भरे ये लोचन अंदाज मस्ताना नैनों में   नैन कटीले काले कजरारे चले नैना तीर कटार मृगनयनी…

    Read More कारें कजरारे नैना | Kare kajrare naina | KavitaContinue

  • Ghazal kami dil mein
    शेरो-शायरी

    कमी दिल में | Ghazal kami dil mein

    ByAdmin May 29, 2022May 29, 2022

    कमी दिल में ( Kami dil mein )     कमी दिल में तुम्हारी ही यहाँ हो सनम मेरे चले आओ जहाँ हो   ख़ुशी के फूल क्या मुझपर बरसेंगे यहाँ  तो रोज़ ग़म की ही ख़िज़ाँ हो   ख़फ़ा होकर वही बैठा बहुत है यहाँ जिसकी यादें दिल में रवाँ हो   तुम्हारे बिन…

    Read More कमी दिल में | Ghazal kami dil meinContinue

  • Mere mann ka shor
    कविताएँ

    मेरे मन का शोर | Mere mann ka shor | Kavita

    ByAdmin May 29, 2022

    मेरे मन का शोर ( Mere mann ka shor )   विचारों की उथल-पुथल उमड़ा मेरे मन का शोर कल्पनाओं ने उड़ान भरी आया भावों का दौर   भावो का ज्वार हिलोरे ले रहा हलचल मची मन में उमंगे उठ रही नित नई साहस भर रहा नस-नस में   प्रचंड भाव प्रवाह मन का तूफान…

    Read More मेरे मन का शोर | Mere mann ka shor | KavitaContinue

  • Manav tan
    छंद

    मानव तन | Manav tan | Chhand

    ByAdmin May 28, 2022October 12, 2022

    मानव तन ( Manav tan ) मनहरण घनाक्षरी     नश्वर सी यह काया, तन को हमने पाया। देह गात स्वरूप को, दाग ना लगाइए।   कंचन सी काया मिली, पंचतत्वों का शरीर। मानव तन भाग्य से, हरि कृपा पाइए।   चंद सांसों का खेल है, आत्मा का जुड़ा है तार। मानुष जन्म में मिला,…

    Read More मानव तन | Manav tan | ChhandContinue

  • Poem bas wo biki nahi
    कविताएँ

    बस वो बिकी नहीं | Poem bas wo biki nahi

    ByAdmin May 28, 2022

    बस वो बिकी नहीं ( Bas wo biki nahi )   श्रृंगार की गजल कोई, हमने लिखी नहीं। सूरत हुजूरे दिल की, जबसे दिखी नहीं ॥   बिक गई थी लाखो में, इक तस्वीर बेहया, जिसमें लिखा था मां, बस वो बिकी नहीं ॥   हंसते रहे तमाम उम्र, जिसको छिपाके हम, हमसे वो बातें…

    Read More बस वो बिकी नहीं | Poem bas wo biki nahiContinue

  • Divya anubhuti
    छंद

    दिव्य अनुभूति | Divya anubhuti | Chhand

    ByAdmin May 28, 2022October 12, 2022

    दिव्य अनुभूति ( Divya anubhuti ) मनहरण घनाक्षरी   साधना आराधना से, दिव्य अनुभूति पाई। त्याग तप ध्यान योग, नित्य किया कीजिए‌।   हरि नाम सुमिरन, जपो नित अविराम। राम राम राम राम, भज लिया कीजिए।   मंदिर में दीप कोई, जलाता ले भक्तिभाव। रोशन यह जग सारा, ध्यान किया कीजिए।   घट घट वासी…

    Read More दिव्य अनुभूति | Divya anubhuti | ChhandContinue

  • Dharti ki pukar
    कविताएँ

    धरती की पुकार | Kavita dharti ki pukar

    ByAdmin May 28, 2022

    धरती की पुकार ( Dharti ki pukar )   जब धरती पे काल पड़ जाए हिमपात भूकंप आए वृक्ष विहीन धरा पे बारिश कहीं नजर ना आए   ज़र्रा ज़र्रा करें चित्कार सुनो सुनो धरती की पुकार सागर व्योम तारे सुन लो सारे जग के सुनो करतार   अनाचार अत्याचार पापाचार का बढ़े पारावार संस्कार…

    Read More धरती की पुकार | Kavita dharti ki pukarContinue

  • Aadi tirchi raah zindagi
    कविताएँ

    आड़ी तिरछी राह जिंदगी | Aadi tirchi raah zindagi | Kavita

    ByAdmin May 27, 2022

    आड़ी तिरछी राह जिंदगी ( Aadi tirchi raah zindagi )   हो रही गुमराह जिंदगी आड़ी तिरछी राह जिंदगी बदल रही जीने की राहें ढूंढ रही पनाह जिंदगी   सद्भावों के मेले लगते प्रेम प्यार दिलों में सजते कहां गया वो वक्त सलोना भाई भाई मन में बसते   स्वार्थ के मारे सब घूमे सारे…

    Read More आड़ी तिरछी राह जिंदगी | Aadi tirchi raah zindagi | KavitaContinue

  • Bargad laghu katha
    कहानियां

    बरगद | Bargad laghu katha

    ByAdmin May 27, 2022

    बरगद ( Bargad ) डॉ अलका अरोडा जी की मानवीय मूल्यों को जीवन्त करती लघुकथा   सुबह सुबह प्रेम की एसी झडी मैं पतिदेव से पूछ ही बैठी – प्रेम की यह छुअन स्वाभाविक नहीं जी !! स्त्री का मन प्रेम के बनावटीपन को पहचानने की शक्ति रखता है । बताओ क्या बात है क्यूं…

    Read More बरगद | Bargad laghu kathaContinue

  • Mhari nakhrali sali
    कविताएँ

    म्हारी नखराळी साळी | Marwadi Rachna

    ByAdmin May 27, 2022

    म्हारी नखराळी साळी ( Mhari nakhrali sali )   सुण म्हारी नखराळी साळी,गोरी ए मतवाळी मेळो देखण चालां आज्या,लारै म्हारै भोळी भाळी   बळखाती इतराती चालै,बहती पून सी कयां हालै देख चांदणी शरमावै,थारो रूप सहयो नहीं जावै   सावण सी रिमझिम बरसै, थारै सागै बादळिया आओ मेळो देखण चालां,मत चढ़ज्यों डागळिया   चाल चलै मतवाळी…

    Read More म्हारी नखराळी साळी | Marwadi RachnaContinue

Page navigation

Previous PagePrevious 1 … 599 600 601 602 603 … 837 Next PageNext
  • Home
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • About Us
  • Contact us
  • Sitemap
Facebook X Instagram YouTube TikTok

© 2026 TheSahitya - द साहित्य

  • English
    • Hindi
    • Bhojpuri
    • Nepali
    • Urdu
    • Arabic
    • Marathi
    • Punjabi
    • Bengali
  • Home
  • Write
  • Story
  • Poem
  • Article
  • Login/ Register
Search