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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Budhape ki dehri
    छंद

    बुढ़ापे की देहरी | Budhape ki dehri | Chhand

    ByAdmin May 23, 2022October 12, 2022

    बुढ़ापे की देहरी ( Budhape ki dehri ) मनहरण घनाक्षरी बुढ़ापे की देहरी पे, पग जब रख दिया। हाथों में लकड़ी आई, समय का खेल है।   बचपन याद आया, गुजरा जमाना सारा। बालपन की वो यादे, सुहानी सी रेल है।   भागदौड़ जिंदगी की, वक्त की मार सहते। लो आया बुढ़ापा देखो, नज़रो का…

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  • किया था प्यार
    शेरो-शायरी

    किया था प्यार | Ghazal kiya tha pyar

    ByAdmin May 22, 2022June 4, 2022

    किया था प्यार ( Kiya tha pyar )   किया था प्यार मगर हमनें जताया ही नही। वो कैसे जानती जो हमने बताया ही नही। रहा अफसोस हमेशा ही से ये दिल मे मेरे, क्यों ये जज्बात मेरे दिल के दिखाया ही नही।   2. नयन आँधी और तुफान बसा है, दो नयनों के अन्दर।…

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  • हृदयांगन संस्था मुंबई का पूर्वांचल उत्तर प्रदेश का दौरा
    साहित्यिक गतिविधि

    हृदयांगन संस्था मुंबई का पूर्वांचल उत्तर प्रदेश का दौरा

    ByAdmin May 22, 2022May 22, 2022

    हृदयांगन साहित्यिक संस्था की पूर्वांचल यात्रा जौनपुर, भदोही, वाराणसी, अयोध्याधाम होते हुये वाया लखनऊ कानपुर वापस।। यह यात्रा दिनांक 17 मई 2022 से 21 मई 2022 तक रही। कई विशिष्ट गणमान्य लोगो से मुलाकाते हुयी ।।सुप्रसिद्ध मंदिरो के दर्शन हुये ।। पतित पावनी गंगा जी की आरती तथा स्नान और सरयु नदी मे स्नान हुये।।…

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  • Jo chala gaya
    कविताएँ

    जो चला गया | Jo chala gaya | Poem in Hindi

    ByAdmin May 22, 2022

    1. जो चला गया   जो चला गया हैं छोड़ तुझे,उस मोह में अब क्या पड़ना हैं। जीवन सूखी बगिया में,  सब रंग तुम्हे ही भरना हैं। आसूं का संचय करो हृदय में, जिष्णु सा सम्मान भरो, इतिहास अलग ही लिखना है, अवनि को तुमको छूना है।   2. हमीं से मोहब्बत    हमीं से…

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  • Geet hai tujhe bhi ijazat
    कविताएँ

    है तुझे भी इजाजत | Geet hai tujhe bhi ijazat

    ByAdmin May 22, 2022May 22, 2022

    है तुझे भी इजाजत ( Hai tujhe bhi ijazat )   उतर आओ चांदनी सी मिल जाए जब भी फुर्सत। महकती वादियों में मिलना, है तुझे भी इजाजत। है तुझे भी इजाजत,है तुझे भी इजाजत   रुप का श्रंगार हो तुम, गुल गुलशन बहार हो तुम। कुदरत का कोई अजूबा, प्यार का इजहार हो तुम।…

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  • Chhand dakiya
    छंद

    डाकिया | Chhand dakiya

    ByAdmin May 21, 2022October 12, 2022

    डाकिया ( Dakiya ) मनहरण घनाक्षरी   सुख-दुख के संदेश, खुशियों के प्यार भरे। डाकिया का इंतजार, होता घर द्वार था।   आखर आखर मोती, चिट्ठी की महक लाता। इक छोटा पोस्टकार्ड, कागज में प्यार था।   चूड़ियों की खनक भी, बुलंदी की ललक भी। खुशियों का खजाना वो, डाक लाता जब था।   वो…

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  • Geet dil tod kar
    कविताएँ

    दिल तोड़कर | Geet dil tod kar

    ByAdmin May 21, 2022

    दिल तोड़कर ( Dil tod kar )   दिल तोड़कर ग़म से ही प्यार कर दिया! दिल इस क़दर  मेरा आजार कर दिया ये क्या हाये  तूने ये यार कर दिया क्यूं बेसहारा यूं  बेदर्द कर दिया   ये जिंदगी अकेली ऐसी हो गयी के भीड़ में तन्हाई का अहसास हो ऐसा मिला मुहब्बत में…

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  • Poem fursat mili
    कविताएँ

    फुरसत मिली | Poem fursat mili

    ByAdmin May 21, 2022

    फुरसत मिली ( Fursat mili )   फुरसत मिली, पढ़ लूं तहरीरें लिखी जो पानियों ने पानी पर सुना है जनमों से सब्र लिये बहता है कोई आबशार किसी के लिये कहीं पर बरसता अब्र, गीली ज़मीं, पर प्यास लिये मेरा मन, पानी, पानी बहता दरिया शायद मेरे लिये यहीं पर…. उफ़ुक उधर भी था,…

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  • Kavita divya bhumi
    कविताएँ

    दिव्य भूमि | Kavita divya bhumi

    ByAdmin May 21, 2022May 22, 2022

    1.दिव्य भूमि   दिव्य भूमि साकेत जहाँ पर, राम ने जन्म लिया था। कलयुग में वो भाग्य पे अपने, जार जार रोया था।   सृष्टि के साथ ही उदित हुआ,उस नगर का नाम था काशी। नराधमों ने काशी की महिमा को बना दिया दासी।   नाम बदल दी धर्म बदल दी, इतिहास मिटा दी सारी।…

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  • Poem Mujhe Haq Hai
    कविताएँ

    मुझे हक है | Poem Mujhe Haq Hai

    ByAdmin May 20, 2022

     मुझे हक है ( Mujhe Haq Hai )   दिल के सारे राज जानूं कैसी दिल की धड़कन है। मनमंदिर में पूजन कर लूं दीपक ले मेरा मन है।   सुबह शाम जब देखूं दिल में होती धक धक है। तेरा प्रेम मेरी जिंदगी है प्रियतम मेरे मुझे हक है।   डगर डगर पे तेरे…

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