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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • Poem dulaar
    कविताएँ

    दुलार | Poem dulaar

    ByAdmin February 25, 2022

    दुलार ( Dulaar )     नन्ना मुन्ना राजदुलारा, सबकी आंखों का तारा। आशाओं भरा सितारा, खुशियों का खजाना सारा।   खुशी की शुभ घड़ी आई, घर-घर बंट रही बधाई‌। दादी अम्मा को दुहाई, किलकारी सबके मन भाई। बधाई हो बधाई,बधाई हो बधाई।   नटखट बालक इठलाता, मोहक मोहक मुस्काता। कृष्ण कन्हैया सलोना, ठुमक ठुमक…

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  • Poem holi aayi re
    कविताएँ

    होली आई रे होली आई रे | Poem holi aayi re

    ByAdmin February 24, 2022

    होली आई रे, होली आई रे ( Holi aayi re, holi aayi re )   होळी आई रे सांवरिया खेलां फाग भरी होली आई रे, होली आई रे   रंग गुलाल अबीर लगावा चंदन तिलक बारी-बारी होली आई रे, होली आई रे   रंग रंगीलो फागण आयो, मस्ती भरर्यो माहौल हो छायो भर पिचकारी केसर…

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  • Holi ka huddang
    कविताएँ

    होली का हुड़दंग | Poem on holi in Hindi

    ByAdmin February 23, 2022

    होली का हुड़दंग ( Holi ka huddang )   होली में हुड़दंग मचाना, अच्छा लगता है। स्वर लहरी हो मस्ती भरी, गाना अच्छा लगता है।।   धमालों पर रसिया नाचे, स्वांग रचाते नर नारी। पिचकारी से इक दूजे को, रंग लगाना अच्छा लगता है।।   गौरी नित का काग उड़ाये, मेरो साजन कब घर आए।…

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  • Holi ki kavita
    कविताएँ

    होली का मौसम आ गया | Holi ki kavita

    ByAdmin February 23, 2022

    होली का मौसम आ गया ( Holi ka mausam aa gaya )   होली का रंग भा गया, मस्ताना मौसम आ गया। भरी सभा में फाग सुनाएं, फागुन रंग रंगीला छा गया।।   सारे मस्ती में झूमे गाए, एक दूजे को गुलाल लगाएं। गौरी नित का काग उड़ावे, परदेसी कब मेरा घर आवे।।   बजे…

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  • Ghazal ruswa
    शेरो-शायरी

    मुहब्बत में यहाँ रुस्वा करे कोई | Ghazal ruswa

    ByAdmin February 23, 2022February 23, 2022

    मुहब्बत में यहाँ रुस्वा करे कोई ! ( Muhabbat mein yahan ruswa kare koi )     मुहब्बत में यहाँ रुस्वा करे कोई ! निगाहों से ऐसे देखा करे कोई   असर ऐसा मगर हो दोस्ती का ही यहाँ हो वो मुझे  ढूंढ़ा करे कोई   नहीं उसके गया हूँ घर मगर मैं फ़िर मुझी…

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  • Kavita vidhan
    कविताएँ

    विधान | Kavita vidhan

    ByAdmin February 22, 2022

    विधान ( Vidhan )   विधि का विधान है या नियति का खेल कोई डोर  हाथों  में उसके करतार करता सब होई   दुनिया का दस्तूर यही है जगत का विधान प्यारे बुराई का अंत बुरा भलाई दमकाती भाग्य सितारे   न्याय का विधान हमारा प्यारा है संविधान हमारा जनता को हर अधिकार दिलों में…

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  • Kavita umar
    कविताएँ

    उम्र | Kavita umra

    ByAdmin February 22, 2022

    उम्र ( Umra )   जो हंसते मुस्काते रहते मोती प्यार के लुटाते रहते उनकी उम्र जवां रहती है सबको गले लगाते रहते   बचपन जवानी बुढ़ापा जिंदगी के है पड़ाव हमारे खट्टे मीठे आते सदा जीवन में उतार-चढ़ाव प्यारे   उम्र झलकती चेहरे से ढलती उम्र जाती पहचानी चिंता से बेकार हो जाती हंसती…

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  • Basant ritu par chhand
    छंद

    बसंत | मनहरण घनाक्षरी | Basant ritu par chhand

    ByAdmin February 22, 2022October 12, 2022

    बसंत   हर्षाता खुशियां लाया, सुहाना बसंत आया। बहारें लेकर आया, झूम झूम गाइए।   मधुमास मदमाता, उर उमंगे जगाता। वासंती बयार आई, खुशियां मनाइए।   पीली सरसों महकी, खिली कलियां चहकी। फूलों पे भंवरे छाए, प्रेम गीत गाइए।   प्रीत के तराने छेड़े, मुरली की तान मीठी। मदन मोहन बंसी, मधुर बजाइये।     कवि…

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  • Poem ghoorti nigahen
    कविताएँ

    घूरती निगाहें | Poem ghoorti nigahen

    ByAdmin February 22, 2022

    घूरती निगाहें ( Ghoorti nigahen )   सिर पर तलवारों सी लगती हमको घूरती निगाहें अंगारों से वार सहती रहती अक्सर जीवन राहें   जाने क्यों भृकुटियां तनी नैनो से ज्वाला सी बरसे झील सी आंखें दिखाती तीर तलवार भाला बरछे   घूरती निगाहों का भी हौसलों से सामना कर लो बर्बादियों का कहर है…

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  • शब्दाक्षर संस्थान, झुन्झुनू राष्ट्रीय कवि चौपाल प्रकाशन, बीकानेर
    साहित्यिक गतिविधि

    शब्दाक्षर संस्थान, झुन्झुनू राष्ट्रीय कवि चौपाल प्रकाशन, बीकानेर

    ByAdmin February 22, 2022

    अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर देश की 51 महिला कवयित्रियों का सम्मान एवं काव्य पाठ कार्यक्रम नवलगढ़ में होगा ********** सभी महिला कवियत्रियों/साहित्यकारों को प्रणाम, आदाब, नमस्कार | आप सब को बताते हुए हर्ष हो रहा है कि अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शब्दाक्षर संस्थान नवलगढ़ एवं राष्ट्रीय कवि चौपाल प्रकाशन बीकानेर के संयुक्त तत्वावधान…

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