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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • पाठक मंच थाटीपुर इकाई के मासिक पाठक मंच का आयोजन संपन्न
    साहित्यिक गतिविधि

    पाठक मंच थाटीपुर इकाई के मासिक पाठक मंच का आयोजन संपन्न

    ByAdmin February 27, 2022January 25, 2023

    प्रेस नोट “देहरी का दीप भावनाओं के परिपाक का सुमधुर प्रतिफल” देहरी का दीप में प्रेम और विरह की मार्मिक अभिव्यक्ति “पाठक मंच थाटीपुर इकाई के मासिक पाठक मंच का आयोजन संपन्न” ग्वालियर/ साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद भोपाल से सम्बद्ध पाठक मंच थाटीपुर इकाई के मासिक पाठक मंच का आयोजन ऑनलाइन रूप से किया…

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  • Poem niyati
    कविताएँ

    नियति | Poem niyati

    ByAdmin February 27, 2022

    नियति ( Niyati )   नियति ने क्या खेल रचाया हे ईश्वर ये कैसी माया कहर बन कोरोना आया कांपी दुनिया घर बैठाया   नीति नियम तोड़े न जाते कुदरत का पार न पाते डोर थामे ऊपर वाला कठपुतली सा नाच नचाते   सुखों का सागर उमड़े कहीं दुखों की गिरती गाज विधि का विधान…

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  • Poem prem
    कविताएँ

    प्रेम | Poem prem

    ByAdmin February 27, 2022February 27, 2022

    प्रेम ( Prem )   लिख देता हूँ नाम तेरा पर, बाद मे उसे मिटाता हूँ। और फिर तेरे उसी नाम पर,फिर से कलम चलाता हूँ।   एक बार हो तो समझे कोई, बार बार दोहराता हूँ। कैसी है यह प्रीत मेरी जो, बिना समझ कर जाता हूँ।   बैठ अकेले में पागल सा, मैं…

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  • Poem alvida sardi
    कविताएँ

    अलविदा सर्दी | Poem alvida sardi

    ByAdmin February 27, 2022

    अलविदा सर्दी (  Alvida sardi )     आ गया मधुमास सुहाना चली मस्त बयार सर्दी को अलविदा कहने लगे सब नर नार   फागुन महीना आ गया खिलने लगी धूप भी ठंड गायब हो गई कलियां खिली अनूप सी   धुंध कोहरा ओस सारे अब छोड़ चली पुरवाई खुशबू फैली बागानों में महक उठी…

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  • Poem yaad
    कविताएँ

    याद तेरी जब आती है | Poem yaad

    ByAdmin February 26, 2022

    याद तेरी जब आती है ( Yaad teri jab aati hai )   मन  के  जुड़ते  तार  सभी, दूरियां मिट जाती है। मधुर मधुर दुनिया लगती, याद तेरी जब आती है।   खुल जाता किस्मत ताला, सारी बातें उर भाती है। स्वर संगीत सुहाता लगता, याद तेरी जब आती है।   मधुर बरसता सावन लगता,…

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  • Ghazal be haya
    शेरो-शायरी

    बे हया फ़िर शबाब क्यों उतरे | Ghazal be haya

    ByAdmin February 26, 2022

    बे हया फ़िर शबाब क्यों उतरे ( Be haya phir shabab kyon utre )     बे हया फ़िर  शबाब क्यों उतरे शक्ल से ही हिजाब क्यों उतरे   जब जुबां है अदब भरी हर पल बेहया पर ज़नाब क्यों उतरे   है मना बिन हिजाब  के रहना फ़िर बे पर्दा गुलाब क्यों उतरे  …

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  • Ghazal khayal hoon main tere khwab ka
    शेरो-शायरी

    ख्याल हूँ मैं तेरे ख्वाब का | Ghazal Khayal Hoon Main

    ByAdmin February 26, 2022January 29, 2023

    ख्याल हूँ मैं तेरे ख्वाब का ( khayal hoon main tere khwab ka )   ख्याल हूँ मैं, तेरे ख्वाब का तसव्वुर से निकली तो हकीकत में उलझ न जाऊँ कहीं   अशआ’र तेरे , गज़ल हूँ मैं ज़हन से निकली तो पन्नों पर बिखर न जाउँ कहीं   नज़र तेरी, मंजर सुहाना हूँ मैं…

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  • Poem apna dharm batana hai
    कविताएँ

    अपना धर्म बताना है | Poem apna dharm batana hai

    ByAdmin February 25, 2022February 25, 2022

    अपना धर्म बताना है ( Apna dharm batana hai )   बुझी हुई चिंगारी है ये, फिर से इसमे आग भरो। याद करो इतिहास पुराना, और फिर से हुंकार भरो।   कोटि कोटि हिन्दू के मन में, धर्म के प्रति सम्मान भरो। दानव दल फिर प्रबल ना होए,तुम ऐसा प्रतिकार करो।   नही सहिष्णु हमें…

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  • रंग केसरिया छाया
    कविताएँ

    रंग केसरिया छाया | Poem rang kesariya chhaya

    ByAdmin February 25, 2022February 25, 2022

    रंग केसरिया छाया ( Rang kesariya chhaya )   हर हर महादेव स्वर गूंजे स्वर लहरियां लाया है भारत भू के खंड खंड में रंग केसरिया छाया है   तपोभूमि त्याग तपस्या तलवारों का है जोश जहां रणवीरों रणधीरों में भरा भारतमाता जयघोष यहां   वीर शिवाजी छत्रपति शूरमां महाराणा प्रताप यहां दानी कर्ण कृष्ण…

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  • श्रेष्ठ कीर्तियों पर पुरस्कार | शुभ समाचार
    साहित्यिक गतिविधि

    श्रेष्ठ कीर्तियों पर पुरस्कार | शुभ समाचार

    ByAdmin February 25, 2022February 25, 2022

      शुभ समाचार एक लाख रु के 52 सम्मान, इक्यावन हजार के 60 सम्मान और बोलियों पर 51 हजार के 12 सम्मान अर्थात कुल 124 सम्मान 88 लाख की राशि के एक लंबित कार्य को पूर्ण करने की दिशा में महत्वपूर्ण चरण। साहित्य अकादमी के कृति आधारित प्रत्येक वर्ष दिए जाने वाले सम्मान पुरस्कारों की…

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